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टाटा मोटर्स का EV चार्जिंग स्टेशंस की संख्या को दोगुना करने का टारगेट

देश में पिछले फाइनेंशियल ईयर में EV की बिक्री बढ़कर लगभग 90,432 यूनिट्स की थी। भारत में लगभग 1.5 लाख EV चार्जिंग स्टेशंस हैं

टाटा मोटर्स का EV चार्जिंग स्टेशंस की संख्या को दोगुना करने का टारगेट

EV की संख्या के लिहाज से राजधानी दिल्ली का अग्रणी स्थान है

ख़ास बातें
  • भारत में लगभग 1.5 लाख EV चार्जिंग स्टेशंस हैं
  • EV को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से भी उपाय किए गए हैं
  • दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुजरात में कोई नहीं या कम फिक्स्ड टैरिफ है
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इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) के मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली Tata Motors ने देश में EV के लिए चार्जिंग स्टेशंस की संख्या को दो वर्षों में दोगुना करने की योजना बनाई है। कंपनी ने बताया है कि 2027 तक इन चार्जिंग स्टेशंस को बढ़ाकर लगभग चार लाख तक पहुंचाया जाएगा। 

इसके लिए चार्जवाइंट ऑपरेटर्स और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ टाई-अप किया जाएगा। टाटा मोटर्स ने 120 kW पर रेटेड लगभग 500 फास्ट चार्जिंग स्टेशंस का 'Tata.ev Mega Charger Network' भी लॉन्च किया है। इसके लिए टाटा पावर, Chargezone, Statiq और Zeon के साथ टाई-अप किया गया है। इस बारे में टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर, Shailesh Chandra ने बताया, "इससे चार्जिंग की स्पीड, विश्वसनीयता और यूजर्स का एक्सपीरिएंस बढ़ेगा। कस्टमर्स की आशंकाओं को दूर करने में मदद के लिए एक यूनिफाइड चार्जिंग हेल्पलाइन और पेमेंट सॉल्यूशन पेश किया जा रहा है।" 

देश में पिछले फाइनेंशियल ईयर में EV की बिक्री बढ़कर लगभग 90,432 यूनिट्स की थी। भारत में लगभग 1.5 लाख EV चार्जिंग स्टेशंस हैं। पिछले वर्ष एक रिपोर्ट में बताया गया था कि देश में EV के लिए पब्लिक चार्जिंग की डिमांड को पूरा करने के लिए 2030 तक लगभग 16,000 करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर की जरूरत होगी। EV को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से भी उपाय किए गए हैं। 

FICCI EV पब्लिक चार्जि्ंग इंफ्रास्ट्रक्चर रोडमैप 2030 रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई थी। इस रिपोर्ट में 700 से अधिक शहरों का विश्लेषण किया गया था। इनमें से टॉप 20 शहरों और 20 हाइवे के लिए पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए प्रायरिटी दी जा सकती है। इस रिपोर्ट में बताया गया था, "इन टॉप 40 शहरों में अगले तीन-पांच वर्षों में EV की संख्या अधिक होने का अनुमान है। इन 40 शहरों को जोड़ने वाले 20 हाइवे के जरिए व्हीकल्स के ट्रैफिक का लगभग 50 प्रतिशत योगदान होता है।"  दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुजरात में कोई नहीं या कम फिक्स्ड टैरिफ है। हालांकि, कुछ अन्य राज्यों में चार्जिंग के लिए फिक्स्ड टैरिफ ज्यादा है। EV की संख्या के लिहाज से राजधानी दिल्ली का अग्रणी स्थान है। दिल्ली में व्हीकल्स के कुल रजिस्ट्रेशंस में से लगभग 11.5 प्रतिशत EV हैं। राजधानी में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ाया जा रहा है। इसके बाद केरल 11.1 प्रतिशत EV के साथ है। 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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