• होम
  • ऐप्स
  • ख़बरें
  • Apple ने ऐप्स के मार्केट में दबदबे का गलत इस्तेमाल किया, CCI की जांच में खुलासा

Apple ने ऐप्स के मार्केट में दबदबे का गलत इस्तेमाल किया, CCI की जांच में खुलासा

एपल के खिलाफ कुछ अन्य देशों में भी इस तरह के आरोप लगे हैं। पिछले महीने यूरोपियन यूनियन में रेगुलेटर्स ने कहा था कि कंपनी के टेक नियमों का उल्लंघन किया है

Apple ने ऐप्स के मार्केट में दबदबे का गलत इस्तेमाल किया, CCI की जांच में खुलासा

ऐप्स के मार्केट में कंपनी गलत कारोबारी तरीके अपना रही थी

ख़ास बातें
  • एपल के खिलाफ कुछ अन्य देशों में भी इस तरह के आरोप लगे हैं
  • EU के रेगुलेटर्स ने कहा है कि कंपनी पर टेक नियमों का उल्लंघन किया है
  • पिछले कुछ वर्षों में आईफोन की सेल्स तेजी से बढ़ी है
विज्ञापन
अमेरिकी डिवाइसेज और टेक्नोलॉजी कंपनी Apple ने अपने iOS ऑपरेटिंग सिस्टम पर ऐप्स के मार्केट में अपनी मजबूत स्थिति का गलत इस्तेमाल किया था। कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिय़ा (CCI) की एक जांच में यह पाया गया है कि कंपनी ऐप्स के मार्केट में गलत कारोबारी तरीके अपना रही थी। 

CCI की एक गोपनीय रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट को Reuters ने देखा है। लगभग तीन वर्षों से CCI इस मामले की जांच कर रहा है। हालांकि, एपल ने इससे इनकार किया था। कंपनी ने कहा था कि देश में Google के एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स की बड़ी संख्या है और उसके पास इस मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी नहीं है। CCI की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि, इस 142 पेज की रिपोर्ट को CCI ने देखा है। इसमें कहा गया है कि कंपनी का इस पर बड़ा प्रभाव था कि डिजिटल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज किस तरीके से उपभोक्ताओं तक पहुंचते हैं। इसके लिए कंपनी अपने iOS प्लेटफॉर्म और App Store का इस्तेमाल करती है। 

इस रिपोर्ट के अनुसार, "एपल का ऐप स्टोर ऐप डिवेलपर्स के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रेडिंग पार्टनर है। इस वजह से ऐप डिवेलपर्स के पास कंपनी की अनुचित शर्तों को मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इन शर्तों में एपल के प्रॉपराइटरी बिलिंग और पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करना शामिल है। ऐप डिवेलपर्स के नजरिए से कंपनी का iOS प्लेटफॉर्म जरूरी है।" इस बारे में टिप्पणी के लिए भेजे गए निवेदन का एपल और CCI ने जवाब नहीं दिया। 

एपल के खिलाफ कुछ अन्य देशों में भी इस तरह के आरोप लगे हैं। पिछले महीने यूरोपियन यूनियन में रेगुलेटर्स ने कहा था कि कंपनी के टेक नियमों का उल्लंघन किया है। इस वजह से iPhone बनाने वाली एपल पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐप डिवेलपर्स पर लगाई गई नई फीस को लेकर भी कंपनी एक जांच का सामना कर रही है। हाल ही में एपल ने बहुत से देशों में यूजर्स को मर्सेनरी स्पाइवेयर के अटैक की चेतावनी दी थी। कंपनी की ओर से अप्रैल में भी इस तरह का अलर्ट दिया गया था। यह थ्रेट नोटिफिकेशन 98 देशों में आईफोन यूजर्स को भेजा गया है। एपल ने यूजर्स से उनके डिवाइसेज की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाने को कहा है। 


(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. देश में जल्द शुरू हो सकता है बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट का फीचर
  2. फीचर फोन से लेकर स्मार्ट TV तक बेचने वाली वाली Cellecor का रेवेन्यू को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का टारगेट 
  3. नई Maruti कार खरीदने की सोच रहे हैं? अगस्त से पहले कर लें बुकिंग, बढ़ने वाली हैं कीमतें
  4. Redmi Note 17 Pro Max जल्द हो सकता है लॉन्च, NBTC पर लिस्टिंग 
  5. CP PLUS ने लॉन्च किए नए 4G Dashcams, GPS और डुअल कैमरा के साथ कीमत ₹7,599 से शुरू
  6. किचन में पड़ी इस छोटी सी चीज से बढ़ जाती है Wi-Fi स्पीड? जानें कैसे काम करती है ये वायरल ट्रिक
  7. Oppo Find X10 Pro Max में हो सकता है MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट  
  8. Xiaomi Pad 9 के लॉन्च की तैयारी, 9,720mAh हो सकती है बैटरी
  9. स्टूडेंट्स Samsung के इस ऑफर से न चूकें! प्रीमियम फोन, लैपटॉप और AI डिवाइसेज सस्ते में लेने का मौका
  10. Redmi Watch 6 Active, Watch 6 Lite की कीमत और स्पेसिफिकेशंस लॉन्च से पहले लीक!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »