समुद्र गर्म हो रहा है। वैज्ञानिक यह तथ्य कई वर्षों से जानते हैं। समुद्र के गर्म होने से आने वाले वर्षों में तटों पर बसे कई शहरों के डूबने का खतरा है। अब एक नई स्टडी ने इस चिंता को बढ़ा दिया है। इसमें कहा गया है कि बीते चार दशकों में समुद्र के गर्म होने की रफ्तार चौगुनी हो गई है। यह स्टडी जरनल एनवायरनमेंटल रिसर्च लेटर्स में पब्लिश हुई है। इसमें कहा गया है कि 1980 के दशक में समुद्र का तापमान प्रति दशक 0.06 डिग्री सेल्सियस बढ़ रहा था, जो मौजूदा समय में 0.27 डिग्री सेल्सियस प्रति दशक (10 साल) हो गया है।
स्टडी के प्रमुख लेखक और प्रोफेसर क्रिस मर्चेंट ने कहा है कि अगर समुद्र की तुलना एक बाथटब से करें तो 1980 के दशक में उसमें गर्म पानी धीरे-धीरे आ रहा था लेकिन अब वह तेज हो गया है। मर्चेंट ने कहा कि गर्म होते समुद्र के हालात बेहतर करने का सिर्फ एक उपाय है। हमें वैश्विक कार्बन उत्सर्जन को कम करना ही होगा। स्टडी में पता चला है कि साल 2023 और 2024 के शुरुआत में वैश्विक समुद्री तापमान अपने उच्चतम स्तर पर था।
हालांकि रिसर्च से यह नहीं पता चला है कि समुद्र के गर्म होना भविष्य में किस स्तर पर जारी रहेगा। ऐसा लगता है कि समुद्र 40 साल में जितना गर्म हुआ है, अगले 20 साल में उतना गर्म हो जाएगा। पिछले साल एक स्टडी में सामने आया था कि ग्रीनलैंड (Greenland) में बर्फ की चादर बहुत तेजी से पिघल रही है। वहां मौजूद बर्फ अमेरिका के टेक्सास शहर से आकार में तीन गुना बड़ी है। इसका सीधा असर भी समुद्र के जलस्तर पर होगा, जिसमें बढ़ोतरी होने से तटीय शहरों में मंडराता खतरा गहराता जाएगा।
एक अन्य
रिपोर्ट के अनुसार, जिस तरह से दुनियाभर में समुद्र का स्तर बढ़ रहा है, उससे बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन हो सकता है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, लगभग 3,000 साल पूर्व से 100 साल पूर्व तक समुद्र का स्तर स्वाभाविक रूप से बढ़ता और कम होता था। लेकिन पिछले 100 साल में ग्लोबल टेंपरेचर लगभग 1 डिग्री सेल्सियस (1.8 डिग्री फ़ारेनहाइट) बढ़ गया है।
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