• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • अंतरिक्ष घूमकर आए आलू, मटर, मक्‍का अब पृथ्‍वी पर रोपे जाएंगे, क्‍या है पूरा मामला? जानें

अंतरिक्ष घूमकर आए आलू, मटर, मक्‍का अब पृथ्‍वी पर रोपे जाएंगे, क्‍या है पूरा मामला? जानें

यह कल्‍चरल एंड स्‍टेम (cultural and STEM) स्‍टडी का हिस्‍सा है। स्‍टेम का पूरा नाम साइंस, टेक्‍नॉलजी, इंजीनियरिंग एंड मैथ है।

अंतरिक्ष घूमकर आए आलू, मटर, मक्‍का अब पृथ्‍वी पर रोपे जाएंगे, क्‍या है पूरा मामला? जानें

इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन धरती से 400 किलोमीटर ऊपर लो-अर्थ ऑर्बिट यानी पृथ्‍वी की निचली कक्षा में मौजूद है।

ख़ास बातें
  • अंतरिक्ष में भेजे गए बीजों को पृथ्‍वी रोपने की तैयारी
  • अमेरिका के एक स्‍कूल में रोपे जाएंगे बीज
  • सूक्ष्‍म गुरुत्‍वाकर्षण और स्‍पेस रेडिएशन के असर को देखा जाएगा
विज्ञापन
अंतरिक्ष में कई महीनों तक रखने के बाद वैज्ञानिकों ने कई प्रकार के बीजों (Seeds) को पृथ्‍वी पर वापस भेज दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस वसंत की शुरुआत में बीजों को पृथ्‍वी पर रोपा जाएगा। यह कल्‍चरल एंड स्‍टेम (cultural and STEM) स्‍टडी का हिस्‍सा है। यहां स्‍टेम का पूरा नाम साइंस, टेक्‍नॉलजी, इंजीनियरिंग एंड मैथ है। स्‍पेसडॉटकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल नवंबर में पांच किस्‍म के बीज- स्‍वीट पोटैटो, मटर, मक्‍का और लैम्ब्सक्वार्टर को इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) पर भेजा गया था। 

सभी बीजों का वजन एक पाउंड (500 ग्राम) था। इन्‍हें 5 महीनों तक स्‍पेस में माइक्रोग्रैविटी (सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण) और स्‍पेस रेडिएशन के संपर्क में रखा गया। इस साल अप्रैल में ये बीज पृथ्‍वी पर लौट आए थे। प्रोजेक्‍ट का नाम चॉक्टॉ हेरलूम सीड्स इन्वेस्टिगेशन (Choctaw Heirloom Seeds investigation) है। इसका मकसद अमेरिकी युवाओं को STEM में करियर बनाने के लिए प्रोत्‍साहित करना है। 

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के ओक्‍लाहामा में जोन्स अकादमी बोर्डिंग स्कूल के स्‍टूडेंट्स इन बीजों को उनके स्‍कूल गार्डन में लगाएंगे। स्‍टूडेंट्स से कहा गया है कि वो इन बीजों की ग्रोथ का पूर्वानुमान लगाएं। 
 

क्‍या है इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन?  

यह धरती से 400 किलोमीटर ऊपर लो-अर्थ ऑर्बिट यानी पृथ्‍वी की निचली कक्षा में मौजूद है। इसमें अमेरिका, रूस और उनके सहयोगी देशों के एस्‍ट्रोनॉट्स की एक टीम हमेशा तैनात रहती है और अंतरिक्ष से जुड़े प्रयोगों को पूरा करती है। इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन लगभग 7.6 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा करता है। इस दौरान यह 24 घंटों में 16 बार पृथ्वी का चक्‍कर लगाता है। 

आईएसएस पर फ‍िलहाल क्रू-9 मिशन की टीम मौजूद है। यह टीम अगले साल फरवरी मार्च में धरती पर लौटेगी। तब उसमें अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्‍स (Sunita williams) और बुच विल्‍मोर (butch willmore) भी शामिल होंगे। 

बहरहाल, यह देखना दिलचस्‍प होगा कि स्‍पेस में रहकर आए बीज धरती पर कैसी ग्रोथ कर पाते हैं।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. 400 लीटर क्षमता वाला फ्रिज Xiaomi ने किया लॉन्च, 1 घंटे में ऑटोमेटिक ही बनाता है बर्फ! जानें कीमत
  2. अंतरिक्ष में होने वाली है टक्कर! चांद से टकराएगा 8700 किमी प्रतिघंटा रफ्तार वाला रॉकेट का हिस्सा
  3. 70 फीट चौड़ा एस्टरॉयड आज पहुंच रहा धरती के पास! तबाही का खतरा?
  4. iQOO 15T आ रहा 200MP मेन कैमरा, 8000mAh बैटरी, धांसू फोटोग्राफी, गेमिंग फीचर्स के साथ, लॉन्च से पहले जानें सबकुछ
  5. यह लैपटॉप नहीं, पावरबैंक है! Krafted Edge, लैपटॉप चार्जिंग के लिए 20,000mAh का 65W पावरबैंक, जानें सबकुछ
  6. Ola की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में 2,000 करोड़ रुपये लगाने की तैयारी
  7. Honor Win Turbo जल्द होगा लॉन्च, मेटल का होगा फ्रेम 
  8. Samsung Galaxy M47 हुआ गीकबेंच पर लिस्ट, 8GB रैम, Snapdragon चिप का खुलासा
  9. 25 हजार सस्ता मिल रहा OnePlus का 4 कैमरों वाला फोन! धांसू डिस्काउंट ऑफर
  10. पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »