Satellite Launch

Satellite Launch - ख़बरें

  • Portronics का 150W Home Theatre लॉन्च, लिमिटेड टाइम के लिए ₹4 हजार का डिस्काउंट
    Portronics ने भारतीय बाजार में अपना नया Pure Sound Pro X2 होम थिएटर सिस्टम लॉन्च किया है। यह 5.1-Channel ऑडियो सेटअप और 150W साउंड आउटपुट के साथ आता है। इसमें Soundbar, Wired Subwoofer और दो Satellite Speakers दिए गए हैं। कनेक्टिविटी के लिए Bluetooth 5.4, HDMI (ARC), Optical, USB और AUX जैसे विकल्प मिलते हैं। यूजर्स Music, Movie, News और Night समेत चार EQ मोड्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। कंपनी ने इसका MRP 9,999 रुपये रखा है, जबकि लॉन्च ऑफर के तहत इसे 5,999 रुपये में खरीदा जा सकता है।
  • SpaceX की एक और छलांग! अंतरिक्ष में पहुंचाए 24 नए Starlink सैटेलाइट
    SpaceX ने अंतरिक्ष में 24 नए सैटेलाइट छोड़कर एक और नई छलांग लगा दी है। अरबपति एलन मस्क की कंपनी SpaceX नासा के लिए कई मिशनों में काम कर रही है। कंपनी ने 19 मई को पृथ्वी की निचली कक्षा में 24 नए स्टारलिंक सैटेलाइट प्रक्षेपित कर दिए।
  • लॉन्च सही, लेकिन सैटेलाइट पहुंचा कहीं और! जानें क्या हुआ Blue Origin के मिशन में
    Blue Origin के New Glenn रॉकेट की हालिया लॉन्चिंग फेल हो गई, जिससे सैटेलाइट सही ऑर्बिट में नहीं पहुंच पाया। कंपनी के मुताबिक, अपर स्टेज के एक इंजन ने पर्याप्त थ्रस्ट नहीं दिया, जिसके चलते मिशन प्रभावित हुआ। यह लॉन्च फ्लोरिडा से किया गया था और फर्स्ट स्टेज बूस्टर सफलतापूर्वक लैंड भी कर गया था। घटना के बाद रॉकेट की आगे की लॉन्चिंग फिलहाल रोक दी गई है और जांच जारी है। यह सैटेलाइट AST SpaceMobile के नेटवर्क का हिस्सा बनने वाला था, जो डायरेक्ट सैटेलाइट-टू-स्मार्टफोन कनेक्टिविटी पर काम कर रहा है।
  • Amazfit T Rex Ultra 2: टाइटेनियम बॉडी और 6 सैटेलाइट GPS वाली नई स्मार्टवॉच हुई लॉन्च, जानें कीमत
    Amazfit ने T Rex Ultra 2 स्मार्टवॉच लॉन्च कर दी है, जो 1.5 इंच AMOLED डिस्प्ले, सैफायर ग्लास प्रोटेक्शन और ग्रेड 5 टाइटेनियम बॉडी के साथ आती है। डिवाइस Zepp OS 5 पर चलती है और 6 सैटेलाइट पोजिशनिंग सिस्टम सपोर्ट करती है। इसमें 64GB इंटरनल स्टोरेज, 187 से ज्यादा वर्कआउट मोड और 870mAh बैटरी दी गई है। कंपनी के मुताबिक यह सामान्य उपयोग में 30 दिन तक चल सकती है। इसकी कीमत 549.99 डॉलर रखी गई है और यह वेबसाइट व Amazon पर उपलब्ध है।
  • Elon Musk की टेंशन बढ़ाने मैदान में उतरे Amazon फाउंडर! सैटेलाइट से इंटरनेट देने वाली सर्विस लॉन्च
    Blue Origin ने अपने नए सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क TeraWave की घोषणा कर दी है, जिससे Jeff Bezos की कंपनी सीधे तौर पर Elon Musk के Starlink को चुनौती देगी। कंपनी के मुताबिक, TeraWave के तहत 5,408 सैटेलाइट्स को LEO और MEO ऑर्बिट में तैनात किया जाएगा और इसकी शुरुआत 2027 की चौथी तिमाही से होगी। यह नेटवर्क एंटरप्राइज, डेटा सेंटर और सरकारी ग्राहकों को टारगेट करेगा और 6 टेराबिट प्रति सेकेंड तक की डेटा कैपेसिटी देने का दावा किया गया है।
  • रास्ते से भटका ISRO का रॉकेट! 16 सैटेलाइट लेकर गया है PSLV, जानें क्या हुआ तीसरे स्टेज में
    ISRO के Polar Satellite Launch Vehicle के 64वें मिशन PSLV-C62 में लॉन्च के कुछ मिनट बाद तकनीकी अनियमितता दर्ज की गई है। श्रीहरिकोटा से सुबह 10:18 बजे लॉन्च हुए इस मिशन में रॉकेट के पहले और दूसरे स्टेज ने सामान्य प्रदर्शन किया, लेकिन तीसरे स्टेज में ट्रेजेक्टरी में झुकाव देखा गया। ISRO चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन के मुताबिक, डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यह मिशन 2025 में हुई PSLV की विफल उड़ान के बाद एक अहम वापसी माना जा रहा था।
  • ISRO बना ग्लोबल हीरो! 'बाहुबली' रॉकेट से स्पेस में पहुंचाई सबसे भारी विदेशी सैटेलाइट, सेट किया रिकॉर्ड
    ISRO के हेवी-लिफ्ट रॉकेट LVM3-M6 ने श्रीहरिकोटा से सफल उड़ान भरते हुए अमेरिका के BlueBird-6 कम्युनिकेशन सैटेलाइट को ऑर्बिट में स्थापित किया है। यह अब तक किसी भारतीय लॉन्च व्हीकल द्वारा ले जाया गया सबसे भारी पेलोड है। यह मिशन आम स्मार्टफोन्स तक सीधे स्पेस से ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने के लक्ष्य से जुड़ा है। करीब 15 मिनट की उड़ान के बाद सैटेलाइट 520 किलोमीटर की ऊंचाई पर अपने तय ऑर्बिट में पहुंचा। यह भारत की कमर्शियल स्पेस लॉन्च क्षमता को ग्लोबल लेवल पर मजबूत करता है।
  • Starlink क्या है, कैसे करता है काम? भारत में इसकी कीमत से लेकर फायदे–कमियों तक, यहां समझें सब कुछ
    भारत में Starlink को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है, खासकर तब से जब रिपोर्ट्स ने इसकी संभावित कीमत और लॉन्च की ओर इशारा किया है। SpaceX की यह सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस लो-अर्थ ऑर्बिट में घूमते हजारों सैटेलाइट्स की मदद से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड देती है, जो मुश्किल इलाकों में भी काम कर सकती है। भारत के लिए कंपनी ने अभी आधिकारिक प्राइस घोषित नहीं किया है, लेकिन ET की रिपोर्ट बताती है कि मंथली प्लान 2,500-3,500 रुपये और हार्डवेयर किट लगभग 25,000-30,000 रुपये हो सकती है। Starlink दूर-दराज क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर बन सकती है, हालांकि कीमत और मौसम का असर इसके सामने बड़ी चुनौतियां हैं।
  • ISRO के NISAR सैटेलाइट का सफल लॉन्च, धरती की निगरानी में होगा मददगार
    इस सैटेलाइट को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के साथ मिलकर बनाया है।इस सैटेलाइट के ऑर्बिट में पहुंचने के बाद इसके डुअल-फ्रीक्वेंसी राडार एक दिन में धरती का 14 बार चक्कर लगाएंगे। इससे प्रत्येक 12 दिनों में धरती पर सभी जमीन और बर्फ की सतहों की स्कैनिंग की जाएगी। यह सैटेलाइट धरती की सतह पर 1 सेंटीमीटर जितने बदलाव को भी रिकॉर्ड कर सकेगा।
  • भारत-अमेरिका का अंतरिक्ष मिशन NISAR सैटेलाइट आज होगा लॉन्च, दुनिया को इस खतरे से बचाएगा, ऐसे देखें लॉन्च इवेंट
    भारत की NASA-ISRO NISAR सैटेलाइट आज लॉन्च होने जा रही है। यह मिशन स्पेस साइंस, अर्थ ऑब्जर्वेशन और क्लाइमेट स्टडी में “गेमचेंजर” माना जा रहा है। अमेरिका की NASA और भारत की ISRO ने पहली बार इस स्तर की हाई-टेक राडार सैटेलाइट के लिए साझेदारी की है। NISAR की खासियत इसकी डुअल-बैंड Synthetic Aperture Radar तकनीक है, जो हर 12 दिन में पूरे पृथ्वी के सर्वे को संभव बनाएगी। इस सैटेलाइट के जरिए भूकंप, सुनामी, भूस्खलन जैसे आपदाओं का अलर्ट व मैपिंग के साथ कई अन्य कार्यों में मदद मिलेगी। आइए जानते हैं यह सैटेलाइट क्या करेगा, क्यों इतना अहम है और आप इसका लॉन्च लाइव कैसे देख सकते हैं।
  • धरती की निगरानी के लिए कल NISAR सैटेलाइट लॉन्च करेंगे ISRO और NASA
    NISAR सैटेलाइट को आंध्र प्रदेश में सतीश धवन स्पेस सेंटर से 30 जुलाई को 8:10 a.m. (भारतीय समय के अनुसार) लॉन्च किया जाएगा। इसके लिए पिकअप ट्रक के साइज के स्पेसक्राफ्ट का इस्तेमाल होगा। इस सैटेलाइट के ऑर्बिट में पहुंचने के बाद इसके डुअल-फ्रीक्वेंसी राडार एक दिन में धरती का 14 बार चक्कर लगाएंगे। इससे प्रत्येक 12 दिनों में धरती पर सभी जमीन और बर्फ की सतहों की स्कैनिंग की जाएगी।
  • ISRO EOS-09 Launch: दुश्मन पर पैनी नजर रखने वाला जासूसी सैटेलाइट EOS-09 लॉन्च
    ISRO ने नए जासूसी सैटेलाइट EOS-09 को आज सुबह 5:59 बजे अंतरिक्ष में लॉन्च कर दिया। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान सी-61 (PSLV-C61) इस सैटेलाइट के साथ अंतरिक्ष के सफर पर रवाना हुआ। इसरो का यह 101वां मिशन है। हालांकि खबर लिखे जाने तक ISRO की ओर से बताया गया कि 2nd स्टेज तक मिशन में सबकुछ सही था लेकिन 3rd स्टेज में यह फेल हो गया।
  • 7200 सैटेलाइट्स में SpaceX ने जोड़े 28 और नए! ग्लोबल ब्रॉडबैंड नेटवर्क में कंपनी की एक और छलांग ...
    SpaceX कंपनी Starlink सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज उपलब्ध करवाती है जिसे कंपनी लगातार एक्सपेंड कर रही है। इसके सैटेलाइट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। कंपनी ने गुरूवार को स्टारलिंक सैटेलाइट के तारामंडल में 28 नए मेंबर जोड़ दिए। कंपनी के 7200 सैटेलाइट्स पहले से ही Starlink सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस उपलब्ध करवाने के लिए पृथ्वी की निचली कक्षा में तैनात हैं। सैटेलाइट इंटरनेट पृथ्वी के दुर्गम हिस्सों में भी पहुंच सकता है।
  • सैटेलाइट से इंटरनेट देने वाली Starlink के इंडिया लॉन्च का रास्ता साफ, कंपनी ने मानी सरकार की शर्तें!
    Starlink ने कथित तौर पर DoT की अहम शर्तों को मान लिया है, जिसके चलते उसकी भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड कनेक्शन सर्विस को लॉन्च करने का रास्ता कथित तौर पर अब साफ होता नजर आ रहा है। पब्लिकेशन को बताया गया है कि एलन कंपनी सरकार के डेटा लोकलाइजेशन और सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा करने के लिए सहमत हो गई है, जिसके बाद अब स्टारलिंक का भारत लाइसेंस आवेदन एक कदम आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
  • कॉफी मग जितना छोटा दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट LignoSat लॉन्‍च, क्‍या करेगा? जानें
    अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा' और जापान की स्‍पेस एजेंसी ‘जाक्‍सा' ने दुनिया के पहले लकड़ी के सैटेलाइट को स्‍पेस में लॉन्‍च कर दिया है। लिग्नोसैट (LignoSat) नाम के सैटेलाइट को स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) पर भेजा गया है, जो धरती से 400 किलोमीटर ऊपर है। अंतरिक्ष यात्री देखना चाहते हैं कि लकड़ी का इस्‍तेमाल किस तरह से मंगल और चंद्रमा पर स्‍पेस मिशनों के लिए किया जा सकता है। उसी मकसद के साथ लिग्नोसैट को रवाना किया गया है।

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