10 करोड़ साल पहले का डायनासोर मिला! पानी में तैरता था खूंखार शिकारी

स्पाइनोसॉरस मिराबिलिस को उथले पानी का शिकारी बताया गया है। यह मुख्य रूप से भोजन के लिए मछलियों का शिकार करता था।

10 करोड़ साल पहले का डायनासोर मिला! पानी में तैरता था खूंखार शिकारी

जीवाश्म वैज्ञानिकों ने स्पाइनोसॉरस की एक नई प्रजाति की खोज की है (प्रतीकात्मक फोटो))

ख़ास बातें
  • वैज्ञानिकों ने डायनासोर की एक नई प्रजाति स्पाइनोसॉरस के बारे में खोज की।
  • यह एक विशाल मांसाहारी डायनासोर था।
  • यह मुख्य रूप से भोजन के लिए मछलियों का शिकार करता था।
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वैज्ञानिकों ने डायनासोर की एक नई प्रजाति स्पाइनोसॉरस के बारे में पता लगाया है जिसके डायनासोर साइज में काफी बड़े थे। जीवाश्म वैज्ञानिकों ने स्पाइनोसॉरस की एक नई प्रजाति की खोज की घोषणा की है। यह एक विशाल मांसाहारी डायनासोर था और आकार में टायरानोसॉरस रेक्स के बराबर का बताया जा रहा है। स्पाइनोसॉरस की खोज बताती है कि डाइनोसॉर प्रजाति में कितनी विविधता मौजूद थी। साथ ही इस नए प्राणी की खोज उनकी जीवनशैली के नए आयाम के बारे में जानकारी देती है। क्योंकि ये उथले पानी में चलते भी थे। आइए जानते हैं विस्तार से स्पाइनोसॉरस के बारे में क्या कहती है खोज। 

जीवाश्म वैज्ञानिकों ने डाइनासोर की एक अहम खोज की है। वैज्ञानिकों ने स्पाइनोसॉरस की एक नई प्रजाति की खोज की है जिसे स्पाइनोसॉरस मिराबिलिस (Spinosaurus mirabilis) नाम दिया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ये करीब 10 करोड़ साल पहले पृथ्वी पर विचरण करते थे। इसके जीवाश्म सहारा रेगिस्तान में स्थित नाइजर के ज़ेंगुएबी नामक एक रिमोट एरिया में पाए गए हैं। जनर्ल Science में इस खोज को प्रकाशित किया गया है। इसके जबड़े कुछ हिस्से 2019 में मिले थे। 2022 में दो और शिखर खोजे गए जिससे महत्वपूर्ण जीवाश्म साक्ष्य पूरे हो गए।

उथले पानी का शिकारी
स्पाइनोसॉरस मिराबिलिस को उथले पानी का शिकारी बताया गया है। यह मुख्य रूप से भोजन के लिए मछलियों का शिकार करता था। वैज्ञानिक कहते हैं कि यद्यपि इसका निवास स्थान प्राचीन टेथिस सागर के लगभग 600 मील भीतर था, फिर भी यह जलीय वातावरण के अनुकूल अच्छी तरह से ढल गया था। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसके सिर के ऊपर स्थित बड़ी हड्डी की चोटी शायद बेहद आकर्षक रंग की रही होगी और केराटिन से ढकी हुई होगी।

इस शोध का नेतृत्व करने वाले शिकागो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पॉल सेरेनो ने इसे 'नरक का बगुला' कहा है। प्रोफेसर ने इसके शिकार करने के तरीकों और शारीरिक संरचना के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने कहा कि यह डायनासोर अपने मजबूत पैरों की मदद से दो मीटर गहरे पानी में आसानी से तैर सकता था। हालांकि, उनका मानना ​​है कि यह अपना अधिकांश समय उथले पानी में बिताता था, जहां उस समय बड़ी मछलियां बहुतायत में पाई जाती थीं।
 

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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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