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Laws - ख़बरें

  • ऑनलाइन गेमिंग पर बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब
    इस बैन के खिलाफ दायर एक याचिका में कहा गया था कि यह कानून स्किल की ऑनलाइन गेम्स खेलने के वैध बिजनेस को 'अपराध' बनाता है। इससे विभिन्न गेमिंग फर्मों को बंद करना होगा। इस याचिका में इस बैन को रमी और पोकर जैसी स्किल की गेम्स पर लागू करने को लेकर असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बैन को एक बड़ा फैसला बताया था।
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के बाद Zupee ने की 30 प्रतिशत वर्कर्स की छंटनी
    इस सेगमेंट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली Zupee ने अपने 30 प्रतिशत स्टाफ की छंटनी की है। Zupee ने बताया है कि वह अपने बिजनेस में बदलाव करेगी और उसकी योजना संस्कृति से जुड़ी गेम्स और शॉर्ट वीडियो कंटेंट को पेश करने की है। हालांकि, Zupee ने छंटनी के दायरे में आए वर्कर्स के लिए रिलीफ पैकेज भी देने की जानकारी दी है। इसमें वर्कर्स को नोटिस पीरियड के अलावा वित्तीय सहायता देना शामिल है।
  • चीन की टेक्नोलॉजी के सहारे पाकिस्तान में डिजिटल जासूसी का खेल, 40 लाख लोगों के फोन टैप!
    Amnesty International की रिपोर्ट “Shadows of Control” ने पाकिस्तान की जासूसी व्यवस्था को उजागर कर दिया है। चीन की Geedge Networks और कई अन्य विदेशी कंपनियों की मदद से बने Web Monitoring System (WMS 2.0) और Lawful Intercept Management System (LIMS) लाखों नागरिकों की निजी बातचीत और इंटरनेट एक्सेस को कंट्रोल करते हैं। इस सर्वेलांस ने पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की आजादी और डिजिटल प्राइवेसी को गंभीर खतरे में डाल दिया है।
  • टीम इंडिया की टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए बिड नहीं दे सकेंगी क्रिप्टो, रियल मनी गेमिंग फर्में, BCCI ने दी जानकारी
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मंगलवार को बताया है कि टीम इंडिया के लीड स्पॉन्सरशिप राइट्स के लिए क्रिप्टो और रियल मनी गेमिंग से जुड़ी कंपनियों को बिड करने की अनुमति नहीं होगी।पिछले महीने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल को संसद में पारित किया गया था। इस कानून के लागू होने के बाद देश में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लग जाएगी।
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर सरकार के बैन को मिली पहली कानूनी चुनौती
    पिछले सप्ताह ऑनलाइन गेमिंग को चलाने और इनके विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने से जुड़ा बिल संसद के दोनों सदनों में पारित किया गया था। यह कानून इस इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका है। इस बैन को गेमिंग फर्म A23 ने अदालत में चुनौती दी है। इस सप्ताह की शुरुआत में देश के चुनिंदा गेम डिवेलपर्स और पब्लिशर्स ने एक एसोसिएशन बनाने की जानकारी दी थी।
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के बाद गेमिंग फर्मों ने बनाई एसोसिएशन
    इंडियन गेम पब्लिशर्स एंड डिवेलपर्स एसोसिएशन (IGPDA) में SuperGaming, Reliance Games, Dot9 Games, Nazara Technologies, Gametion, nCore Games और कुछ अन्य कंपनियां शामिल हैं। IGPDA ने महाराष्ट्र सरकार के साथ भी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप करने का प्रपोजल दिया है। इसके तहत, मुंबई में गेमिंग फर्मों और इनवेस्टर्स को लाने के लिए पॉलिसी की मांग की गई है।
  • भारत में TikTok पर बैन बरकरार, कंपनी ने अनुमति मिलने से किया इनकार
    मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) ने कुछ वर्ष पहले राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा की प्राइवेसी को लेकर आशंकाओं की वजह से इस चाइनीज ऐप पर बैन लगाया था। टिकटॉक के प्रवक्ता ने एक स्टेटमेंट में पुष्टि की है कि भारत में इस शॉर्ट वीडियो ऐप पर प्रतिबंध बरकरार है। इससे पहले भी इस ऐप से बैन हटाए जाने की अफवाह उठ चुकी है
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के खिलाफ कोर्ट जा सकती हैं बड़ी गेमिंग कंपनियां
    Dream 11 और Gameskraft सहित कुछ ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां इस बैन के खिलाफ केंद्र सरकार को कोर्ट में खींच सकती हैं। इस बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ये कंपनियां अपने लॉयर्स के साथ बातचीत कर रही हैं। एक सूत्र ने कहा कि ये व्यक्तिगत तौर पर याचिकाएं दायर करने या एक फेडरेशन के तौर पर कोर्ट में जाने के विकल्पों पर विचार कर रही हैं।
  • केंद्र सरकार के कड़े कानून के बाद ऑनलाइन मनी गेमिंग बिजनेस को बंद करेंगी Dream11 और Zupee!
    प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल के बुधवार को लोकसभा में पारित होने के एक दिन बाद यह बिल राज्यसभा में ध्वनि मत से पारित किया गया है। इस कानून में ऑनलाइन मनी गेमिंग के दोषी पाए जाने पर 3 वर्ष तक की कैद या एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, विपक्ष की ओर से इस बिल का कड़ा विरोध किया गया है।
  • ऑनलाइन गेमिंग को बैन करने के लिए संसद ने दी हरी झंडी
    मिनिस्टर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, Ashwini Vaishnaw ने राज्यसभा में इस बिल को पेश करते हुए कहा, "ऑनलाइन मनी गेमिंग की आदत ड्रग्स की लत के जैसी है। इन गेम्स को चलाने वाले लोग इस फैसले को अदालतों में चुनौती देंगे। वे इस प्रतिबंध के खिलाफ सोशल मीडिया पर कैम्पेन चलाएंगे। हमने इन गेम्स का असर और यह देखा है कि कैसे इस रकम का आतंकवाद की मदद के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।"
  • सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टो से जुड़े कानून को बताया पुराना, सरकार को रेगुलेशन बनाने की सलाह
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि Bitcoin जैसी क्रिप्टोकरेंसीज से जुड़े मौजूदा कानून 'पुराने'हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बताया है कि इन डिजिटव एसेट्स के रेगुलेशन की व्यवस्था में 'कमी' है और केंद्र सरकार को इसका समाधान करने के लिए कदम उठाने चाहिए। यह पहली बार नहीं है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर स्पष्ट कानून बनाने पर जोर दिया है।
  • मलेशिया में गैर कानूनी क्रिप्टो माइनिंग से इलेक्ट्रिसिटी की चोरी 300 प्रतिशत बढ़ी
    क्रिप्टो माइनिंग के लिए इलेक्ट्रिसिटी का अधिक इस्तेमाल करने वाले एडवांस्ड कंप्यूटर्स की जरूरत होती है। मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin की सबसे अधिक माइनिंग की जाती है। इससे क्रिप्टो माइनर्स को नए टोकन जेनरेट करने पर रिवॉर्ड मिलता है। मलेशिया में इलेक्ट्रिसिटी की चोरी करने वालों को 10 वर्ष तक कैद के साथ ही भारी पेनाल्टी चुकानी पड़ सकती है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने बिटकॉइन में ट्रेडिंग को हवाला की तरह बताया
    भारत में केंद्र सरकार का क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर रवैया सख्त रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी बिटकॉइन को लेकर आशंका जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने बिटकॉइन में ट्रेडिंग को हवाला कारोबार की तरह बताया है। इसके साथ ही कोर्ट ने वर्चुअल करेंसीज के रेगुलेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं करने पर केंद्र सरकार को भी फटकार लगाई है।
  • सोशल मीडिया, OTT पर अश्लील कंटेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब
    जस्टिस B R Gavai और Augustine George Masih की बेंच ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए उपाय लागू करना विधानमंडल या कार्यकारिणी की जिम्मेदारी है। बेंच का कहना था, "यह सुप्रीम कोर्ट के अधिकार क्षेत्र के अंदर नहीं है। इस बारे में केंद्र सरकार की ओर पेश हुए सॉलिसिटर जनरल, Tushar Mehta ने कहा कि सरकार इसे एक प्रतिकूल कानूनी मामले के तौर पर नहीं लेगी।
  • फ्रॉड के मामलों में जब्त की गई क्रिप्टोकरेंसी की कस्टडी के लिए ED का CoinDCX से टाई-अप
    एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के साथ टाई-अप किया है। ED ने फ्रॉड के मामलों की जांच के दौरान बड़ी रकम की क्रिप्टोकरेंसीज को जब्त किया है। इस क्रिप्टोकरेंसी की सुरक्षित तरीके से स्टोरेज के लिए यह एग्रीमेंट किया गया है। पिछले कुछ महीनों में ED ने गैर कानूनी क्रिप्टो फर्मों पर शिकंजा कसा है।

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