ऑनलाइन गेमिंग पर बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर एक विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए कहा है

ऑनलाइन गेमिंग पर बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस बैन को एक बड़ा फैसला बताया था

ख़ास बातें
  • प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के जरिए यह बैन लगाया गया है
  • इससे ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी बहुत सी कंपनियों का कारोबार बंद हो गया है
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस बैन को एक बड़ा फैसला बताया था
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देश में हाल ही में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लगाई गई थी। इसके लिए में प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर एक विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इस बैन के बाद ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी बहुत सी कंपनियों का कारोबार बंद हो गया है। 

इस मामले में जस्टिस J B Pardiwala की अगुवाई वाली एक बेंच को गेमिंग कंपनियों ने बताया है कि उनका कारोबार एक महीने से अधिक से बंद है और इस बैन को लेकर नियमों का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के खिलाफ दायर याचिकाओं को खुद को ट्रांसफर कर लिया था। ये याचिकाएं दिल्ली हाई कोर्ट के साथ ही कर्नाटक और मध्य प्रदेश के हाई कोर्ट में दाखिल की गई थी। 

मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने इस कानून से जुड़े सभी लंबित मामलों को सुप्रीम कोर्ट को ट्रांसफर करने का निवेदन किया था। मिनिस्ट्री की दलील थी कि समान कानून पर हाई कोर्ट्स के अलग निष्कर्ष हो सकते हैं और इससे अनिश्चितता की स्थिति बन सकती है। इस बैन के खिलाफ दायर एक याचिका में कहा गया था कि यह कानून स्किल की ऑनलाइन गेम्स खेलने के वैध बिजनेस को 'अपराध' बनाता है। इससे विभिन्न गेमिंग फर्मों को बंद करना होगा। इस याचिका में इस बैन को रमी और पोकर जैसी स्किल की गेम्स पर लागू करने को लेकर असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई थी। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस बैन को एक बड़ा फैसला बताया था। उन्होंने कहा था कि ऑनलाइन गेमिंग नहीं  बल्कि गैंबलिंग खराब है। मोदी का कहना था कि ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, "ऑनलाइन गेम्स से हमारे छात्रों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग इससे कर्ज में फंस रहे हैं और कुछ लोगों ने आत्महत्या भी की है।" उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेम्स से जुड़ी वित्तीय मुश्किलों की वजह से कई परिवार तबाह हुए हैं। उन्होंने कहा था कि बहुत से ऑनलाइन ऐप्लिकेशंस को गेम्स के तौर पर दिखाया जाता है लेकिन वे गैंबलिंग से जुड़े होते हैं। गैंबलिंग से जुड़े ऑनलाइन गेम्स लत लगाने वाले होते हैं। 

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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