Apple ने कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया के खिलाफ हाई कोर्ट से लगाई गुहार

Apple के ऐप स्टोर की पॉलिसीज से जुड़े एक जांच के हिस्से के तौर पर CCI ने ये फाइनेंशियल रिकॉर्ड मांगे हैं। CCI की जांच में कंपनी पर ऐप स्टोर को लेकर अपनी मजबूत स्थिति का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था

Apple ने कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया के खिलाफ हाई कोर्ट से लगाई गुहार

पिछले वर्ष के अंत में CCI ने कंपनी से फाइनेंशियल रिकॉर्ड मांगा था

ख़ास बातें
  • कंपनी ने CCI के फाइनेंशियल जानकारी मांगने को गैर कानूनी बताया है
  • CCI की ओर से Apple के ऐप स्टोर की पॉलिसीज से जुड़ी एक जांच की जा रही है
  • एपल को आशंका है कि उसे 38 अरब डॉलर तक का जुर्माना चुकाना पड़ सकता है
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अमेरिकी डिवाइसेज मेकर एपल ने कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) के उसके इंटरनेशनल फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स मांगने पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से गुहार लगाई है। Apple के ऐप स्टोर की पॉलिसीज से जुड़ी एक जांच के हिस्से के तौर पर CCI ने ये फाइनेंशियल रिकॉर्ड मांगे हैं।  

Reuters की एक रिपोर्ट में कोर्ट में दाखिल किए गए दस्तावेजों के हवाले से बताया गया है कि कंपनी ने फाइनेंशियल जानकारी मांगने को गैर कानूनी बताया है। CCI की जांच में कंपनी पर ऐप स्टोर को लेकर अपनी मजबूत स्थिति का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, एपल ने इस आरोप से इनकार किया है। इस बारे में एपल और CCI को टिप्पणी के लिए भेजे गए निवेदनों का उत्तर नहीं मिला है। 

कंपनी ने कहा है कि उसे आशंका है कि अगर CCI ने पेनल्टी लगाने के लिए उसके इंटरनेशनल टर्नओवर का इस्तेमाल किया तो उसे 38 अरब डॉलर तक का जुर्माना चुकाना पड़ सकता है। देश के एक कोर्ट में कंपनी ने 2024 के पेनल्टी से जुड़े रूल्स को चुनौती दी है। इस मामले की सुनवाई चल रही है। CCI ने इसके बावजूद पिछले वर्ष के अंत में कंपनी से फाइनेंशियल रिकॉर्ड मांगा था। दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल की गई एक अपील में एपल ने कहा है कि इस चरण पर CCI को कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और पूरी जांच को रोकने निर्देश दिया जाए। 

एपल की दलील है कि अगर उसे फाइनेंशियल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए मजबूर किया जाता है तो इससे पेनल्टी रूल्स के खिलाफ उसकी मुख्य कानूनी चुनौती का उद्देश्य समाप्त हो जाएगा। इस मामले में CCI ने अपने पक्ष में कहा है कि इंटरनेशनल कंपनियों की ओर से कानून के उल्लंघन को रोकने के लिए ऐसा करना जरूरी है। दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को होनी है। एपल के लिए भारत एक बड़ा मार्केट है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने 50 अरब डॉलर से ज्यादा के भारत में बने iPhones का एक्सपोर्ट किया है। कंपनी ने चीन में अपनी मैन्युफैक्चरिंग को घटाया है। इस वजह से भारत में आईफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ोतरी हो रही है। इस वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में कंपनी ने लगभग 16 अरब डॉलर के आईफोन मॉडल्स का एक्सपोर्ट किया है। 

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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