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It - ख़बरें

  • IT एंप्लॉयीज एसोसिएशन ने की वर्क-फ्रॉम-होम को अनिवार्य बनाने की मांग, प्रधानमंत्री मोदी की अपील का असर
    Nascent Information Technology Employees Senate (NITES) ने लेबर एंड एंप्लॉयमेंट मिनिस्ट्री से IT और IT-एनेबल्ड सर्विसेज से जुड़ी कंपनियों को यह निर्देश देने का निवेदन किया है कि जहां कारगर हो वहां एंप्लॉयीज को रिमोट तरीके से वर्क की अनुमति दी जाए। कोरोना महामारी के दौरान इस इंडस्ट्री ने अपने लगभग सभी एंप्लॉयीज को वर्क-फ्रॉम-होम पर शिफ्ट किया था।
  • Infosys में बंपर हायरिंग, 20,000 फ्रेशर्स का होगा रिक्रूटमेंट
    इंफोसिस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, Jayesh Sanghrajka ने बताया कि पिछले फाइनेंशियल ईयर में 20,000 फ्रेशर्स की हायरिंग की गई थी। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में भी कंपनी की समान संख्या में रिक्रूटमेंट करने की योजना है। पिछले फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही में तीसरी तिमाही की तुलना में इंफोसिस की वर्कफोर्स में 8,440 की कमी हुई है। मार्च के अंत में कंपनी के पास 3,28,594 कुल वर्कर्स थे।
  • YouTube वीडियो से शुरू हुआ खेल, नकली ऐप और WhatsApp ग्रुप ने कराई 11.8 लाख की ठगी
    एक महिला ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कैम का शिकार हो गई, जिसमें उससे 11.8 लाख रुपये ठग लिए गए। शिकायत के मुताबिक उसने YouTube पर एक ट्रेडिंग वीडियो देखा, जिसके बाद उसे WhatsApp ग्रुप में जोड़ लिया गया। यहां उसे निवेश के लिए प्रेरित किया गया और अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। महिला ने 6 मार्च से 14 मार्च के बीच कई किश्तों में रकम जमा की, लेकिन उसे कोई रिटर्न नहीं मिला। मामले में IT Act और BNS के तहत केस दर्ज किया गया है।
  • भारत में भी क्या बच्चे नहीं चला पाएंगे सोशल मीडिया?
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने डीपफेक पर सख्त नियमों की जरूरत को बताया और आने वाले दो सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में अनुमानित 200 अरब डॉलर के निवेश की सराहना की। एआई इम्पैक्ट समिट में वैष्णव ने कहा कि बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन एक ऐसा मुद्दा है जिसे अब कई देश मान रहे हैं कि उम्र के आधार पर प्रतिबंध होना जरूरी है। वर्तमान में हम डीपफेक और कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ उम्र के आधार पर बैन को लेकर बातचीत कर रहे हैं।
  • AI से कंटेंट बनाने वाले सावधान! डीपफेक और AI वीडियो पर भारत सरकार की लगाम, यहां पढ़ें नए नियम
    सरकार ने Information Technology Rules में संशोधन कर AI-जनरेटेड कंटेंट को औपचारिक रूप से रेगुलेट किया है। 20 फरवरी से लागू होने वाले IT Rules 2026 के तहत “synthetically generated information” की परिभाषा तय की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब AI से बने कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा और यूजर्स से इसकी घोषणा भी लेनी होगी। टेकेडाउन और शिकायत निपटान की समयसीमा को काफी कम कर दिया गया है, जिसमें कुछ मामलों में कंटेंट हटाने का समय 2 घंटे तक सीमित किया गया है।
  • AI Job Cuts: कॉल सेंटर, HR समेत AI से इन जॉब्स को बड़ा खतरा! IBM के सीईओ ने चेताया
    IBM सीईओ अरविंद कृष्णा ने कहा है कि AI के आने से कई जॉब्स जैसे IT, HR और कस्टमर सर्विस आदि में सबसे ज्यादा कटौती देखने को मिल सकती है। लेकिन यह सिक्के का सिर्फ एक पहलू है। AI नई नौकरियां भी पैदा करेगा।
  • Anthropic के नए AI टूल से सहमी टेक कंपनियां, लीगल वर्क को करेगा ऑटोमेट
    SaaSpocalypse की जानकारी सामने आने के बाद अमेरिका में वॉल स्ट्रीट पर टेक कंपनियों के शेयर्स में बड़ी गिरावट हुई है। इससे Adobe, Cognizant, Thomson Reuters और Gartner जैसी कंपनियों के शेयर्स सात प्रतिशत से लेकर 20 प्रतिशत तक टूटे हैं। भारत में भी IT कंपनियों के शेयर्स पर इसका बड़ा असर पड़ा है। TCS का शेयर लगभग सात प्रतिशत, Infosys का लगभग आठ प्रतिशत और HCL का पांच प्रतिशत से अधिक गिरा है।
  • Moltbook: 14 लाख AI एजेंट मिलकर उड़ा रहे इंसानों का मज़ाक, AI की इस दुनिया में इंसानों की 'नो एंट्री!'
    Moltbook एक नव-निर्मित नेटवर्क प्लेटफॉर्म है जो केवल AI एजेंट्स के लिए बना है। यहां पर AI एजेंट्स अपने विचार साझा करते हैं, विषयों पर बातचीत करते हैं, एक दूसरे के साथ इंटरेक्ट करते हैं, लेकिन इंसानों के लिए यहां कोई परमिशन नहीं दी गई है। आप केवल बैठकर इनकी बातचीत को देख सकते हैं।
  • बोरिंग साइनबोर्ड से छुटकारा! Samsung लाई 13 इंच बड़ा E-Paper डिस्प्ले, कहीं भी रखो, बिना बिजली चलेगा
    Samsung की ओर से नया E-Paper डिस्प्ले लॉन्च किया गया है। जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, यह एक ऐसा डिस्प्ले है जो दिखता तो पेपर जैसा है लेकिन डिजिटल डिवाइस की तरह काम करता है। इसका मैटिरियल भी पेपर की तरह बहुत पतला है। यह एक तरह से डिजिटल साइनेज (digital signage) है जो पेपर की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • फ्रेशर्स के लिए बड़ी खबर! HCLTech ने बढ़ाई सैलेरी, इस फील्ड में देगा 22 लाख तक का पैकेज
    HCLTech ने 2026 की फ्रेशर हायरिंग को लेकर अपनी सैलरी स्ट्रैटेजी में बदलाव किया है। कंपनी ने AI, डेटा इंजीनियरिंग, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे एरिया में काम करने वाले चुनिंदा फ्रेशर्स के लिए प्रीमियम पैकेज तय किए हैं। कंपनी के मुताबिक, इन “एलीट कैडर” फ्रेशर्स की सालाना सैलरी 18 लाख रुपये से 22 लाख रुपये तक हो सकती है, जो रेगुलर फ्रेशर पैकेज से कई गुना ज्यादा है। इस कदम को IT सेक्टर में टॉप-क्वालिटी टैलेंट को आकर्षित करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
  • TCS को लगा झटका, प्रॉफिट में हुई बड़ी गिरावट
    तीसरी तिमाही में TCS की ऑपरेटिंग इनकम बढ़कर लगभग 16,889 करोड़ रुपये की रही है। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह इनकम 15,657 करोड़ रुपये की थी। TCS का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग पांच प्रतिशत बढ़कर 67,087 करोड़ रुपये का रहा हैTCS ने शेयरहोल्डर्स के लिए 11 रुपये के तीसरे इंटरिम डिविडेंड और 46 रुपये प्रति शेयर के स्पेशल डिविडेंड की भी घोषणा की है।
  • WFH पड़ा भारी, ऑफिस न आने पर इस भारतीय IT कंपनी ने अटका दिए सैलेरी अप्रेजल!
    भारत की सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने वर्क-फ्रॉम-ऑफिस पॉलिसी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन कर्मचारियों ने तय ऑफिस अटेंडेंस नियमों का पालन नहीं किया, उनके फाइनल एनिवर्सरी अप्रेजल्स को फिलहाल रोक दिया गया है। यह कदम ऐसे समय में आया है, जब इंडस्ट्री का बड़ा हिस्सा अब भी हाइब्रिड मॉडल पर काम कर रहा है। TCS पहले ही हफ्ते में पांच दिन ऑफिस से काम करने की अनिवार्यता लागू कर चुकी है और अब परफॉर्मेंस व अप्रेजल को भी सीधे अटेंडेंस से जोड़ दिया गया है।
  • TCS ने वर्क-फ्रॉम-ऑफिस का रूल नहीं मानने वर्कर्स की सैलरी में बढ़ोतरी पर लगाई रोक  
    बहुत सी IT कंपनियों में वर्कर्स को एक सप्ताह में दो या तीन दिन ऑफिस से कार्य करने के नियम का पालन करना होता है। TCS ने वेरिएबल पे को भी अटेंडेंस के रूल का पालन करने से जोड़ा है। हालांकि, इस पॉलिसी में प्रति तिमाही व्यक्तिगत इमरजेंसी के लिए इस रूल में छह दिन की छूट दी गई है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 5.4 प्रतिशत घटा है।
  • ChatGPT for Healthcare: OpenAI ChatGPT की अब हेल्थकेयर में एंट्री! अस्पतालों, डॉक्टर्स को ऐसे होगा फायदा
    OpenAI के ChatGPT की एंट्री अब हेल्थकेयर में भी हो चुकी है। कंपनी ने दो दिन पहले ChatGPT Health को लॉन्च किया था। अब उसके ठीक बाद इसका नया AI स्यूट चैटजीपीट फॉर हेल्थकेयर (ChatGPT for Healthcare) भी पेश कर दिया गया है। ChatGPT Health जहां कंज्यूमर्स को सपोर्ट करता है, ChatGPT for Healthcare मेडिकल सर्विस मुहैया करवाने वालों को सपोर्ट करेगा जिसमें अस्पताल, मेडिकल इंस्टीट्यूशन, डॉक्टर्स आदि को फायदा पहुंचेगा।
  • 22 हजार कर्मचारियों की जाएगी नौकरी! इस दावे ने छेड़ दी बड़ी बहस, Microsoft ने कहा...
    Microsoft को लेकर सोशल मीडिया पर छंटनी की नई रिपोर्ट्स ने कर्मचारियों और टेक इंडस्ट्री में चिंता बढ़ा दी है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि कंपनी जनवरी 2026 में 22,000 तक नौकरियों में कटौती कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, Azure, Xbox और सेल्स टीम्स पर असर पड़ सकता था। हालांकि, Microsoft के सीनियर अधिकारियों ने इन दावों को पूरी तरह गलत और अटकलों पर आधारित बताया है। कंपनी का कहना है कि फिलहाल ऐसे किसी बड़े Layoff की कोई योजना नहीं है।

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