AI के आने से कॉल सेंटर जॉब्स 50 प्रतिशत तक कम हो सकती हैं।
IBM के सीईओ अरविंद कृष्णा ने AI का जॉब्स पर प्रभाव व्यापक बताया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जब से आया है, तब से दुनियाभर में इस बात को लेकर चर्चाएं हैं कि ऑटोमेशन के आने से इंसानों के करने लायक काम कम हो जाएंगे। जिससे यह नौकरियों को कम करेगा और परिणामस्वरूप बेरोजगारी बढ़ेगी। कई एक्सपर्ट्स ने इस बात को स्वीकारा है कि AI के आ जाने से नौकरियां निश्चित रूप से कम होंगी। इसी कड़ी में अब IBM सीईओ का बयान भी जुड़ गया है। IBM सीईओ अरविंद कृष्णा ने कहा है कि AI के आने से कई जॉब्स जैसे IT, HR और कस्टमर सर्विस आदि में सबसे ज्यादा कटौती देखने को मिल सकती है। लेकिन यह सिक्के का सिर्फ एक पहलू है। AI नई नौकरियां भी पैदा करेगा। आइए जानते हैं क्या है एक्सपर्ट्स की राय।
IBM के सीईओ अरविंद कृष्णा ने AI का जॉब्स पर प्रभाव व्यापक बताया है। लेकिन यह सिर्फ नकारात्मक नहीं है। अरविंद कृष्णा ने Bloomberg को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि AI के आने से कॉल सेंटर जॉब्स 50 प्रतिशत तक कम हो जाएंगीं। इसके साथ ही इंटरनल हेल्प डेस्क जॉब्स जैसे IT, HR और कस्टमर केयर जॉब्स पर भी इसका व्यापक असर पड़ने वाला है। कृष्णा ने यह भी चेतावनी दी कि संख्याओं का मिलान करने जैसे दोहराव वाले कार्यों (repetitive task) से संबंधित पदों में भी भारी कटौती हो सकती है।
यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ने से कस्टमर सर्विस और सपोर्ट में इंसानों की जरूरत बड़े पैमाने पर घट जाएगी। इसका असर अब दिखने भी लगा है। AI चैटबॉट्स और अन्य कस्टमर सपोर्ट सर्विसेज में अब AI वॉइस ज्यादा सुनाई देने लगी है। AI जॉब कट (AI Job Cuts) का खतरा भले ही सबकी जुबान पर है, लेकिन अरविंद कृष्णा के मुताबिक, यह सिर्फ सिक्के का एक पहलू है। एआई जॉब्स को बढ़ाने का काम भी करेगा।
AI जॉब्स को कम जरूर करेगा, लेकिन अगर कौशल का विकास किया जाए तो इससे नई जॉब्स पैदा भी होंगीं। अरविंद कृष्णा ने कौशल विकास (skilling) और पुनः कौशल विकास (reskilling) के महत्व पर जोर दिया ताकि छंटनी से प्रभावित लोग उत्पादक भूमिकाओं यानी प्रोडक्टिव जॉब्स में आगे बढ़ सकें। उन्होंने IBM का ही उदाहरण देते हुए समझाया कि कंपनी ने रिसर्च और डेवलपमेंट में नई भर्तियां की हैं। इस तरह के रोल्स में नई जॉब्स पैदा होगीं। कंपनी ने 10 हजार के करीब भर्तियां R&D में होने की जानकारी दी है।
एआई एक तरफ जहां नौकरियों को कम कर रहा है, दूसरी तरफ नए अवसर भी उसी अनुपात में पैदा हो रहे हैं। बशर्तें कि हम स्वयं को वक्त की मांग के अनुसार तैयार रखें। बता दें कि अरविंद कृष्णा ने 2020 में IBM की जिम्मेदारी संभाली थी। जिसके बाद से कंपनी अब जेनरेटिव एआई, हाइब्रिड क्लाउड और सॉफ्टवेयर बेस्ड सर्विसेज मुहैया करवाने पर ज्यादा फोकस कर रही है।
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