Isro Gaganyaan

Isro Gaganyaan - ख़बरें

  • ISRO के टॉप मिशनों को झटका? 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने छोड़ी नौकरी, सरकार ने बदले नियम
    ISRO के महत्वपूर्ण मिशनों से वैज्ञानिकों के लगातार इस्तीफे सामने आने के बाद Department of Space ने नई गाइडलाइन जारी की है। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, Gaganyaan और अन्य राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफे या Voluntary Retirement अब पहले की तरह सामान्य प्रक्रिया में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, हाल के महीनों में 100 से ज्यादा वैज्ञानिक संगठन छोड़ चुके हैं। नए नियमों के तहत ऐसे सभी मामलों में अंतिम फैसला Department of Space करेगा, ताकि राष्ट्रीय अंतरिक्ष परियोजनाओं पर अचानक असर न पड़े।
  • भारत को बड़ी उपलब्धि, ISRO ने पूरे किए गगनयान के 3 टेस्ट, लैंडिग पर समुद्र में भी नहीं डूबेंगे अंतरिक्षयात्री
    ISRO ने पहले टेस्ट से यह सुनिश्चित किया है कि समुद्र पर उतरने के बाद क्रू मॉड्यूल सीधी स्थिति में रहेगा। आपको बता दें कि यह क्रू की सेफ्टी के लिए सबसे जरूरी बातों में से एक है। इसके लिए कोल्ड-गैस पर बेस्ड एक अपराइटिंग सिस्टम बनाया गया और उसका टेस्ट किया गया, जिससे इसका बात की पुष्टि हुई कि यह उतरने पर सीधा ही रहेगा।
  • इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन ने बनाया रिकॉर्ड, एक साथ डॉक हुए 8 स्पेसक्राफ्ट
    ISS का इस्तेमाल माइक्रोगेविटी में वैज्ञानिक रिसर्च, टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग और मानव पर अंतरिक्ष के प्रवाहों की स्टडी करने के लिए होता है। इस वर्ष जून में भारतीय एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla ने Axiom-4 मिशन के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर पहुंचकर एक बड़ी सफलता हासिल की थी। भारत की योजना भी स्पेस स्टेशन बनाने की है।
  • भारत का 2028 में चंद्रयान-4 लॉन्च करने का टारगेट
    केंद्र सरकार ने चंद्रयान-4 मिशन के लिए स्वीकृति दे दी है। इस मिशन में चंद्रमा से सैम्प्ल को लाया जाएगा। यह देश का सबसे जटिल लूनर मिशन होगा। इससे पहले अमेरिका, चीन और रूस ने चंद्रमा से सैम्प्ल लाने की क्षमता को प्रदर्शित किया है। Chandrayaan-4 मिशन को 2028 में लॉन्च करने का टारगेट है। ISRO की योजना अगले तीन वर्षों में स्पेसक्राफ्ट के मैन्युफैक्चरिंग की अपनी कैपेसिटी को तिगुना करने की है।
  • गगनयान मिशन में हुई बड़ी प्रगति, ISRO ने किया क्रू मॉड्यूल के लिए पैराशूट टेस्ट
    ISRO ने यह टेस्ट उत्तर प्रदेश में झांसी की बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में किया है। इसमें भारतीय वायु सेना के IL-76 एयरक्राफ्ट से 2.5 किलोमीटर की ऊंचाई से लगभग 2.5 टन के क्रू मॉड्यूल को गिराया था। क्रू मॉड्यूल के नीचे उतरने पर पैराशूट सिस्टम बिना किसी मुश्किल के खुला जिससे इसकी वास्तविक मिशन के दौरान अत्यधिक मुश्किल स्थिति को संभालने में इसकी क्षमता साबित हो गई है।
  • ISRO की बड़ी कामयाबी, देश का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट CMS-03 किया लॉन्च
    देश का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट CMS-03 को रविवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया है। इस सैटेलाइट का भार लगभग 4,410 किलोग्राम का है। LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) एक थ्री-स्टेज लॉन्च व्हीकल है। इस हेवी व्हीकल लॉन्च व्हीकल से ISRO को भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट्स को GTO में भेजने में आसानी हो गई है।
  • ISRO का मल्टी-बैंड कम्युनिकेशन सैटेलाइट इस सप्ताह होगा लॉन्च
    इस मल्टी-बैंड कम्युनिकेशन सैटेलाइट का डिजाइन भारत सहित ओशियानिक क्षेत्र में सर्विसेज उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया है। CMS-03 का भार लगभग 4,400 किलोग्राम का है। यह भारत से जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में लॉन्च किया जाने वाला सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट होगा। ISRO ने बताया कि LVM3 का पिछला मिशन Chandrayaan-3 था।
  • गगनयान मिशन जल्द होगा टेस्ट फ्लाइट के लिए तैयार, ISRO ने दी जानकारी
    इस मिशन में तीन एस्ट्रोनॉट्स के क्रू को 400 किलोमीटर के ऑर्बिट में तीन दिन के लिए भेजा जाएगा और इसके बाद उनकी समुद्र पर सुरक्षित वापसी होगी। भारत की योजना अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने की भी इस स्टेशन का नाम "भारत अंतरिक्ष स्टेशन" होगा। इसकी स्थापना 2035 तक हो सकती है। भारत की योजना अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने की भी है।
  • ISRO का Gaganyaan मिशन 90% पूरा हुआ, जानें स्पेस में कब जाएंगे भारतीय अंतरिक्ष यात्री?
    भारत अब अपने सबसे बड़े स्पेस ड्रीम के बेहद करीब पहुंच चुका है। ISRO (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन) ने कंफर्म किया है कि देश का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन Gaganyaan अब लगभग 90% पूरा हो चुका है। ISRO के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. सिवन ने बताया कि एजेंसी अब मिशन के अंतिम चरणों पर काम कर रही है और लक्ष्य है कि इसे 2027 तक लॉन्च किया जाए। इससे पहले ISRO तीन अनक्रूड (बिना इंसान वाले) टेस्ट फ्लाइट्स पूरी करेगा, ताकि सिस्टम की सुरक्षा और तैयारी को परखा जा सके। इस मिशन के सफल होने पर भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल होगा जिन्होंने अपने दम पर इंसानों को अंतरिक्ष में भेजा है।
  • धरती की निगरानी के लिए कल NISAR सैटेलाइट लॉन्च करेंगे ISRO और NASA
    NISAR सैटेलाइट को आंध्र प्रदेश में सतीश धवन स्पेस सेंटर से 30 जुलाई को 8:10 a.m. (भारतीय समय के अनुसार) लॉन्च किया जाएगा। इसके लिए पिकअप ट्रक के साइज के स्पेसक्राफ्ट का इस्तेमाल होगा। इस सैटेलाइट के ऑर्बिट में पहुंचने के बाद इसके डुअल-फ्रीक्वेंसी राडार एक दिन में धरती का 14 बार चक्कर लगाएंगे। इससे प्रत्येक 12 दिनों में धरती पर सभी जमीन और बर्फ की सतहों की स्कैनिंग की जाएगी।
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक स्पेस मिशन के बाद धरती पर हुई वापसी, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
    इस मिशन के क्रू ने ISS पर कई एक्सपेरिमेंट्स किए हैं। इनमें से सात एक्सपेरिमेंट्स की अगुवाई शुक्ला ने की थी। इन एस्ट्रोनॉट्स के साथ शून्य ग्रेविटी के उनके संकेतक के तौर पर Joy कहे जाने वाले एक स्वैन टॉय को भी भेजा गया था। इस मिशन से भारतीय स्पेस एजेंसी ISRO को गगनयान की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण सबक मिल सकते हैं।
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला 14 जुलाई को शुरू करेंगे धरती पर वापसी की यात्रा
    इस मिशन के पायलट की जिम्मेदारी शुक्ला ने सभाली है, जबकि और मिशन कमांडर के तौर पर कमान Peggy Whitson के पास थी। अनडॉकिंग के कई घंटे बाद Axiom-4 मिशन का स्पलैशडाउन अमेरिका के कैलिफोर्निया में प्रशांत महासागर के तट के निकट होगा। Axiom-4 मिशन में 31 देशों की भागीदारी है इस मिशन को सुरक्षा के साथ ISS पर पहुंचाने के लिए NASA और Axiom Space ने कड़ी तैयारी की थी।
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला पहुंचे स्पेस स्टेशन, Dragon स्पेसक्राफ्ट की हुई डॉकिंग
    Axiom-4 मिशन के क्रू के सदस्य ISS पर कई एक्सपेरिमेंट्स करेंगे। इनमें से सात एक्सपेरिमेंट्स की अगुवाई शुक्ला करेंगे। इस मिशन में 31 देशों की भागीदारी है इस मिशन को सुरक्षा के साथ ISS पर पहुंचाने के लिए NASA और अमेरिकी स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपर Axiom Space ने कड़ी तैयारी की थी। इन एस्ट्रोनॉट्स के साथ शून्य ग्रेविटी के उनके संकेतक के तौर पर Joy कहे जाने वाले एक स्वैन टॉय को भी भेजा गया है।
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla की स्पेसफ्लाइट का लॉन्च टला, Falcon बूस्टर में लीकेज
    इस मिशन को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर भेजा जाना है। इस मिशन में देश के शुभांशु शुक्ला के अलावा अमेरिका की Peggy Whitson, पोलैंड के Slawosz Uznanski Wisniewski और हंगरी के Tibor Kapu शामिल हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन, V Narayanan ने बताया कि टेस्ट के दौरान प्रोपल्शन बे में एक LOx लीक मिलने के कारण इस स्पेसफ्लाइट को टाला गया है।
  • इस वर्ष के अंत तक गगनयान का ट्रायल शुरू करेगा ISRO
    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। इससे पहले यह ट्रायल मिशन पिछले वर्ष के अंत में और इस वर्ष मार्च में किया जाना था। ISRO के चेयरमैन, V Narayanan ने बताया कि इस वर्ष अक्टूबर से तीन बिना क्रू वाले स्पेस मिशंस का ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद दो क्रू वाले ट्रायल मिशन होंगे। एक ऑर्बिटल स्पेस फ्लाइट में देश के पहले एस्ट्रोनॉट 2027 में उड़ान भरेंगे।

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