• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक स्पेस मिशन के बाद धरती पर हुई वापसी, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक स्पेस मिशन के बाद धरती पर हुई वापसी, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

इस मिशन के क्रू में शुक्ला के अलावा अमेरिका की Peggy Whitson, पोलैंड के Slawosz Uznanski Wisniewski और हंगरी के Tibor Kapu शामिल हैं

भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक स्पेस मिशन के बाद धरती पर हुई वापसी, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

भारत ने इस मिशन के लिए लगभग सात करोड़ डॉलर की कॉस्ट चुकाई है

ख़ास बातें
  • ISS पर इस मिशन के क्रू ने दो सप्ताह से अधिक बिताए हैं
  • भारत ने इस मिशन के लिए लगभग सात करोड़ डॉलर की कॉस्ट चुकाई है
  • इस मिशन के क्रू ने ISS पर कई एक्सपेरिमेंट्स किए हैं
विज्ञापन
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर दो सप्ताह से अधिक बिताने के बाद भारतीय एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla की मंगलवार को धरती पर वापसी हो गई। ISS का विजिट करने वाले वह पहले भारतीय हैं। हालांकि, विंग कमांडर  Rakesh Sharma के बाद स्पेस में जाने वाले वह देश के दूसरे व्यक्ति हैं। 

Axiom-4 मिशन के क्रू के सदस्यों के साथ SpaceX का क्रू कैप्सूल Grace अमेरिका में कैलिफोर्निया के तट पर सैन डिएगो के निकट दोपहर 3 pm (भारतीय समय के अनुसार) उतरा है। इस क्रू कैप्सूल को धरती पर वापसी में लगभग 22.5 घंटे लगे हैं। इस मिशन के क्रू में शुक्ला के अलावा अमेरिका की Peggy Whitson, पोलैंड के Slawosz Uznanski Wisniewski और हंगरी के Tibor Kapu शामिल हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ग्रुप कैप्शन शुक्ला का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट में कहा, "ग्रुप कैप्शन शुभांशु शुक्ला की स्पेस में उनके ऐतिहासिक मिशन से धरती पर वापसी पर उनका देश के साथ मिलकर मैं स्वागत करता हूं। यह हमारे ह्युमन स्पेस फ्लाइट मिशन - Gaganyaan की दिशा में एक अन्य मील का पत्थर है।" 

स्पेस एक्सप्लोरेशन से जुड़ी अमेरिकी कंपनी Axiom Space ने कहा कि यह एक वैज्ञानिक सफलता के साथ ही भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। चार दशक से अधिक में यह पहली बार है कि जब इन देशों ने अपने एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस में भेजा है और यह पहली बार है कि जब इन देशों के एस्ट्रोनॉट्स ने ISS पर रहने के साथ ही कार्य भी किया है। भारत ने इस मिशन के लिए लगभग सात करोड़ डॉलर की कॉस्ट चुकाई है। 

इस मिशन के क्रू ने ISS पर कई एक्सपेरिमेंट्स किए हैं। इनमें से सात एक्सपेरिमेंट्स की अगुवाई शुक्ला ने की थी। इन एस्ट्रोनॉट्स के साथ शून्य ग्रेविटी के उनके संकेतक के तौर पर Joy कहे जाने वाले एक स्वैन टॉय को भी भेजा गया था। इस मिशन से भारतीय स्पेस एजेंसी ISRO को गगनयान की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण सबक मिल सकते हैं। ग्रुप कैप्शन शुक्ला और क्रू के अन्य सदस्य धरती पर ग्रेविटी के साथ खुद को एडजस्ट करने के लिए लगभग एक सप्ताह तक मेडिकल रिहैबिलिटेशन में रहेंगे। यह क्रू अपने साथ महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डेटा लाया है। 

 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Huawei Mate 80 Pro का इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  2. Xiaomi QLED TV X Pro 75 की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, फीचर्स
  3. Lenovo लॉन्च कर सकती है MWC 2026 में 3D डिस्प्ले वाले लैपटॉप, लीक में खुलासा
  4. Apple खोलेगी 2 मार्च को अपना पिटारा! iPhone 17e, MacBook Air, iPad Air हो सकते हैं लॉन्च, जानें खास बातें
  5. Amazfit Active 3 Premium लॉन्च हुई 3000 निट्स ब्राइटनेस, 4GB रैम, 12 दिन बैटरी के साथ, जानें कीमत
  6. महंगे होंगे मोबाइल! 2026 में स्मार्टफोन मार्केट के लिए बुरी खबर
  7. पेमेंट्स कंपनी Block ने AI के चलते 4 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला!
  8. Noise ने Master Buds 2 किए लॉन्च, 30 घंटे चलेगी बैटरी, जानें कैसे हैं फीचर्स
  9. Holi 2026: होली पर पार्टी के लिए बेस्ट रहेंगे ये ब्लूटूथ स्पीकर
  10. Samsung Galaxy S26 Ultra vs iPhone Air vs Google Pixel 10 Pro: जानें कौन सा फ्लैगशिप फोन है बेस्ट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »