Cyber Scam

Cyber Scam - ख़बरें

  • OTP ठगी रोकने के लिए Airtel का AI एक्शन, कॉल के वक्त तुरंत मिलेगा फ्रॉड वार्निंग अलर्ट!
    Airtel ने OTP आधारित बैंकिंग फ्रॉड से निपटने के लिए नया AI Fraud Alert सिस्टम पेश किया है। कंपनी के मुताबिक यह फीचर नेटवर्क लेवल पर काम करता है और संभावित जोखिम वाली कॉल के दौरान ग्राहक को रियल टाइम अलर्ट देता है। अगर बैंकिंग ट्रांजैक्शन से जुड़ा OTP संदिग्ध स्थिति में डिटेक्ट होता है, तो यूजर को चेतावनी दी जाएगी। Airtel का दावा है कि इस AI आधारित समाधान को व्यापक ट्रायल में परखा गया है। फिलहाल यह फीचर हरियाणा में लाइव है और अगले दो हफ्तों में देशभर में रोलआउट किया जाएगा।
  • फेक ट्रैफिक चालान के चक्कर में युवक के साथ हुआ 4 लाख से ज्यादा का फ्रॉड, आप न करना ऐसी गलती
    दिल्ली में हाल ही में एक व्यक्ति के साथ फेक ट्रैफिक चालान के नाम पर बड़ा धोखा हुआ है। पीड़ित को वॉट्सऐप के जरिए फर्जी चालान भेजा गया जो कि बिलकुल आधिकारिक दिखने वाला लग रहा था, जिसमें 1 हजार रुपये का ट्रैफिक चालान का भुगतान करना था। सरकारी चालान होने के चलते युवक ने उस लिंक पर क्लिक किया और उसके बाद उसे अपने पैसे गंवाने पड़े।
  • WinGo साइबर फ्रॉड केस ने खोली आंखें, कहीं आप भी न बन जाएं स्कैम का हिस्सा, इन बातों का रखें ध्यान
    WinGo ऐप से जुड़े साइबर फ्रॉड के खुलासे के बाद पुलिस और सरकार ने आम यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है। जांच में सामने आया है कि आसान कमाई का दावा करने वाले ऐप्स यूजर्स के मोबाइल नंबर और SMS एक्सेस का दुरुपयोग कर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे मामलों में अनजाने यूजर्स भी स्कैम नेटवर्क का हिस्सा बन सकते हैं। सरकार ने संदिग्ध ऐप्स से दूर रहने, अनावश्यक परमिशन न देने और किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
  • क्या आप भी Mobile पर ये App यूज कर रहे हैं? 1 ऐप, हजारों नंबर और करोड़ों का स्कैम!
    गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने ई-चालान सिस्टम से जुड़े एक साइबर फ्रॉड की जांच के दौरान WinGo नाम के एक ऐप को लेकर गंभीर खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, यह ऐप कथित तौर पर “टेलीकॉम म्यूल ऐज़ ए सर्विस” मॉडल पर काम कर रहा है, जिसमें आम लोगों के मोबाइल नंबर और SIM कार्ड का इस्तेमाल कर साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता है। यूजर्स को आसान कमाई का लालच देकर उनके नंबर से फर्जी SMS भेजे जाते हैं। पुलिस ने ऐसे ऐप्स से दूर रहने की सलाह दी है।
  • क्या है किल स्विच फीचर?, भारत सरकार लाने का कर रही विचार, ऑनलाइन स्कैम से करेगा तुरंत बचाव
    गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा डिजिटल अरेस्ट के खतरे की जांच के लिए गठित एक हाई लेवल कमेटी किल स्विच लाने पर विचार कर रही है, जो डिजिटल स्कैम होने की संभावना पर यूजर्स को अपने अकाउंट से सभी वित्तीय ट्रांजेक्शन को तुरंत ब्लॉक करने की अनुमति देगा। ऑनलाइन स्कैम के मामले तेजी के साथ बढ़ते जा रहे हैं और लोगों को रोजाना लाखों से करोड़ों रुपये तक का चूना लग रहा है।
  • एक टच में डिजिटल अरेस्ट, स्कैम से बचाएगा 'Kill Switch', UPI और बैंक ऐप्स में मिलेगा इमरजेंसी बटन
    डिजिटल अरेस्ट स्कैम्स के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार एक बड़े तकनीकी समाधान पर काम कर रही है। गृह मंत्रालय की ओर से गठित हाई-लेवल कमेटी UPI और बैंकिंग ऐप्स में एक ‘किल स्विच’ फीचर जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इमरजेंसी बटन किसी संभावित ऑनलाइन ठगी के दौरान यूजर को तुरंत सभी बैंक ट्रांजैक्शन्स रोकने की सुविधा देगा। इस कदम का मकसद उन मामलों को रोकना है, जहां स्कैमर्स वीडियो कॉल और फर्जी पुलिस पहचान के जरिए लोगों से पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
  • Digtal Arrest Case: पुलिस इंस्पेक्टर बनकर 85 वर्ष के बुजुर्ग से ठगे 9 करोड़, इस तरह के स्कैम से सावधान!
    मुंबई से सामने आए एक चौंकाने वाले साइबर फ्रॉड मामले में 85 वर्षीय बुजुर्ग को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर करीब 9 करोड़ रुपये की ठगी की गई। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। WhatsApp वीडियो कॉल, फर्जी कोर्ट और RBI दस्तावेजों के जरिए पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया गया। डर के चलते बुजुर्ग ने अपनी सेविंग्स, म्यूचुअल फंड और FD तोड़कर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। बैंक कर्मचारी की सतर्कता से मामला उजागर हुआ।
  • क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने वाले सावाधान! भारत में 26 फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट्स का भंडाफोड़
    Enforcement Directorate ने देशभर में फैले एक बड़े क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट स्कैम का खुलासा करते हुए 26 फर्जी वेबसाइट्स को रेड-फ्लैग किया है। ED के मुताबिक, ये प्लेटफॉर्म्स खुद को वैध क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट साइट्स बताकर लोगों को हाई रिटर्न का लालच दे रहे थे। शुरुआती तौर पर छोटे मुनाफे दिखाकर निवेशकों का भरोसा जीता गया और बाद में अकाउंट फ्रीज व एक्स्ट्रा चार्ज के नाम पर ठगी की गई। एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क सालों से एक्टिव था और इसमें करोड़ों रुपये के लेनदेन का शक है।
  • ट्रैवल कर रहे हैं तो संभल जाइए! फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट के जरिए हुआ बड़ा स्कैम, जानें पूरा मामला
    Delhi Police की Crime Branch ने एक फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट से जुड़े साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा किया है। इस केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रतोष कुमार को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पॉपुलर होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का कस्टमर सपोर्ट बताकर लोगों को ठग रहा था। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने OTP और UPI डिटेल्स हासिल कर एक अमेरिकी नागरिक से 57,186 रुपये की ठगी की। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले कई सालों से इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दे रहा था और उसके मोबाइल नंबर कई साइबर शिकायतों से जुड़े पाए गए।
  • 1,000 करोड़ की ठगी और 111 फर्जी कंपनियां, कैसे CBI ने इस बड़े साइबर फ्रॉड का किया खुलासा, यहां जानें
    CBI ने देशभर में एक्टिव एक बड़े इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है, जो फर्जी लोन ऐप्स, नकली इनवेस्टमेंट स्कीम्स, झूठे जॉब ऑफर्स और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को ठग रहा था। जांच एजेंसी ने इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें चार विदेशी नागरिक और 58 कंपनियां शामिल हैं। CBI के मुताबिक, यह रैकेट Ponzi और MLM मॉडल पर काम कर रहा था। जांच में 111 शेल कंपनियों और 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का भी खुलासा हुआ है।
  • Cyber Fraud: वीडियो कॉल पर फर्जी अधिकारी बनकर BLO से ठगे Rs 53,000! जानें पूरा मामला
    मेरठ के मवाना में एक स्कूल शिक्षक, जो इस समय BLO की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, एक नए साइबर फ्रॉड का शिकार बन गए। एक अनजान व्यक्ति ने वीडियो कॉल पर खुद को जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPRO) बताया और SIR फॉर्म सबमिशन को लेकर फटकार लगाते हुए लॉगिन डिटेल्स मांग लीं। शिक्षक को शुरू में शक हुआ, लेकिन कॉलर के आधिकारिक व्यवहार ने उन्हें भरोसे में ले लिया। कुछ ही घंटों बाद शिक्षक के फोन पर बैंक संदेश आने बंद हो गए और बाद में पता चला कि चार ट्रांजेक्शंस में कुल 53,000 रुपये खाते से निकल चुके थे। मवाना पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और जांच शुरू कर दी है।
  • Facebook पर वर्क-फ्रॉम-होम के झांसे में फंसी महिला, ठग लिए गए 31 लाख, पुलिस ने दी चेतावनी!
    कर्नाटक के ऊडुपी से एक बड़ा साइबर फ्रॉड मामला सामने आया है, जहां एक 55 वर्षीय महिला फेसबुक पर दिखे “वर्क-फ्रॉम-होम” विज्ञापन के बहकावे में आकर 31 लाख रुपये खो बैठी। ठगों ने खुद को NSE ऑफिस का HR बताकर व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए उससे ऑनलाइन टास्क करवाए और भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में छोटी रकम भेजी। इसके बाद निवेश पर 30-40% रिटर्न का लालच दिया गया, जिसके चलते पीड़ित लगातार बड़े-बड़े ट्रांजैक्शन करती रही। रकम भेजने के बाद ठगों ने संपर्क तोड़ दिया। पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों को ऐसे ऑफर्स से सतर्क रहने की सलाह दी है।
  • क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए सायबर क्रिमिनल्स ने खपाई 600 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम, होम मिनिस्ट्री का खुलासा
    पिछले वर्ष की शुरुआत से इस वर्ष सितंबर तक सायबर क्रिमिनल्स ने कम से कम 27 क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए लगभग 624 करोड़ रुपये की गैर कानूनी रकम को खपाया है। होम मिनिस्ट्री के तहत आने वाले इंडियन सायबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के रिकॉर्ड्स से पता चला है कि 2024-2025 के दौरान अपराध से मिली 25 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को 12 विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए ट्रांसफर किया गया है।
  • क्या है WhatsApp लव स्कैम, प्रीति से मिलने के बहाने लूटे 32 लाख रुपये
    बेंगलुरु में होरामावु के रहने वाले 63 वर्षीय व्यक्ति के साथ वॉट्सऐप पर एक डेटिंग स्कैम हुआ, जिसमें उसे 32 लाख रुपये गंवाने पड़े। स्कैम एक महीने से भी ज्यादा समय तक चला, जिसके बाद जाकर उस व्यक्ति को एहसास हुआ कि फ्रॉड हो रहा है। 5 सितंबर से 18 अक्टूबर के बीच हुई इस घटना की जानकारी 23 अक्टूबर को पूर्वी बेंगलुरु अपराध पुलिस को दी गई।
  • क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए जरूरी हुआ सायबर सिक्योरिटी ऑडिट, केंद्र सरकार का फैसला
    वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) सर्विस प्रोवाइडर्स को इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) के साथ सम्बद्ध ऑडिटर्स को नियुक्त करना होगा। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के तहत आने वाली नोडल एजेंसी, CERT-In को सायबरस्पेस की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। क्रिप्टो एक्सचेंजों को यह निर्देश फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU-IND) ने दिया है।

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