Cyber Scam

Cyber Scam - ख़बरें

  • WhatsApp पर आ रही इस फाइल से रहें सावधान, हैक हो सकता है आपका PC
    WhatsApp यूजर्स को निशाना बनाने वाला एक नया मालवेयर कैंपेन सामने आया है। एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी के रिसर्चर्स ने खुलासा किया है कि अटैकर्स WhatsApp Desktop और WhatsApp Web यूजर्स को मालिशियस फाइल्स भेजकर उनके सिस्टम तक एक्सेस हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। यह कैंपेन कई देशों में देखा गया है, जिनमें मलेशिया, ब्राजील, सिंगापुर, ताइवान और वियतनाम शामिल हैं।Kaspersky ग्लोबल रिसर्च एंड एनालेसिस टीम (GReAT) ने जून 2026 में इस कैंपेन का खुलासा किया। रिसर्च के अनुसार, अटैकर पहले से हैक किए गए WhatsApp अकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन अकाउंट्स से उनके कॉन्टैक्ट्स को मालिशियस VBScript फाइल्स भेजी जाती हैं। चूंकि मैसेज किसी जान-पहचान वाले व्यक्ति के अकाउंट से आता है, इसलिए रिसीवर के फाइल खोलने की संभावना बढ़ जाती है।
  • GTA 6 गेम के चक्कर में खाली हो जाएगा आपका बैंक अकाउंट! फैल रहे हैं नकली इमेल
    GTA 6 की रिलीज से पहले गेमर्स को निशाना बनाकर नए ऑनलाइन स्कैम सामने आए हैं। Cybersecurity कंपनी NordVPN के मुताबिक, कई फर्जी वेबसाइट्स और ईमेल्स GTA 6 Beta Access और Early Access देने का दावा कर रहे हैं। इन स्कैम्स के जरिए साइबर अपराधी यूजर्स की पर्सनल जानकारी, गेमिंग अकाउंट्स और बैंकिंग डिटेल्स चुरा सकते हैं। कुछ मामलों में फर्जी डाउनलोड फाइल्स में मालवेयर भी पाया गया है, जो हमलावरों को डिवाइस तक रिमोट एक्सेस दे सकता है। फिलहाल Rockstar Games ने किसी भी आधिकारिक GTA 6 Beta Program की घोषणा नहीं की है।
  • सरकार दे रही फ्री Cyber Security Course, सिर्फ 2.5 घंटे में मिलेगा सर्टिफिकेट, ऐसे करें अप्लाई
    भारत सरकार के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने फ्री ऑनलाइन Cyber Security Course शुरू किया है। यह कोर्स गृह मंत्रालय के तहत तैयार किया गया है और इसका मकसद लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके सिखाना है। कोर्स में फेक लिंक, स्कैम कॉल्स, डिजिटल पेमेंट सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल जैसे विषय शामिल हैं। इसे करीब 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकता है और सफल प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
  • एक क्लिक और बैंक अकाउंट खाली! जानें क्या है सिम-स्वैप और फिशिंग स्कैम, कैसे करें बचाव
    भारत में सिम-स्वैप और फिशिंग जैसे साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं। इन स्कैम्स में अपराधी लोगों की निजी जानकारी, ओटीपी और फर्जी वेबसाइट्स का इस्तेमाल करके बैंक अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं। सिम-स्वैप स्कैम में यूजर का मोबाइल नंबर अपराधी अपने कंट्रोल में ले लेता है, जबकि फिशिंग में फर्जी लिंक और नकली वेबसाइट के जरिए लॉगिन डिटेल्स चोरी की जाती हैं। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसे मामलों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। यूजर्स को अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और ऐप बेस्ड ऑथेंटिकेटर व सिम लॉक जैसे सेफ्टी फीचर्स का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • 81 साल के पिता ने बेटे को बचाया ‘डिजिटल अरेस्ट’ से, ऐन वक्त पर रोकी ₹12 लाख की ठगी
    पुणे के निगडी इलाके में एक 81 वर्षीय व्यक्ति ने अपने बेटे को 12 लाख रुपये की साइबर ठगी से बचा लिया। ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाया और वीडियो कॉल के जरिए पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश की। इंजीनियर को शक होने पर उन्होंने अपने पिता को जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस के पहुंचते ही ठगों ने कॉल काट दी। इस घटना में साइबर अवेयरनेस सेशन और मोबाइल ऐप की जानकारी ने अहम भूमिका निभाई।
  • WhatsApp Web से करोड़ों की ठगी, CEOs के नाम पर बड़ा साइबर स्कैम!
    हैदराबाद में साइबर ठगों ने एक नया और खतरनाक फ्रॉड तरीका अपनाया है, जिसमें बड़ी कंपनियों के CEO और CFO के नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, इस स्कैम की शुरुआत फिशिंग ईमेल से होती है, जिसमें दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही सिस्टम हैक हो जाता है। इसके बाद हैकर्स WhatsApp Web के जरिए अधिकारियों के अकाउंट से मैसेज भेजकर अकाउंटेंट्स को तुरंत पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं। चूंकि मैसेज असली अकाउंट से आते हैं, कर्मचारी उन्हें सही मान लेते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।
  • आपके फोन में हो सकता है नकली WhatsApp ऐप! Meta ने यूजर्स को भेजा अलर्ट
    Meta ने WhatsApp के लिए नए स्कैम और फ्रॉड प्रोटेक्शन टूल्स पेश किए हैं, जिनमें डिवाइस लिंकिंग वॉर्निंग सिस्टम शामिल है। कंपनी ने एक फेक WhatsApp ऐप को लेकर भी अलर्ट जारी किया है, जिसका इस्तेमाल करीब 200 यूजर्स की जासूसी के लिए किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ऐप सोशल इंजीनियरिंग के जरिए यूजर्स को डाउनलोड कराया गया। Meta का कहना है कि WhatsApp की ऑफिशियल ऐप और एन्क्रिप्शन सुरक्षित हैं और यह किसी सिस्टम कमजोरी का मामला नहीं है। कंपनी यूजर्स को केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ऐप डाउनलोड करने की सलाह दे रही है।
  • YouTube वीडियो से शुरू हुआ खेल, नकली ऐप और WhatsApp ग्रुप ने कराई 11.8 लाख की ठगी
    एक महिला ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कैम का शिकार हो गई, जिसमें उससे 11.8 लाख रुपये ठग लिए गए। शिकायत के मुताबिक उसने YouTube पर एक ट्रेडिंग वीडियो देखा, जिसके बाद उसे WhatsApp ग्रुप में जोड़ लिया गया। यहां उसे निवेश के लिए प्रेरित किया गया और अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। महिला ने 6 मार्च से 14 मार्च के बीच कई किश्तों में रकम जमा की, लेकिन उसे कोई रिटर्न नहीं मिला। मामले में IT Act और BNS के तहत केस दर्ज किया गया है।
  • AI स्कैम गैंग्स की हिट लिस्ट में भारत दूसरे नंबर पर, Meta की इस रिपोर्ट में सामने आया पूरा फ्रॉड गेम
    Meta की 2026 Adversarial Threat Report में बताया गया है कि ऑनलाइन स्कैम अब पहले से ज्यादा एडवांस हो चुके हैं और इनमें AI का बड़ा रोल है। स्कैमर्स अब फेक प्रोफाइल, डीपफेक और नेचुरल बातचीत के जरिए लोगों को आसानी से झांसा दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये ठगी अब एक पूरी इंडस्ट्री की तरह काम कर रही है, जिसमें अलग-अलग स्टेज पर प्लानिंग की जाती है। साउथईस्ट एशिया से ऑपरेट होने वाले बड़े स्कैम नेटवर्क्स भारत समेत कई देशों को टारगेट कर रहे हैं। इसके अलावा फेक रेंटल और फेक फ्यूनरल जैसे नए स्कैम भी सामने आए हैं।
  • Fake Traffic Challan Scam: 500 रुपये बचाने गए और गंवा दिए लाखों, ऐसे बचें इस नए साइबर स्कैम से
    देश में फेक ट्रैफिक चालान स्कैम तेजी से फैल रहा है, जिसमें साइबर ठग नकली मैसेज भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल के मामलों में पुणे के एक दुकानदार से करीब 2.76 लाख रुपये और दिल्ली के एक व्यक्ति से 2.49 लाख रुपये की ठगी हुई। इन मैसेज में चालान भरने के नाम पर लिंक दिया जाता है, जिस पर क्लिक करने से यूजर की बैंकिंग जानकारी चोरी हो जाती है। पुलिस के मुताबिक कई मामलों में रिमोट एक्सेस के जरिए फोन का कंट्रोल भी ले लिया जाता है। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।
  • क्रिप्टो स्कैम में हैदराबाद के कंसल्टेंट के साथ 3.5 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी
    हैदराबाद के कोंडापुर के रहने वाले इस पीड़ित ने बताया है कि दो वर्ष पहले उनसे एक जालसाज ने संपर्क कर एक पोर्टल pc.omnifxpro.com पर एकाउंट खोलने के लिए कहा था। " उन्होंने बताया कि खुद को नव्या बताने वाली यह जालसाज बाद में काजल मिश्रा के नाम के साथ ऑनलाइन दिखी थी। इसके बाद उनसे खुद को महिला के तौर पर दिखाने वाले दो अन्य जालसाजों ने भी ठगी की है।
  • Google पर डॉक्टर का नंबर खोजने से उड़ गए 18 लाख! साइबर फ्रॉड का नया तरीका
    उत्तर प्रदेश के अनुपशहर में साइबर ठगों ने एक बीमार व्यक्ति और उसकी पत्नी से करीब 18.61 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने डॉक्टर का नंबर खोजने के लिए Google पर सर्च किया था, जिसके बाद ठगों ने खुद को डॉक्टर से जुड़ा बताकर ‘Doctor Appointment’ नाम का ऐप डाउनलोड कराया। जांच के मुताबिक, ऐप को दी गई परमिशन के जरिए आरोपियों ने मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया और बैंक खातों से कई ट्रांजेक्शन कर पैसे निकाल लिए। पीड़ित को इस धोखाधड़ी का पता कई दिनों बाद चला।
  • मन की बात में PM मोदी ने बैंकिंग और सेफ्टी की दीं टिप्स, केवाईसी और ओटीपी साझा करने तक, जानें सबकुछ
    पीएम मोदी ने बैंक अकाउंट और वेलफेयर सर्विस के बीच बढ़ते संबंध पर जोर देते हुए कहा कि “हम सभी जानते हैं कि आजकल पेंशन, सब्सिडी, इंश्योरेंस, यूपीआई और सब कुछ बैंक अकाउंट से लिंक है। समय पर केवाईसी कराने से अकाउंट सुरक्षित होता है और बेहतरतरीके से काम करता रहता है, क्योंकि अधिकतर फाइनेंशियल सर्विस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर हो रही हैं।
  • OTP ठगी रोकने के लिए Airtel का AI एक्शन, कॉल के वक्त तुरंत मिलेगा फ्रॉड वार्निंग अलर्ट!
    Airtel ने OTP आधारित बैंकिंग फ्रॉड से निपटने के लिए नया AI Fraud Alert सिस्टम पेश किया है। कंपनी के मुताबिक यह फीचर नेटवर्क लेवल पर काम करता है और संभावित जोखिम वाली कॉल के दौरान ग्राहक को रियल टाइम अलर्ट देता है। अगर बैंकिंग ट्रांजैक्शन से जुड़ा OTP संदिग्ध स्थिति में डिटेक्ट होता है, तो यूजर को चेतावनी दी जाएगी। Airtel का दावा है कि इस AI आधारित समाधान को व्यापक ट्रायल में परखा गया है। फिलहाल यह फीचर हरियाणा में लाइव है और अगले दो हफ्तों में देशभर में रोलआउट किया जाएगा।
  • फेक ट्रैफिक चालान के चक्कर में युवक के साथ हुआ 4 लाख से ज्यादा का फ्रॉड, आप न करना ऐसी गलती
    दिल्ली में हाल ही में एक व्यक्ति के साथ फेक ट्रैफिक चालान के नाम पर बड़ा धोखा हुआ है। पीड़ित को वॉट्सऐप के जरिए फर्जी चालान भेजा गया जो कि बिलकुल आधिकारिक दिखने वाला लग रहा था, जिसमें 1 हजार रुपये का ट्रैफिक चालान का भुगतान करना था। सरकारी चालान होने के चलते युवक ने उस लिंक पर क्लिक किया और उसके बाद उसे अपने पैसे गंवाने पड़े।

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