Strategy (पहले MicroStrategy) ने US Securities and Exchange Commission को एक फाइलिंग में बताया है कि उसने छह अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच 13,927 बिटकॉइन लगभग एक अरब डॉलर में खरीदे हैं। यह खरीदारी 71,902 डॉलर प्रति बिटकॉइन के औसत प्राइस पर की गई है। इस एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर मेकर के पास कुल 7,90,897 बिटकॉइन हो गए हैं
मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का प्राइस 75,000 डॉलर की ओर बढ़ा है। यह पिछले चार सप्ताह में बिटकॉइन का सबसे अधिक प्राइस है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का संकेत मिलने से मार्केट में तेजी आई है। इस मार्केट में 1.1 अरब डॉलर का इनफ्लो होने की रिपोर्ट है। इससे बहुत सी क्रिप्टोकरेंसीज के प्राइस बढ़े हैं।
भूटान के पास इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी का रिजर्व घटकर 3,774 बिटकॉइन का रह गया है। इस बिटकॉइन रिजर्व की वैल्यू लगभग 27 करोड़ डॉलर की है। पिछले कुछ दिनों में ही भूटान ने 1.2 करोड़ डॉलर के बिटकॉइन की बिक्री की है। इसके अलावा बिटकॉइन माइनिंग से मिलने वाले रेवेन्यू में भी कमी हुई है। पिछले वर्ष भूटान ने क्रिप्टो पेमेंट सिस्टम को लॉन्च करने की घोषणा की थी।
महाराष्ट्र में ठाणे की पुलिस ने बताया है कि इस इनवेस्टमेंट स्कीम में पीड़ितों की संख्या का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। इस मामले में शिकायकर्ता का आरोप है कि पिछले वर्ष अगस्त और इस वर्ष मार्च में उन्हें एक फर्म में इनवेस्टमेंट करने पर अधिक रिटर्न का झांसा दिया गया था। यह फर्म इस क्रिप्टो एक्सचेंज से जुड़ी बताई गई है।
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन एक रेंज में ट्रेड कर रहा है। इसके पीछे ईरान पर हो रहे हमले, मैक्रोइकोनॉमिक डिवेलपमेंट्स और क्रूड ऑयल के प्राइसेज में उतार-चढ़ाव जैसे कारण हैं। हालांकि, इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की ओर से फंड लगाने और मार्केट सेंटीमेंट में कुछ सुधार होने से बिटकॉइन में मजबूती आई है।
इजरायल ने ईरान के एनर्जी सेक्टर के कुछ हिस्सों पर हमले किए हैं। इससे बिटकॉइन माइनिंग के लिए इलेक्ट्रिसिटी उपलब्ध कराने वाले पावर ग्रिड में रुकावट आ सकती है। ईरान में लगभग सात लाख क्रिप्टो से जुड़ी मशीनें ऑपरेट की जाती हैं और इनके लिए नेशनल ग्रिड से सब्सिडी पर मिलने वाली लगभग 2,000 मेगावॉट इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल किया जाता है।
पिछले वर्ष अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,198 डॉलर का पीक लेवल बनाया था। इसके बाद से इसमें लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट हुई है। इस वर्ष बिटकॉइन का प्राइस लगभग 27 प्रतिशत घटा है। बिटकॉइन में गिरावट का Strategy (पहले MicroStrategy) जैसे इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स पर भी असर पड़ रहा है। इस एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर मेकर के पास सात लाख से अधिक बिटकॉइन हैं।
इस वर्ष बिटकॉइन में लगभग 24 प्रतिशत की गिरावट हुई है। पिछले वर्ष यह 18 प्रतिशत घटा था। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से भी क्रिप्टो और अन्य मार्केट्स में आशंका की स्थिति है। ट्रंप ने ईरान को न्यूक्लियर डील को लेकर चेतावनी दी है। पिछले वर्ष अक्टूबर में ट्रंप के कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने से क्रिप्टो मार्केट में बड़ी गिरावट हुई थी।
रूस में क्रिप्टो से जुड़ी वार्षिक ट्रांजैक्शंस की वैल्यू 130 अरब डॉलर से ज्यादा की है। रूस के डिप्टी फाइनेंस मिनिस्टर, Ivan Chebeskov ने बताया है कि देश में क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल बढ़ रहा है। लाखों नागरिक क्रिप्टो ट्रेडिंग से जुड़े हैं। रूस में क्रिप्टो माइनिंग का सेगमेंट भी बढ़ रहा है। क्रिप्टो मार्केट के लिए जल्द ही नए रेगुलेशंस भी बनाए जा सकते हैं।
किर्गिस्तान को क्रिप्टो सेगमेंट से लगभग 2.28 करोड़ डॉलर का टैक्स मिला है। Association of Virtual Asset Market Participants के चेयरमैन, Temir Kazybaev ने बताया कि क्रिप्टो टर्नओवर से मिलने वाला टैक्स देश के सबसे बड़े कमोडिटी ट्रेडिंग हब से मिलने वाले रेवेन्यू से ज्यादा हो गया है। किर्गिस्तान के प्रेसिडेंट Sadyr Japarov ने भी क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट किया है।
पिछले सप्ताह क्रिप्टो एक्सचेंज Bithumb के अपने यूजर्स को गलती से 6,20,000 बिटकॉइन्स को ट्रांसफर करने का मामला सामने आने के बाद से भी क्रिप्टो मार्केट में गिरावट हुई है। इन बिटकॉइन की वैल्यू 40 अरब डॉलर से अधिक की थी। इस क्रिप्टो एक्सचेंज से पिछले सप्ताह शुक्रवार को यह चूक हुई थी। इसका कुछ ही मिनटों में पता चलने के बाद एक्सचेंज ने 695 यूजर्स के लिए ट्रेडिंग और विड्रॉल को रोक दिया था।
इस क्रिप्टो एक्सचेंज से शुक्रवार को यह चूक हुई थी। इसका कुछ ही मिनटों में पता चलने के बाद एक्सचेंज ने 695 यूजर्स के लिए ट्रेडिंग और विड्रॉल को रोक दिया था। Bithumb को एक प्रमोशनल कैम्पेन के हिस्से के तौर पर कस्टमर्स को 2,000 वॉन (लगभग 1.37 डॉलर) भेजने थे लेकिन उसने गलती से प्रति यूजर लगभग 2,000 बिटकॉइन्स को ट्रांसफर कर दिया था।
क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस पर एक प्रतिशत के टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (TDS) को बरकरार रखा गया है। इसके अलावा क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस से मिलने वाले प्रॉफिट पर 30 प्रतिशत के टैक्स और सेस में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर केंद्र सरकार का सख्त रवैया बरकरार है। पिछले वित्त वर्ष में सरकार को क्रिप्टो एक्सचेंजों से VDA पर मिलने वाले TDS में 41 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी ने बताया है कि उसने 20 जनवरी से 25 जनवरी के बीच 2,932 बिटकॉइन लगभग 26.41 करोड़ डॉलर में खरीदे हैं। इसके लिए 90,061 डॉलर प्रति Bitcoin का औसत प्राइस चुकाया गया है। पिछले वर्ष की शुरुआत में अमेरिका के प्रेसिडेंट के तौर पर Donald Trump के कार्यभार संभालने के बाद इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी का प्राइस तेजी से बढ़ा था। हालांकि, इसके बाद से इसमें काफी गिरावट हुई है।
बिटकॉइन माइनिंग में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले अमेरिका के टेक्सस और जॉर्जिया जैसे शहरों में मौसम की स्थितियां खराब होने से पावर ग्रिड्स पर प्रेशर है। इलेक्ट्रिसिटी की कॉस्ट बढ़ने के बाद अमेरिका की कुछ बड़ी बिटकॉइन माइनिंग फर्मों ने अपने कामकाज के बड़े हिस्से को बंद कर दिया है। क्रिप्टो माइनिंग में अधिक पावर वाले कंप्यूटिंग डिवाइसेज का इस्तेमाल होता है जो इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत करते हैं।