Bitcoin का प्राइस 86,000 डॉलर से नीचे, बिकवाली का बड़ा असर

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन का प्राइस 86,000 डॉलर से नीचे जाने के साथ ही क्रिप्टो मार्केट में मंदड़ियों की सक्रियता बढ़ गई है

Bitcoin का प्राइस 86,000 डॉलर से नीचे, बिकवाली का बड़ा असर

क्रिप्टो मार्केट में वॉल्यूम मजबूत बनी हुई है लेकिन प्राइसेज को लेकर आशंका है

ख़ास बातें
  • बिटकॉइन ने अक्टूबर में लगभग 1,26,251 डॉलर का हाई बनाया था
  • इसके बाद से बिटकॉइन की वैल्यू 30 प्रतिशत से ज्यादा घटी है
  • क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर लगभग 2.95 लाख करोड़ डॉलर पर था
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क्रिप्टो मार्केट में दिसंबर की शुरुआत गिरावट से हुई है। मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin के प्राइस में पिछले एक दिन में लगभग प्रतिशत का नुकसान था। इसके पीछे क्रिप्टो मार्केट में बड़े स्तर पर बिकवाली एक प्रमुख कारण है। बिटकॉइन का प्राइस घटकर लगभग 85,780 डॉलर पर चला गया था। हालांकि, बाद में इसके कुछ रिकवरी हुई है। इसके अलावा Ethereum जैसी कुछ अन्य क्रिप्टोकरेंसीज में काफी गिरावट हुई है। 

इस रिपोर्ट को पब्लिश किए जाने पर इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंज Coinmarketcap पर बिटकॉइन का प्राइस लगभग 86,640 डॉलर पर था। इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी ने अक्टूबर में लगभग 1,26,251 डॉलर का हाई बनाया था। इसके बाद से बिटकॉइन की वैल्यू 30 प्रतिशत से ज्यादा घटी है। इसका असर अन्य क्रिप्टोकरेंसीज पर भी पड़ा है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum का प्राइस पांच प्रतिशत से अधिक गिरकर लगभग 2,838 डॉलर पर था। इसके अलावा Solana, Cardano, Tron और BNB के प्राइस भी टूटे हैं। पिछले एक दिन में क्रिप्टोकरेंसीज का मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर लगभग 2.95 लाख करोड़ डॉलर पर था। 

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन का प्राइस 86,000 डॉलर से नीचे जाने के साथ ही क्रिप्टो मार्केट में मंदड़ियों की सक्रियता बढ़ गई है। हालांकि, क्रिप्टो मार्केट में वॉल्यूम मजबूत बनी हुई है लेकिन प्राइसेज को लेकर आशंका है। चीन के सेंट्रल बैंक ने क्रिप्टो सेगमेंट पर लगे बैन को बरकरार रखने की जानकारी दी है। इसके साथ ही स्टेबलकॉइन्स पर सख्ती बढ़ने की भी चेतावनी दी है। 

बिटकॉइन के प्राइस में बड़ी गिरावट का असर इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स पर भी पड़ रहा है। इससे सॉफ्टवेयर मेकर MicroStrategy जैसे इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स पर मार्जिन का प्रेशर बढ़ सकता है। माइक्रोस्ट्रैटेजी का बिटकॉइन में भारी इनवेस्टमेंट है और इसका प्राइस ज्यादा गिरने पर कंपनी को लॉस उठाना पड़ सकता है।  क्रिप्टो मार्केट में गिरावट की शुरुआत अक्टूबर में अमेरिकी प्रेसिडेंट  Donald Trump की चीन से इम्पोर्ट पर 100 प्रतिशत का टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद हुई थी। ट्रेडर्स यह अटकल लगा रहे हैं कि क्या यह गिरावट क्रिप्टो मार्केट में चार वर्ष की मंदी के एक और साइकल चलने का संकेत है। अगर ऐसा होता है तो अधिक प्राइसेज पर क्रिप्टोकरेंसीज को खरीदने वालों को भारी नुकसान हो सकता है। 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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