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मोबाइल का इस्तेमाल जल्द हो सकता है महंगा, टेलीकॉम कंपनियों की प्राइस बढ़ाने की तैयारी

टेलीकॉम कंपनियों को मई में लगभग 74 लाख नए एक्टिव सब्सक्राइबर्स मिले हैं। यह 29 महीने में नए एक्टिव सब्सक्राइबर्स की रिकॉर्ड संख्या है

मोबाइल का इस्तेमाल जल्द हो सकता है महंगा, टेलीकॉम कंपनियों की प्राइस बढ़ाने की तैयारी

पिछले वर्ष टेलीकॉम कंपनियों ने बेस प्राइसेज को 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ाया था

ख़ास बातें
  • टैरिफ में यह बढ़ोतरी 10 से 12 प्रतिशत की हो सकती है
  • पिछले वर्ष टेलीकॉम कंपनियों ने प्राइसेज को 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ाया था
  • टेलीकॉम कंपनियों को मई में लगभग 74 लाख नए एक्टिव सब्सक्राइबर्स मिले हैं
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देश में पिछले कुछ वर्षों में टेलीकॉम सब्सक्राइबर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। हालांकि, भारत की गिनती ऐसे चुनिंदा देशों में होती है जहां टेलीकॉम सर्विसेज के लिए अफोर्डेबल प्राइसिंग है। इस स्थिति में जल्द बदलाव हो सकता है। टेलीकॉम कंपनियां अगले कुछ महीनों में टैरिफ को बढ़ा सकती हैं। 

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टैरिफ में यह बढ़ोतरी 10 से 12 प्रतिशत की हो सकती है। पिछले वर्ष टेलीकॉम कंपनियों ने बेस प्राइसेज को 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ाया था। मई में एक्टिव सब्सक्राइबर्स की संख्या में मजबूत बढ़ोतरी होना के बाद इन कंपनियों ने मोबाइल टैरिफ को बढ़ाने की योजना बनाई है। इनमें देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Reliance Jio और Bharti Airtel शामिल हो सकती हैं। ये कंपनियां मिड से हाई प्राइस वाले रिचार्ज प्लान के प्राइस बढ़ा सकती हैं। टेलीकॉम कंपनियों को मई में लगभग 74 लाख नए एक्टिव सब्सक्राइबर्स मिले हैं। यह 29 महीने में नए एक्टिव सब्सक्राइबर्स की रिकॉर्ड संख्या है। इससे कुल सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़कर लगभग 1.08 अरब पर पहुंच गई है। 

इस रिपोर्ट में इंडस्ट्री से जुड़े एक एग्जिक्यूटिव के हवाले से बताया गया है कि मई में एक्टिव सब्सक्राइबर्स की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे कस्टमर्स के लिए सेकेंडरी SIM की जरूरत पड़ना है। हालांकि, टेलीकॉम कंपनियां कम प्राइस वाले रिचार्ज प्लान को महंगा करने पर विचार नहीं कर रही क्योंकि इससे कस्टमर्स के अन्य टेलीकॉम कंपनियों की ओर शिफ्ट होने की आशंका होगी। हालांकि, यह पता नहीं चला है कि टेलीकॉम कंपनियां यूजर्स की कैटेगरीज को कैसे तय करेंगी। इसके लिए डेटा के इस्तेमाल और डेटा की स्पीड जैसे मापदंडों पर विचार किया जा सकता है। 

पिछले वर्ष प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों के टैरिफ बढ़ाने के बाद सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) को बड़ी संख्या में नए सब्सक्राइबर्स मिले थे। हालांकि, BSNL के पास 4G नेटवर्क की कमी और कुछ कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्या जैसे कारणों की वजह से बहुत से सब्सक्राइबर्स रिलायंस जियो और भारती एयरटेल जैसी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों के पास वापस चले गए थे। हालांकि, इन कंपनियों को BSNL से चुनौती मिल सकती है। हाल ही में इस सरकारी टेलीकॉम कंपनी ने अपना 4G नेटवर्क लॉन्च किया है। इसके साथ ही BSNL ने कुछ नई सर्विसेज भी शुरू की हैं। 
 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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