BSNL के सब्क्राइबर्स के डेटा की चोरी में अमेरिकी सैनिक गिरफ्तार

पिछले वर्ष मई में एक हैकर ने कंपनी के SOLARIS सर्वर और महत्वपूर्ण सिक्योरिटी की डेटा के उसके पास होने का दावा किया था

BSNL के सब्क्राइबर्स के डेटा की चोरी में अमेरिकी सैनिक गिरफ्तार

दक्षिण कोरिया में तैनात यह सैनिक एक कम्युनिकेशंस स्पेशिलिस्ट है

ख़ास बातें
  • दक्षिण कोरिया में तैनात Cameron John Wagenius कम्युनिकेशन स्पेशिलिस्ट है
  • अमेरिका में टेक्सस से कैमरून को 20 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था
  • BSNL के 278 GB डेटा को बेचने की पेशकश की गई थी
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पिछले वर्ष सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के एक सर्वर को हैक कर सब्सक्राइबर्स की जानकारी के साथ ही अन्य डेटा की भी चोरी की गई थी। पिछले वर्ष के अंत में अमेरिका के एक सैनिक को अमेरिकी टेलीकॉम कंपनियों से हैक किए गए डेटा को बेचने की कोशिश में पकड़ा गया था। 

दक्षिण कोरिया में तैनात Cameron John Wagenius एक कम्युनिकेशंस स्पेशिलिस्ट है। अमेरिका में टेक्सस से कैमरून को 20 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, BSNL के डेटा की चोरी में भी यह जुड़ा हुआ था। इस रिपोर्ट में  सायबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के हवाले से बताया गया है कि कैमरून ही "kiberphant0m" हो  सकता है, जिसने एक डार्क वेब मार्केटप्लेस Breached Forums पर लगभग 5,000 डॉलर में इस सरकारी टेलीकॉम कंपनी के 278  GB डेटा को बेचने की पेशकश की थी। इस डेटा में कंपनी का होम लोकेशन डेटाबेस, इंटरनेशनल मोबाइल सब्सक्राइबर्स की पहचान और SIM नंबर्स शामिल थे। 

पिछले वर्ष मई में इस हैकर ने कंपनी के SOLARIS सर्वर और महत्वपूर्ण सिक्योरिटी की डेटा के उसके पास होने का भी दावा किया था। उसने कहा था कि इस डेटा की कीमत कई लाख डॉलर की है लेकिन वह इसे बहुत सस्ता बेच रहा है। पिछले वर्ष जुलाई में केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया था कि BSNL के सर्वर्स में से एक को हैक किया गया है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने हैकिंग के इस मामले की रिपोर्ट दी थी। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कैमरून की पहचान होने का बड़ा कारण अमेरिका में सिक्योरिटी एजेंसियों के राडार पर इसका पहले से होना था। 

हैकिंग की समस्या पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कुछ उपाय भी किए हैं। इसी कड़ी में हाल ही में इंडियन सायबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) और टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने विदेशी हैकर्स के कम से कम 17,000 वॉट्सऐप एकाउंट्स को ब्लॉक किया था। इसका लक्ष्य विदशी क्रिमिनल नेटवर्क्स को तोड़ना और देश की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करना है।  सायबर क्रिमिनल अपने जाल में फंसाने के लिए लोगों को निवेश के मौकों, गेम्स, डेटिंग ऐप्स. और क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म्स की पेशकश करते हैं। ये लोगों को अक्सर सोशल मीडिया के जरिए अपने जाल में फंसाते हैं। 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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