भारत में Apple के लिए बढ़ी मुश्किल, CCI जल्द कर सकता है कार्रवाई

एपल के खिलाफ यह जांच लगभग चार वर्ष पहले शुरू की गई थी। यह कंपनी की ऐप्स के मार्केट में दबदबे वाली स्थिति का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल करने से जुड़ी थी

भारत में Apple के लिए बढ़ी मुश्किल, CCI जल्द कर सकता है कार्रवाई

कंपनी के खिलाफ अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है

ख़ास बातें
  • अगर एपल के खिलाफ आरोप साबित होते हैं तो कंपनी पर पेनल्टी लगाई जा सकती है
  • कंपनी के खिलाफ यह जांच लगभग चार वर्ष पहले शुरू की गई थी
  • देश में पिछले कुछ वर्षों में एपल का बिजनेस तेजी से बढ़ा है
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अमेरिकी डिवाइसेज मेकर Apple के खिलाफ भारत में गलत कारोबारी तरीकों को लेकर कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की ओर से जल्द कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में अंतिम सुनवाई से पहले CCI ने कंपनी को गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराने पर सहमति दी है। CCI ने अपनी जांच के निष्कर्षों में कंपनी पर अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। 

इस बारे में जानकारी रखने वाले एक आधिकारिक सूत्र ने NDTV Profit को बताया कि अगर एपल के खिलाफ आरोप साबित होते हैं तो कंपनी पर पेनल्टी लगाई जा सकती है। पिछले सप्ताह CCI ने इस मामले की अंतिम सुनवाई से पहले गोपनीयता का दायरा बनाने पर सहमति दी थी। इसमें एपल सहित चुनिंदा पक्षों को गोपनीय जानकारी तक पहुंच मिलेगी। यह जानकारी हासिल करने के बाद एपल को इस मामले की जांच रिपोर्ट पर जवाब दाखिल करना पड़ सकता है। इसमें कंपनी को जानकारी हासिल करने और जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह की समयसीमा दी जा सकती है। 

एपल के खिलाफ यह जांच लगभग चार वर्ष पहले शुरू की गई थी। यह कंपनी की ऐप्स के मार्केट में दबदबे वाली स्थिति का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल करने से जुड़ी थी। एपल पर आरोप था कि उसने ऐप्स के मार्केट में अपनी मजबूत स्थिति के कारण डिवेलपर्स को उसके प्रॉपराइटरी इन-ऐप परचेज सिस्टम का इस्तेमाल करने के लिए बाध्य किया था। इसके लिए डिवेलपर्स से 30 प्रतिशत तक फीस ली जा रही थी। 

 इस वर्ष अगस्त में CCI ने कंपनी के निवेदन पर इसके सभी राइवल्स को इस जांच की रिपोर्ट को लौटाने के लिए कहा था। हालांकि, इस ऑर्डर में यह नहीं बताया गया था कि एपल किस गोपनीय जानकारी को लेकर चिंतित है। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया था कि एपल को देश में उसके ऐप स्टोर के रेवेन्यू और मार्केट शेयर के आंकड़े के खुलासे की चिंता है। Reuters ने जुलाई में रिपोर्ट दी थी कि CCI की इनवेस्टिगेशन यूनिट की ओर से 2022 और 2024 में दी गई दो रिपोर्ट में पाया गया था कि एपल ने अपने iOS ऑपरेटिंग सिस्टम पर ऐप स्टोर्स के मार्केट में अपनी मजबूत स्थिति का गलत इस्तेमाल किया था। 
 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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