पिछले वर्ष दिसंबर में मस्क ने 600 अरब डॉलर की नेटवर्थ हासिल करने वाले दुनिया के पहले शख्स बनने की उपलब्धि हासिल की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X में भी मस्क की बड़ी हिस्सेदारी है
रॉकेट कंपनी SpaceX के शेयर की शुक्रवार को स्टॉक मार्केट पर प्रॉफिट के साथ लिस्टिंग हुई है
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) के मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली Tesla और रॉकेट कंपनी SpaceX के चीफ Elon Musk ने दुनिया का पहला ट्रिलिनेयर बनने की उपलब्धि हासिल की है। SpaceX के शेयर की शुक्रवार को स्टॉक मार्केट पर प्रॉफिट के साथ लिस्टिंग से मस्क की वेल्थ में बढ़ोतरी हुई है।
कुछ मार्केट एनालिस्ट्स ने SpaceX के शेयर की इनिशियल पब्लिक ऑफऱ (IPO) के प्राइस से मुनाफे पर लिस्टिंग को लेकर आशंका जताई थी। हालांकि, SpaceX के शेयर की 135 डॉलर के IPO के प्राइस से लगभग 11 प्रतिशत प्रॉफिट के साथ 150 डॉलर पर लिस्टिंग हुई है। इसके बाद स्पेस मिशंस से जुड़ी इस कंपनी का शेयर लगभग 164 डॉलर तक गया है। मस्क की मौजूदा नेटवर्थ में टेस्ला और SpaceX में उनकी हिस्सेदारी शामिल है। SpaceX के शेयर की स्टॉक मार्केट पर अच्छी शुरुआत के साथ ही मस्क ने ट्रिलिनेयर का खिताब भी हासिल किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और कुछ अन्य कंपनियों में भी मस्क की बड़ी हिस्सेदारी है। इससे पहले ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनी Amazon के फाउंडर Jeff Bezos को पीछे छोड़कर मस्क ने दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति के तौर पर अपना नाम दर्ज कराया था। पिछले वर्ष दिसंबर में मस्क ने 600 अरब डॉलर की नेटवर्थ हासिल करने वाले दुनिया के पहले शख्स बनने की उपलब्धि हासिल की थी। सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराने वाली मस्क के कंपनी Starlink को भारत में सर्विस शुरू करने के लिए अप्रूवल मिलने में देरी का SpaceX के शेयर की लिस्टिंग पर असर होने की आशंका थी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ है और SpaceX ने प्रॉफिट के साथ स्टॉक मार्केट में शुरुआत की है।
भारत में मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के तहत आने वाली सिक्योरिटी एजेंसियों ने देश में स्टारलिंक की सर्विस शुरू करने के लिए अंतिम मंजूरी को रोक दिया है। इसके पीछे ईरान में स्टारलिंक को लाइसेंस नहीं मिलने के बावजूद इसके सैटेलाइट टर्मिनल्स के इस्तेमाल से जुड़ी रिपोर्ट्स प्रमुख कारण है। इससे भू-राजनीतिक संकट की स्थिति में इस अमेरिकी कंपनी को कंट्रोल करने की अथॉरिटीज की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। देश में स्टारलिंक को लगभग एक वर्ष पहले ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट (GMPCS) लाइसेंस दिया गया था। हालांकि, इस लाइसेंस से कंपनी को सिर्फ अपने कामकाज के लिए तैयारी करने और एग्रीमेंट्स साइन करने की अनुमति मिली थी।
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