AI से कहीं रोजगार का खतरा तो कुछ सेक्टर में जॉब्स की बहार

इंटरनेट सर्च इंजन Google को ऑपरेट करने वाली Alphabet के CEO, Sundar Pichai हाल ही में ने कहा था कि AI का इस्तेमाल बढ़ने के बावजूद यह वर्कर्स की जगह नहीं ले सकता है

AI से कहीं रोजगार का खतरा तो कुछ सेक्टर में जॉब्स की बहार

IT एनेबल्ड सर्विसेज और BPO सेक्टर्स में इन जॉब्स में 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है

ख़ास बातें
  • इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में AI से जुड़ी जॉब्स 38 पर्सेंट बढ़ी हैं
  • AI की जॉब्स का बड़ा हिस्सा (53 प्रतिशत) AI सेक्टर में था
  • इस अवधि में नॉन-AI टेक जॉब्स में लगभग आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है
विज्ञापन
पिछले कुछ वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI) का बहुत से सेक्टर में इस्तेमाल बढ़ा है। हालांकि,  AI से कुछ इंडस्ट्रीज में बड़ी संख्या में रोजगार घटने को लेकर आशंकाएं भी जताई जा रही हैं। इसके साथ ही AI और मशीन लर्निंग (ML) से जुड़ी जॉब्स की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। 

एक मीडिया रिपोर्ट में देश की प्रमुख एंप्लॉयमेंट वेबसाइट्स में शामिल Naukri की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में AI से जुड़ी जॉब्स में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। Naukri पर अप्रैल से जून के बीच 35,000 से अधिक AI और मशीन लर्निंग से जुड़ी जॉब्स पोस्ट की गई हैं। इस अवधि में नॉन-AI टेक जॉब्स में लगभग आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। AI की जॉब्स का बड़ा हिस्सा (53 प्रतिशत) AI सेक्टर में था। इसके बाद बैंकिंग सेक्टर में ये जॉब्स 48 प्रतिशत बढ़ी हैं। IT एनेबल्ड सर्विसेज और BPO सेक्टर्स में इन जॉब्स में 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 

'AI: Friend, Foe or Frenemy' शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में 60,000 से अधिक नौकरी की खोज कर रहे उम्मीदवारों, हजारों जॉब लिस्टिंग्स और रिक्रूटर सर्वे के आधार पर जानकारी जुटाई गई है। AI के रोजगार पर असर को लेकर टेक इंडस्ट्री भी विभाजित है। इस बारे में AI सेफ्टी और रिसर्च फर्म Anthropic के CEO, Dario Amodei का कहना है कि 2030 तक लगभग 50 प्रतिशत व्हाइट-कॉलर और एंट्री लेवल जॉब्स गायब हो जाएंगी। हालांकि, Nvidia के CEO, Jensen Huang की दलील है कि इन जॉब्स की स्थिति में बदलाव होगा लेकिन ये पूरी तरह समाप्त नहीं होंगी। 

इंटरनेट सर्च इंजन Google को ऑपरेट करने वाली Alphabet के CEO, Sundar Pichai हाल ही में ने कहा था कि AI का इस्तेमाल बढ़ने के बावजूद यह वर्कर्स की जगह नहीं ले सकता है। पिचाई ने बताया था कि ह्युमन टैलेंट के विकल्प के बजाय AI एक एक्सेलरेटर के तौर पर कार्य करता है। इससे कंपनी को टेक्नोलॉजी के इमर्जिंग एरिया में अधिक मौकों का फायदा उठाने में आसानी होती है। पिचाई ने कहा था, "मुझे उम्मीद है कि हमारे मौजूदा इंजीनियरिंग बेस को अगले वर्ष तक बढ़ाया जाएगा।" उनका यह नजरिया उन कंपनियों से अलग है जो AI को कॉस्ट घटाने के एक जरिए के तौर पर देखती हैं। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में बढ़ सकती है Tesla की सेल्स, Model Y L के लिए मजबूत डिमांड
  2. Moto G77 Power कल होगा भारत में लॉन्च, 7,000mAh की बैटरी
  3. Vivo T5 Lite 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी
  4. क्या और महंगे होंगे मोबाइल-लैपटॉप? Samsung समेत कंपनियां बढ़ाएंगी RAM की कीमत
  5. Motorola Edge 70 Max जल्द होगा भारत में लॉन्च, Snapdragon 8 Gen 5 हो सकता है चिपसेट
  6. Samsung Galaxy A27 5G की भारत में सेल शुरू, लिमिटेड टाइम के लिए ₹3 हजार का डिस्काउंट!
  7. iQOO Z11 Lite का टीजर जारी, जल्द होगा भारत में लॉन्च, जानें सबकुछ
  8. Vivo X300e में मिल सकता है 6.59 इंच डिस्प्ले, 3C पर हुई लिस्टिंग
  9. मोबाइल ऐप से बंद हुए बैटरी रिक्शा, अब Google और Apple को हटानी होंगी ऐसी ऐप्स
  10. ई-रिक्शा के बाद अब ATM हो रहे हैं बंद? मोबाइल ऐप से कंट्रोल करने का वीडियो वायरल
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »