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भारत के इस राज्य में हैं इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सबसे अधिक संख्या....

उत्तर प्रदेश के पास अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग एंड मोबिलिटी पॉलिसी भी है। इस पॉलिसी का उद्देश्य EVs की संख्या बढ़ाना और बड़ा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है

भारत के इस राज्य में हैं इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सबसे अधिक संख्या....

उत्तर प्रदेश के पास अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग एंड मोबिलिटी पॉलिसी है

ख़ास बातें
  • उत्तर प्रदेश में लगभग 4.14 लाख रजिस्टर्ड EVs हैं
  • राजधानी दिल्ली लगभग 1.83 लाख EVs के साथ दूसरे स्थान पर है
  • पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री तेजी से बढ़ी है
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पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की बिक्री तेजी से बढ़ी है। देश में उत्तर प्रदेश में रजिस्टर्ड EVs की सबसे अधिक संख्या है। उत्तर प्रदेश में लगभग 4.14 लाख रजिस्टर्ड EVs हैं। इसके बाद राजधानी दिल्ली लगभग 1.83 लाख EVs हैं। महाराष्ट्र लगभग 1.79 लाख EVs के साथ तीसरे स्थान पर है। केंद्र सरकार की FAME स्कीम और राज्यों की EV पॉलिसीज से इन राज्यों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने वालों की संख्या बढ़ी है। 

केंद्र सरकार की FAME (Faster Adoption and Manufacturing of Hybrid and Electric Vehicles) I और FAME II स्कीम्स से उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक फायदा हुआ है। इससे राज्य सरकार की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ाने की कोशिशें भी मजबूत हुई हैं। उत्तर प्रदेश के पास अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग एंड मोबिलिटी पॉलिसी भी है। इस पॉलिसी का उद्देश्य EVs की संख्या बढ़ाना और बड़ा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। इस पॉलिसी के साथ राज्य सरकार का लक्ष्य इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के सेक्टर में लगभग 30,000 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट हासिल करने और लगभग 10 लाख जॉब्स बनाने का है। 

हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया था कि उसने 16 नगर निकायों में 300 से अधिक नए EV चार्जिंग स्टेशंस लगाने के लिए स्वीकृति दी है। पिछले वर्ष एक रिपोर्ट में बताया गया था कि देश में EV की पब्लिक चार्जिंग की डिमांड को पूरा करने के लिए 2030 तक लगभग 16,000 करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर की जरूरत होगी। FICCI EV पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर रोडमैप 2030 रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई थी। इस रिपोर्ट में 700 से अधिक शहरों का विश्लेषण किया गया था। इनमें से टॉप 20 शहरों और 20 हाइवे के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए प्रायरिटी दी जा सकती है। 

EV के मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली Tata Motors ने EV के लिए चार्जिंग स्टेशंस की संख्या को दो वर्षों में दोगुना करने की योजना बनाई है। हाल ही में कंपनी ने बताया था कि 2027 तक इन चार्जिंग स्टेशंस को बढ़ाकर लगभग चार लाख तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए चार्जवाइंट ऑपरेटर्स और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ टाई-अप किया जाएगा। टाटा मोटर्स ने 120 kW पर रेटेड लगभग 500 फास्ट चार्जिंग स्टेशंस का 'Tata.ev Mega Charger Network' भी लॉन्च किया है। 
 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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