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Upi Payments - ख़बरें

  • UPI पेमेंट 'फ्री' ही रहेगी! जानें P2P ट्रांजैक्शन का पेंच, नहीं होगा जेब पर असर
    सरकार ने अधिकारिक घोषणा करते हुए यह साफ कर दिया है कि आम आदमी के लिए UPI ट्रांजैक्शन बिल्कुल फ्री रहेंगे। एक आम यूजर, जो किसी तरह का बिजनेस ट्रांजैक्शन नहीं कर रहा, उसे कोई एक्स्ट्रा पैसा यूपीआई पेमेंट के लिए नहीं देना। सरकार ने ऐसे ट्रांजैक्शन को P2P ट्रांजैक्शन, या अंग्रेजी में Peer to Peer Transactions कहा है।
  • 5 हजार हो या 1 लाख, UPI से इन ट्रांजेक्शन पर नहीं लगेगा 5 रुपये से ज्यादा MDR चार्ज
    सरकार द्वारा कुछ कैटेगरी जैसे कि यूटिलिटी पर 0.4% की जगह फ्लैट ₹5 का चार्ज ही लगाया गया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इन चार्ज को ग्राहकों पर नहीं बल्कि मर्चेंट पर लगाया गया है और ग्राहकों को कुछ भी चार्ज नहीं देना होगा। सरकार द्वारा लागू किया गया नया एमडीआर 15 अक्तूबर से प्रभावी होगा। सबसे खास बात यह है कि अगर आप यूपीआई से पर्सन टू पर्सन ट्रांसफर करते हैं जैसे कि किसी दोस्त, रिश्तेदार या करीबी को पैसा ट्रांसफर करते हैं तो यह पूरी तरह से फ्री रहने वाला है।
  • 15 अक्टूबर से UPI पर बदल जाएंगे ये नियम, ₹2 हजार से ज्यादा पेमेंट से पहले जानें 7 बातें
    15 अक्टूबर 2026 से UPI पेमेंट से जुड़े नए MDR नियम लागू होने वाले हैं। इसके तहत ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा Person-to-Merchant यानी P2M पेमेंट पर 0.4% MDR लगाया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी। हालांकि, यह चार्ज सीधे ग्राहक से नहीं लिया जाएगा। ₹2,000 तक के सामान्य मर्चेंट पेमेंट और Person-to-Person यानी P2P ट्रांजैक्शन पहले की तरह फ्री रहेंगे। छोटे कारोबारियों के लिए भी MDR से छूट का प्रावधान जारी रहेगा। वहीं रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और फ्यूल जैसी कुछ कैटेगरी में ₹5 का फ्लैट MDR लागू होगा।
  • UPI Payment Rules: कौन सी ट्रांजैक्शन Free? किस पर लगेगा चार्ज? बिजली, पानी, मोबाइल पेमेंट पर क्या?
    सरकार ने पूरी तरह साफ कर दिया है कि अगर कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को (P2P) पर्सन टू पर्सन पैसा ट्रांसफर करता है तो इस पर कोई भी चार्ज नहीं लगाया जाएगा। इसका मतलब साफ है कि आम लोगों को यूपीआई पेमेंट करने पर कोई भी भुगतान नहीं देना होगा। इसके अलावा अधिकतर छोटे व्यपारियों पर इसका कोई असर नहीं होगा।
  • ₹2 हजार से ज्यादा UPI पेमेंट करने से पहले जान लें ये बात, जानें ₹2 हजार से ज्यादा की पेमेंट पर कितना लगेगा चार्ज
    UPI पेमेंट को लेकर नया नियम 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। NPCI के नए ढांचे के तहत ₹2,000 से ज्यादा के Person-to-Merchant (P2M) UPI पेमेंट पर 0.4% Merchant Discount Rate (MDR) लगाया जाएगा। हालांकि, यह ग्राहक से लिया जाने वाला ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं है। MDR मर्चेंट की तरफ से पेमेंट सिस्टम में दिया जाएगा और ₹75,000 या उससे ज्यादा के पेमेंट पर इसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी। ₹2,000 तक के P2M पेमेंट और सभी Person-to-Person (P2P) UPI पेमेंट फ्री रहेंगे। NPCI के मुताबिक करीब 96% P2M ट्रांजैक्शन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे।
  • ₹2000 तक की UPI पेमेंट रहेगी फ्री! सरकार ने दूर की उलझन
    ₹2000 तक के UPI ट्रांज़ैक्शन पर किसी तरह का चार्ज न लगाए जाने का नियम सरकार ने तय कर दिया है। अब आप बेफिक्र होकर यूपीआई से 2000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन बिल्कुल फ्री में कर सकते हैं। ₹2,000 की पेमेंट तय करने से इतना रास्ता जरूर साफ हो गया है कि इससे ऊपर के पेमेंट्स पर सरकार चाहे तो शुल्क लगा सकती है।
  • बिना इंटरनेट के फीचर फोन से होगा UPI पेमेंट, PhonePe ने लॉन्च किया UPI 123Pay; ऐसे करें रजिस्टर
    PhonePe ने भारत के फीचर फोन यूजर्स के लिए UPI 123Pay सर्विस लॉन्च की है। इसकी मदद से बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी फीचर फोन से UPI पेमेंट किया जा सकेगा। यह सेवा SMS आधारित तकनीक पर काम करती है और मोबाइल नंबर या UPI ID के जरिए पैसे भेजने के साथ QR कोड से भुगतान की सुविधा भी देती है। कैमरा वाले फीचर फोन में QR कोड स्कैन करके पेमेंट किया जा सकता है। यूजर्स बैंक बैलेंस और लेनदेन की जानकारी भी देख सकेंगे। Nokia, HMD, Lava और Itel के चुनिंदा फीचर फोन में यह सुविधा पहले से उपलब्ध होगी।
  • UPI से पेमेंट पर चार्ज लगाने का रास्ता खुला, राष्ट्रपति मुर्मू ने दी भुगतान से जुड़े कानूनों को मंजूरी
    UPI से पेमेंट पर चार्ज वसूलने का रास्ता अब सरकार ने साफ कर लिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कराधान और अन्य कानून (संशोधन) अधिनियम 2026, और भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 में संशोधन से जुड़े कानून को मंजूरी दे दी है।
  • UPI यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव! PhonePe, Google Pay, Paytm में छिप जाएगा आपका मोबाइल नंबर, जानें कारण
    UPI यूजर्स की प्राइवेसी बढ़ाने के लिए NPCI बड़े बदलावों की तैयारी कर रहा है। Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून के तहत UPI ऐप्स और बैंकों के साथ मोबाइल नंबर मास्क करने और Username आधारित UPI ID को बढ़ावा देने पर काम चल रहा है। नए नियम लागू होने के बाद दूसरे यूजर को मोबाइल नंबर के केवल आखिरी चार अंक ही दिखाई देंगे। QR कोड से पेमेंट के बाद भी मोबाइल नंबर नहीं दिखेगा। NPCI ने इन बदलावों को लागू करने के लिए 4 सितंबर की समयसीमा तय की है।
  • नेट नहीं, फिर भी होगी UPI पेमेंट! NPCI कर रहा है तैयारी, ऐसे काम करेगा नया फीचर
    भारत में जल्द ही ऑफलाइन UPI Tap & Pay फीचर लॉन्च हो सकता है। Business Standard की रिपोर्ट के मुताबिक, NPCI इस साल के आखिर तक ऑफलाइन UPI सपोर्ट करने वाले PoS टर्मिनल्स को सर्टिफाई करना शुरू कर सकता है। यह फीचर NFC टेक्नोलॉजी और UPI Lite पर आधारित होगा। यूजर्स पहले इंटरनेट के जरिए UPI Lite वॉलेट में पैसे जोड़ सकेंगे और बाद में बिना इंटरनेट व बिना UPI PIN डाले NFC सपोर्ट वाले PoS टर्मिनल पर टैप करके पेमेंट कर पाएंगे। शुरुआत में एक ट्रांजैक्शन की सीमा 2,000 रुपये तक हो सकती है।
  • UPI में आने वाला है AI का बड़ा अपग्रेड, वॉयस से होगा पेमेंट, फ्रॉड पर भी लगेगी लगाम!
    NPCI आने वाले समय में UPI प्लेटफॉर्म पर AI का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। NPCI के CEO दिलीप अस्बे के मुताबिक, AI की मदद से नए यूजर्स को जोड़ना, वॉयस और मल्टीलैंग्वेज फीचर्स के जरिए ऑनबोर्डिंग आसान बनाना और ऑनलाइन फ्रॉड की पहचान करना संभव होगा। भविष्य में AI आधारित सिस्टम डिजिटल प्रोफाइल के आधार पर यूजर्स और कारोबारियों को क्रेडिट देने में भी मदद कर सकते हैं। फिलहाल UPI रोजाना 75 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शंस प्रोसेस करता है और NPCI का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 100 करोड़ से ज्यादा दैनिक ट्रांजैक्शंस तक पहुंचाना है।
  • पुरानी UPI ID नहीं पसंद? मिनटों में बदलें, जानें आसान तरीका
    UPI ID (Virtual Payment Address) बदलने के लिए Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप्स में नई UPI ID बनानी होती है। ज्यादातर मामलों में मौजूदा UPI ID को सीधे एडिट नहीं किया जा सकता। अगर आपका बैंक सपोर्ट करता है, तो ऐप के Manage UPI ID सेक्शन में जाकर नई UPI ID बनाई जा सकती है और जरूरत पड़ने पर पुरानी ID हटाई जा सकती है। हालांकि, यह सुविधा सभी बैंकों में उपलब्ध नहीं होती। UPI ID बदलने से आपका बैंक अकाउंट या UPI PIN नहीं बदलता। इसलिए प्रक्रिया शुरू करने से पहले बैंक की उपलब्ध सुविधाएं जरूर जांच लें।
  • बिना PIN डाले होगी पेमेंट! Google Pay, PhonePe और Paytm में ऐसे चालू करें UPI Lite
    UPI Lite, NPCI द्वारा शुरू किया गया एक फीचर है, जो छोटे UPI ट्रांजैक्शन को तेज और आसान बनाता है। इसकी मदद से यूजर्स हर बार UPI PIN डाले बिना छोटे भुगतान कर सकते हैं। Google Pay, PhonePe, Paytm और कई बैंकिंग ऐप्स में यह सुविधा उपलब्ध है। UPI Lite इस्तेमाल करने के लिए पहले इसे ऐप में एक्टिवेट करना होता है और फिर बैंक अकाउंट से बैलेंस ऐड करना होता है। एक्टिवेशन के बाद यूजर्स छोटे भुगतान सीधे UPI Lite बैलेंस से कर सकते हैं, जिससे पेमेंट प्रोसेस पहले से ज्यादा सुविधाजनक हो जाता है।
  • हर महीने कट रहे हैं पैसे, लेकिन याद नहीं किसलिए? Paytm का नया Labels फीचर आएगा काम
    Paytm ने अपने UPI Auto Payments फीचर में नया Label विकल्प जोड़ा है। कंपनी का कहना है कि इससे यूजर्स के लिए अलग-अलग रिकरिंग पेमेंट्स और सब्सक्रिप्शन की पहचान करना आसान होगा। कई बार Google Play Store जैसे एक ही मर्चेंट के नाम पर कई सेवाओं की पेमेंट्स दिखाई देती हैं, जिससे यह समझना मुश्किल हो जाता है कि किस सर्विस के लिए पैसा कट रहा है। नए फीचर के जरिए यूजर्स हर Auto Payment को अपनी पसंद का नाम दे सकेंगे। इससे पेमेंट्स को मैनेज करना आसान होगा और गलती से किसी जरूरी सब्सक्रिप्शन को बंद करने की संभावना भी कम होगी।
  • अब AI करेगा आपकी तरफ से पेमेंट! भारत में लॉन्च हुआ नया UPI प्रोटोकॉल
    फिनटेक कंपनी Pine Labs ने भारत में Pine Labs Payment Protocol (P3P) लॉन्च किया है। यह नया सिस्टम AI एजेंट्स को यूजर की पहले से तय की गई सीमाओं के भीतर अपने आप UPI ट्रांजैक्शन करने की सुविधा देता है। कंपनी के अनुसार यूजर को केवल एक बार अनुमति देनी होगी, जिसके बाद AI एजेंट प्रोडक्ट खोजने, कीमतों की तुलना करने और भुगतान जैसी प्रक्रियाएं पूरी कर सकेगा। P3P को Grantex के साथ मिलकर विकसित किया गया है और इसमें सुरक्षा व खर्च नियंत्रण के कई फीचर्स दिए गए हैं। कंपनी का मानना है कि यह तकनीक भारत में AI आधारित कॉमर्स को बढ़ावा दे सकती है।

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