भारत सरकार UPI को Alipay+ से जोड़ने पर विचार कर रही है ताकि क्रॉस बॉर्डर डिजिटल पेमेंट आसान हो सकें।
Photo Credit: Unsplash/ David Dvoracek
सुरक्षा और डेटा चिंताओं के बाद होगा अंतिम फैसला
भारत सरकार और रिजर्व बैंक से जुड़े अधिकारी चीन से जुड़ी फिनटेक कंपनी Ant International के साथ कथित तौर पर बातचीत कर रहे हैं, ताकि उसके डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म Alipay+ को भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस, यानी UPI से जोड़ा जा सके। यह जानकारी न्यूज एजेंसी Reuters की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में सामने आई है, जिसमें आगे बताया गया है कि यह बातचीत क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल पेमेंट्स को आसान बनाने के मकसद से की जा रही है, जिससे विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों को फायदा मिल सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो भारतीय यूजर्स UPI के जरिए उन देशों में भी पेमेंट कर सकेंगे, जहां Alipay+ से जुड़े मर्चेंट्स मौजूद हैं। इससे खासतौर पर भारतीय टूरिस्ट्स को फायदा होगा, क्योंकि उन्हें विदेशों में अलग-अलग पेमेंट ऐप या कार्ड्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। Alipay+ पहले से ही कई इंटरनेशनल डिजिटल वॉलेट्स और पेमेंट सिस्टम्स को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ता है।
Ant International सिंगापुर स्थित कंपनी है, जिसकी स्थापना चीन की फिनटेक दिग्गज Ant Group ने की थी, हालांकि अब यह स्वतंत्र रूप से काम करती है। कंपनी के मुताबिक, Alipay+ दुनिया भर में करीब 1.8 अरब यूजर अकाउंट्स को 150 मिलियन से ज्यादा मर्चेंट्स से जोड़ता है और इसकी मौजूदगी एशिया, यूरोप, मिडिल ईस्ट और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों में है।
भारत की बात करें तो UPI देश में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, UPI के जरिए हर महीने करीब 18 अरब ट्रांजैक्शन्स प्रोसेस किए जा रहे हैं। सरकार और Reserve Bank of India लंबे समय से UPI को इंटरनेशनल लेवल पर विस्तार देने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि भारतीय यात्रियों और प्रवासी भारतीयों को रुपये में सीधे पेमेंट करने का ऑप्शन मिल सके और क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन्स में लगने वाली लागत और जटिलता कम हो।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि Alipay+ को UPI से जोड़ने पर कोई भी अंतिम फैसला सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा। रॉयटर्स ने सरकारी सूत्रों के हवाले से आगे बताया कि Alipay का चीन से जुड़ी बैकग्राउंड देखते हुए जियोपॉलिटिकल और डेटा सिक्योरिटी से जुड़े पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सूत्रों ने एजेंसी को यह भी बताया कि बातचीत अभी शुरुआती चरण में है और इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। गौरतलब है कि भारत ने साल 2020 में सीमा विवाद के बाद चीन से जुड़े निवेश पर सख्त नियम लागू किए थे, जो अब भी प्रभावी हैं। ऐसे में UPI और Alipay+ को जोड़ने से जुड़ा फैसला सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि रणनीतिक और सुरक्षा से जुड़े कई पहलुओं पर निर्भर करेगा।
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