Nasa News In Hindi

Nasa News In Hindi - ख़बरें

  • NASA के ऐतिहासिक Artemis II मिशन लॉन्च में होगी देरी! बताई वजह
    Artemis II मिशन को नासा ने मार्च तक के लिए टाल दिया है। चांद पर खोज का यह महत्वपूर्ण मिशन पहले 8 फरवरी को लॉन्च होने वाला था। नासा ने बताया कि उसने वेट ड्रेस रिहर्सल किया है। Space.com के अनुसार, यह ऐसा टेस्ट होता है जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के चारों ओर एक अभूतपूर्व पथ पर छोड़ देने के लिए विशाल रॉकेट सिस्टम का परीक्षण किया जाता है। नासा ने कहा कि ठंडे मौसम के कारण परीक्षण के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
  • 100 फीट बड़े 4 एस्टरॉयड धरती से टकराने वाले हैं? जानें NASA का अलर्ट
    जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी (JPL) की ओर से आज 4 एस्टरॉयड्स के लिए अलर्ट जारी किया गया है। ये एस्टरॉयड धरती के करीब आने वाले हैं। ये 100 फीट तक बड़े हैं। इस साइज का कोई एस्टरॉयड अगर पृथ्वी से टकरा जाता है तो भारी तबाही ला सकता है।
  • आसमान से आफत! 74 फीट बड़ा चट्टानी टुकड़ा आ रहा पृथ्वी के पास
    नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी ने कुछ ही घंटे में पृथ्वी के नजदीक आने वाले एक एस्टरॉयड के लिए अलर्ट जारी किया है। इसका नाम 2026 BG2 एस्टरॉयड है। Asteroid 2026 BG2 के बारे में JPL ने बताया है कि यह 74 फीट बड़ा है। यानि कि करीबन 100 फीट का ये चट्टानी टुकड़ा अब धरती की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
  • मंगल बर्फीला नहीं, नदियों और झीलों से भरा था! नई स्टडी में दावा
    वैज्ञानिक मानते हैं कि मंगल, या लाल ग्रह, कभी पृथ्वी जैसा था। पिछले चार सालों से NASA का पर्सेवरेंस रोवर (Perseverance rover) मंगल पर उस जगह का भ्रमण कर रहा है जहां पर कभी एक क्रेटर में एक शक्तिशाली नदी आकर गिरती थी। कंप्यूटर मॉडल सुझाते हैं कि प्राचीन मंगल पर अवश्य ही बर्फ गिरती होगी, बारिश होती होगी। इसने ग्रह पर सैकड़ों झीलों और नदी घाटियों का निर्माण किया होगा।
  • मंगल पर दिखी रहस्यमय बनावट! Elon Musk बोले- 'जांच के लिए मिशन भेजना चाहिए'
    Elon Musk ने मंगल पर एक खोजी अभियान भेजकर जांच करने की बात कही है। दरअसल नासा के मार्स ग्लोबल सर्वेयर (MGS) के मार्स ऑर्बिटर कैमरा (MOC) ने मंगल पर एक फोटो खींची थी जिसमें एक सटीक चौकोर आकृति दिखाई दे रही है। यह एक सटीक वर्ग जैसा दिखता है। Musk ने कहा है कि इसके बारे में सीधे जाकर खोज करनी चाहिए कि आखिर इस स्क्येअर शेप का रहस्य क्या है।
  • धरती से 400Km ऊपर से दिखा महाकुंभ का नजारा, Nasa ने शेयर की तस्‍वीरें
    यूपी के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में रोजाना लाखों की संख्‍या में लोग संगम पर स्‍नान के लिए पहुंच रहे हैं। इस नजारे को ना सिर्फ पृथ्‍वी से बल्कि अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है। नासा के अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट ने इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) से इस आयोजन की तस्‍वीरें ली हैं। ISS हमारी धरती से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में है।
  • 83 हजार Km की स्‍पीड से एयरोप्‍लेन जितना बड़ा एस्‍टरॉयड आ रहा पृथ्‍वी के करीब, क्‍या होगा?
    एक बार फ‍िर से एयरोप्‍लेन जितना बड़ा एस्‍टरॉयड पृथ्‍वी की ओर बढ़ रहा है। इसका नाम है- 2025 AY2। नाम से पता चल जाता है कि एस्‍टरॉयड को इसी साल खोजा गया है। नासा के अनुसार, यह 220 फीट बड़ा है और 83 हजार 788 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पृथ्‍वी की ओर बढ़ रहा है। अनुमान है कि आज यह धरती के करीब से गुजरेगा। तब दोनों के बीच दूरी 67 लाख 90 हजार किलोमीटर रह जाएगी।
  • विस्‍फोट के बाद ब्रह्मांड में फैली तारे की धूल, James Webb टेलीस्‍कोप ने किया कैप्‍चर, देखें 3D इमेज
    अंतरिक्ष में तैनात दुनिया का सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप- जेम्‍स वेब (James Webb Space Telescope) हर रोज हमारे ब्रह्मांड को कैप्‍चर कर रहा है। नासा के टेलीस्‍कोप ने अब अंतरतारकीय (interstellar) धूल और गैस की ज्‍यादा डिटेल इमेज ली हैं, जिससे वैज्ञानिकों ने इंटरस्‍टेलर धूल और गैस की 3डी संरचना बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 350 साल पहले एक तारे के खत्‍म होने से यह रोशनी, गैस और धूल निकली जो अबतक काफी लंबा सफर तय कर चुकी है।
  • चंद्रमा पर वैक्‍यूम क्‍लीनर भेज रहे वैज्ञानिक, क्‍या काम करेगा? जानें
    अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने एक अभूतपूर्व तकनीक को दुनिया को दिखाया है। इसका नाम लूनार प्‍लैनेटवैक (Lunar PlanetVac (LPV) है। इससे वैज्ञानिकों के चंद्रमा और अन्य ग्रहों पर मिट्टी और चट्टान के सैंपल इकट्ठा करने और उन्‍हें स्‍टडी करने के तरीके में बदलाव आएगा। रिपोर्टों के अनुसार, इस तकनीक को हनीबी रोबोटिक्स ने डेवलप किया है।
  • मंगल ग्रह पर ‘एलियंस की खोज’ के लिए Nasa बना रही नया प्‍लान, पृथ्‍वी पर लाने होंगे सबूत
    साल 2021 से ही नासा का पर्सवेरेंस रोवर (Perseverance rover) मंगल ग्रह से चट्टानों और तलछटों के सैंपल इकट्ठा कर रहा है। हालांकि अभी तक नासा कन्‍फर्म नहीं है कि सैंपलों को कबतक पृथ्‍वी पर लाया जा सकेगा। पहले नासा चाहती थी कि इस दशक के आखिर तक सैंपलों को पृथ्‍वी पर ले आया जाए, पर अब उसमें देर होती हुई दिख रही है।
  • सूर्य को ‘छूकर’ क्‍या बच पाएगा Nasa का पार्कर, 980 डिग्री तापमान झेला, वैज्ञानिक कर रहे सिग्‍नल का इंतजार
    नासा (Nasa) के पार्कर सोलर प्रोब ने क्र‍िसमस की पूर्व संध्‍या पर सूर्य (Sun) के बेहद नजदीक से उड़ान भरी थी। वह एक ऐतिहासिक पल था। हालांकि वैज्ञानिकों को अबतक यह मालूम नहीं है कि पार्कर सोलर प्रोब ‘जिंदा’ है या फ‍िर सूर्य की गर्मी से ‘राख’ हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें कुछ दिनों का टाइम लग सकता है। वैज्ञानिक इंतजार कर रहे हैं कि पार्कर सोलर प्रोब का उनसे संपर्क हो पाए और वह संकेत भेजे कि सबकुछ ठीक है।
  • क्‍या चांद पर दोबारा इंसान को भेज पाएगी Nasa? आर्टिमिस मिशन में हो रही देरी, जानें वजह
    नासा कई वर्षों से आर्टिमिस मिशन पर काम कर रही है। इसके तहत एक बार फ‍िर से इंसान को चांद पर भेजने की तैयारी है। 2022 में नासा ने आर्टिमिस मिशन के तहत ओरियन स्‍पेसक्राफ्ट को चांद के करीब तक भेजा था। हालांकि उसमें क्रू मौजूद नहीं था। कहा गया कि एजेंसी ने शुरुआती तैयारी की है और जल्‍द इंसानों को भी चांद पर भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। अब ऐसा लगता है कि मिशन में देरी हो रही है।
  • बाल-बाल बची धरती! एयरोप्‍लेन जितना बड़ा एस्‍टरॉयड पास से गुजरा, जानें इसके बारे में
    क्र‍िसमस से एक दिन पहले पृथ्‍वी का सामना एयरोप्‍लेन जितने बड़े एस्‍टरॉयड के साथ हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, 2024 XN1 नाम का एस्‍टरॉयड मंगलवार सुबह धरती के करीब से 14,743mph की रफ्तार से गुजरा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) पहले ही बता चुकी थी कि क्र‍िसमस से एक दिन पहले यह पृथ्‍वी के करीब आएगा और इसके धरती से टकराने का चांस नहीं है।
  • 24 हजार km की स्‍पीड से पृथ्‍वी के करीब आ रहा एस्‍टरॉयड, क्र‍िसमस से पहले देगा ‘दस्‍तक’
    हमारी पृथ्‍वी का सामना लगभग हर रोज किसी एस्‍टरॉयड से होता है। ऐसी ही एक ‘चट्टानी’ आफत क्र‍िसमस से ठीक पहले 24 दिसंबर को ‘दहलाने’ आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 XN1 नाम का एस्‍टरॉयड करीब 24 हजार किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और जब यह हमारे ग्रह के करीब आएगा, तब दोनों के बीच दूरी 44 लाख 80 हजार किलोमीटर रह जाएगी। इसका साइज करीब 120 फीट है।
  • मंगल ग्रह पर मरकर ‘जिंदा हुआ’ Nasa का Ingenuity हेलीकॉप्‍टर, जानें पूरा मामला
    पहली बार वैज्ञानिकों ने दूसरे ग्रह पर किसी हेलीकॉप्‍टर की जांच की है। Nasa JPL के Ingenuity मिशन मैनेजरों का कहना है कि हेलीकॉप्टर को लाल ग्रह (Red Planet) पर दूसरा जीवन मिल सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि हेलीकॉप्‍टर के बैटरी सेंसर काम कर रहे हैं और यह हेलीकॉप्‍टर अब एक तरह के मौसम स्टेशन (Weather Station) के रूप में काम करना जारी रखेगा।

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