Moon Mission

Moon Mission - ख़बरें

  • Artemis II लॉन्च: 50 साल बाद इंसानों का 10 दिन का मून मिशन शुरू, यहां समझें पूरा प्लान
    NASA ने Artemis II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है, जो 1972 के बाद पहली बार इंसानों को चांद के आसपास ले जाने वाला मिशन है। यह मिशन चांद पर लैंड नहीं करेगा, बल्कि Orion कैप्सूल “free-return trajectory” पर चांद के चारों ओर घूमकर वापस पृथ्वी पर आएगा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भविष्य के चांद मिशन्स के लिए जरूरी सिस्टम्स और टेक्नोलॉजी को टेस्ट करना है। मिशन करीब 10 दिनों तक चलेगा और इसमें क्रू स्पेसक्राफ्ट की परफॉर्मेंस, सेफ्टी और डीप स्पेस ऑपरेशन्स को जांचेगा।
  • Artemis II Launch: जानें NASA के SLS रॉकेट की ताकत, जिससे आज शुरू होगा नया Moon मिशन
    NASA का Artemis II मिशन लॉन्च के करीब है और इसे 1 अप्रैल 2026 (US टाइम) के लिए टारगेट किया गया है। यह मिशन 50 साल से ज्यादा समय बाद इंसानों को चंद्रमा के आसपास ले जाएगा। इसमें चार अंतरिक्ष यात्री Orion spacecraft के जरिए डीप स्पेस में जाएंगे। लॉन्च Kennedy Space Center से Space Launch System रॉकेट के साथ होगा। भारत में यह लॉन्च 2 अप्रैल को तड़के करीब 3:54 बजे (अनुमानित) देखा जा सकता है।
  • 53 साल बाद इंसान फिर चांद की ओर! NASA ने शुरू की उलटी गिनती, जानें क्या है Artemis II मिशन
    NASA ने Artemis II मिशन के लिए काउंटडाउन शुरू कर दिया है, जो करीब 53 साल बाद इंसानों को चांद की ओर ले जाएगा। यह मिशन Space Launch System रॉकेट के जरिए लॉन्च होगा और इसमें चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे। मिशन में चांद पर लैंडिंग नहीं होगी, बल्कि यह एक फ्लाईबाय मिशन होगा, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद की कक्षा में जाकर वापस लौटेंगे। इससे पहले Apollo प्रोग्राम के तहत 1972 में आखिरी बार इंसान चांद पर गया था।
  • NASA के चांद मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के हाथ में होगा खास बैंड, जानें कैसे करेगा काम
    NASA का Artemis II मिशन 2 अप्रैल 2026 को लॉन्च होने वाला है, जो Apollo के बाद पहला crewed deep-space मिशन होगा। इस मिशन में चार astronauts चांद के आसपास यात्रा करेंगे। खास बात यह है कि इस बार “Archer” स्टडी के तहत astronauts रिस्टबैंड पहनेंगे, जो उनकी नींद, स्ट्रेस, मूवमेंट और टीमवर्क से जुड़ा डेटा रिकॉर्ड करेंगे। कंपनी के मुताबिक यह रिसर्च भविष्य के Moon और Mars मिशन के लिए अहम साबित हो सकती है, क्योंकि इससे डीप स्पेस में इंसानों के व्यवहार और हेल्थ पर पड़ने वाले असर को समझने में मदद मिलेगी।
  • सिकुड़ रही है चंद्रमा की धरती! NASA के Artemis मिशन में पड़ेगी खटाई? वैज्ञानिकों ने क्या कहा, जानें
    चंद्रमा की सतह में तेज हलचल पाई गई है और यहां पर भूकंपों की जबरदस्त संभावना है, जो भविष्य के चंद मिशनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि चंद्रमा पर टेक्टॉनिक प्लेटों की गतिविधि अनुमान से कहीं अधिक है और जितना सोचा गया था, उससे कहीं अधिक बड़े पैमाने पर फैली हुई है।
  • NASA के ऐतिहासिक Artemis II मिशन लॉन्च में होगी देरी! बताई वजह
    Artemis II मिशन को नासा ने मार्च तक के लिए टाल दिया है। चांद पर खोज का यह महत्वपूर्ण मिशन पहले 8 फरवरी को लॉन्च होने वाला था। नासा ने बताया कि उसने वेट ड्रेस रिहर्सल किया है। Space.com के अनुसार, यह ऐसा टेस्ट होता है जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के चारों ओर एक अभूतपूर्व पथ पर छोड़ देने के लिए विशाल रॉकेट सिस्टम का परीक्षण किया जाता है। नासा ने कहा कि ठंडे मौसम के कारण परीक्षण के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
  • धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
    NASA की एक नई स्टडी ने धरती पर पानी की उत्पत्ति को लेकर अहम जानकारी दी है। अपोलो मिशनों के दौरान चांद से लाए गए सैंपल्स के विश्लेषण में वैज्ञानिकों को संकेत मिले हैं कि उल्कापिंडों ने धरती पर सिर्फ सीमित मात्रा में पानी पहुंचाया था। रिसर्च के मुताबिक, पृथ्वी का अधिकांश पानी उसके बनने के शुरुआती दौर में मौजूद मटेरियल से ही आया था। इस स्टडी में ट्रिपल ऑक्सीजन आइसोटोप्स का इस्तेमाल किया गया, जिससे अरबों साल पुराने इम्पैक्ट्स का रिकॉर्ड समझना संभव हुआ है।
  • चांद पर भेजें अपना नाम, NASA दे रहा है Free मौका, यहां जानें रजिस्टर करने का तरीका
    NASA अपने Artemis प्रोग्राम के तहत Artemis II मिशन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जो इंसानों को अब तक की सबसे दूर की मानव अंतरिक्ष यात्रा पर ले जाएगा। इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स चांद के चारों ओर 10 दिन की यात्रा करेंगे। NASA ने इस मिशन के साथ आम लोगों को भी जोड़ते हुए “Send Your Name with Artemis” पहल शुरू की है। 21 जनवरी तक नाम रजिस्टर करने पर यूजर्स को डिजिटल बोर्डिंग पास मिलेगा और उनका नाम Orion स्पेसक्राफ्ट के जरिए चांद तक जाएगा।
  • इस वर्ष के अंत तक गगनयान का ट्रायल शुरू करेगा ISRO
    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। इससे पहले यह ट्रायल मिशन पिछले वर्ष के अंत में और इस वर्ष मार्च में किया जाना था। ISRO के चेयरमैन, V Narayanan ने बताया कि इस वर्ष अक्टूबर से तीन बिना क्रू वाले स्पेस मिशंस का ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद दो क्रू वाले ट्रायल मिशन होंगे। एक ऑर्बिटल स्पेस फ्लाइट में देश के पहले एस्ट्रोनॉट 2027 में उड़ान भरेंगे।
  • बृहस्पति पर चलते हैं ऑस्ट्रेलिया के साइज से भी बड़े चक्रवात! Juno स्पेसक्राफ्ट की नई खोज
    NASA का जूनो (Juno) स्पेसक्राफ्ट लगातार जुपिटर के बारे में खोजबीन कर रहा है। स्पेसक्राफ्ट ने नई खोजें वैज्ञानिकों के पास भेजी हैं। रेडियो सिग्नल, माइक्रोवेव सेंसर, और इंफ्रारेड इमेजिंग के माध्यम से जुपिटर का यह छुपा हुआ चेहरा वैज्ञानिकों के सामने आया है। यह ग्रह ऑस्ट्रेलिया से भी बड़े विशाल ध्रुवीय चक्रवातों का घर है, यहां भयंकर जेट धाराएं बहती हैं। चंद्रमा Io पर अभी भी मैग्मा मौजूद है।
  • 'अंतरिक्ष से शानदार दिखता है भारत', NASA की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स ने जानकारी
    अंतरिक्ष से भारत को देखने के बारे में विलियम्स ने कहा, "जब आप पूर्व से आते हैं और गुजरात और मुंबई में जाते हैं तो आपको समुद्र में मछुआरों के बेड़े दिखते हैं। पूरे भारत में मुझे दिखा कि बड़े शहरों में लाइट्स का नेटवर्क नीचे छोटे शहरों की तरफ जा रहा है। भारत को दिन के साथ ही रात में देखना बहुत शानदार है।" उन्होंने भारत आने को लेकर भी उत्साह दिखाया।
  • चंद्रयान-5 के लिए सरकार ने दिया ISRO को अप्रूवल
    यह मिशन चंद्रमा पर वातावरण और अन्य स्थितियों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा सकता है। भारत का लक्ष्य 2040 तक चंद्रमा पर ह्युमन मिशन भेजने का है। चंद्रयान-5 मिशन में लगभग 350 किलोग्राम के रोवर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मिशन में जापान का भी सहयोग लिया जाएगा। इससे पहले ISRO ने चंद्रयान-4 मिशन के लिए तैयारी शुरू की है।
  • चंद्रयान-3 मिशन ने खोले चांद के गहरे राज, कई हिस्सों पर हो सकती है बर्फ!
    चंद्रयान-3 मिशन की मदद से वैज्ञानिकों को चांद के बारे में एक अहम जानकारी मिलने की बात सामने आ रही है। चंद्रयान मिशन के द्वारा डेटा इकट्ठा किया गया, उसकी स्टडी से यह सामने आया है कि चांद पर कई और ऐसी जगहें हो सकती हैं जहां पर बर्फ मौजूद हो सकती है। ये जगहें इसकी सतह के नीचे बताई जा रही हैं।
  • चंद्रमा पर पानी की खोज के लिए NASA ने लॉन्च किया सैटेलाइट
    अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने चंद्रमा पर पानी की खोज के लिए Lunar Trailblazer सैटेलाइट लॉन्च किया है। इसका भार लगभग 200 किलोग्राम का है। इसके सोलर पैनल पूरी तरह खुले होने पर यह लगभग 3.5 मीटर चौड़ा है। इस सैटेलाइट को फ्लोरिडा में Kennedy Space Center से स्पेस में लॉन्च किया गया है।
  • चंद्रमा पर 2027 में पहुंचेगा भारत का चंद्रयान-4, धरती पर लाए जाएंगे सैम्पल
    चंद्रयान-4 का कुल भार लगभग 9,200 किलोग्राम का होगा। यह चंद्रयान-3 की तुलना में दोगुने से अधिक है। इसका साइज अधिक होने की वजह से दो लॉन्च व्हीकल मार्क- III (LVM 3) रॉकेट्स का इस्तेमाल जरूरी है। ये रॉकेट पांच विभिन्न मॉड्यूल्स को धरती के ऑर्बिट में ले जाएंगे, जहां चंद्रमा की यात्रा से पहले इन मॉड्यूल्स की डॉकिंग की जाएगी।

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