Mars News

Mars News - ख़बरें

  • NASA के चांद मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के हाथ में होगा खास बैंड, जानें कैसे करेगा काम
    NASA का Artemis II मिशन 2 अप्रैल 2026 को लॉन्च होने वाला है, जो Apollo के बाद पहला crewed deep-space मिशन होगा। इस मिशन में चार astronauts चांद के आसपास यात्रा करेंगे। खास बात यह है कि इस बार “Archer” स्टडी के तहत astronauts रिस्टबैंड पहनेंगे, जो उनकी नींद, स्ट्रेस, मूवमेंट और टीमवर्क से जुड़ा डेटा रिकॉर्ड करेंगे। कंपनी के मुताबिक यह रिसर्च भविष्य के Moon और Mars मिशन के लिए अहम साबित हो सकती है, क्योंकि इससे डीप स्पेस में इंसानों के व्यवहार और हेल्थ पर पड़ने वाले असर को समझने में मदद मिलेगी।
  • मंगल ग्रह पर चीनी वैज्ञानिकों को यह क्या मिला! लाल ग्रह की गुफाओं में छुपे जीवन के राज
    मंगल ग्रह पर वैज्ञानिकों को पानी की मौजूदगी के नए सबूत मिले हैं। चीन से वैज्ञानिकों ने मंगल के हेबरस वेल्स क्षेत्र में नई गुफाओं के बारे में पता लगाया है जो एक अभूतपूर्व खोज है। यहां पर 8 गुफाएं खोजी गई हैं जिनके बनने का कारण पानी हो सकता है। Daily Galaxy की रिपोर्ट के अनुसार, ये नई संरचनाएं घुलनशील चट्टानों के रासायनिक विघटन के परिणामस्वरूप बनी हुई प्रतीत होती हैं।
  • मंगल बर्फीला नहीं, नदियों और झीलों से भरा था! नई स्टडी में दावा
    वैज्ञानिक मानते हैं कि मंगल, या लाल ग्रह, कभी पृथ्वी जैसा था। पिछले चार सालों से NASA का पर्सेवरेंस रोवर (Perseverance rover) मंगल पर उस जगह का भ्रमण कर रहा है जहां पर कभी एक क्रेटर में एक शक्तिशाली नदी आकर गिरती थी। कंप्यूटर मॉडल सुझाते हैं कि प्राचीन मंगल पर अवश्य ही बर्फ गिरती होगी, बारिश होती होगी। इसने ग्रह पर सैकड़ों झीलों और नदी घाटियों का निर्माण किया होगा।
  • 3 अरब साल पहले महासागर से घिरा था मंगल! मिले 'समुद्री बीच' के निशान
    मंगल के बारे में नई खोज सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि मंगल पर पूरा सागर मौजूद रहा होगा। नई स्टडी में दावा किया गया है कि यहां पर चट्टानों के नीचे समुद्री बीच (beach) मौजूद है। स्टडी को चीनी और अमेरिकी वैज्ञानिकों ने मिलकर कंडक्ट किया है। चीनी रोवर झुरॉन्ग का डेटा खंगालने पर वहां सागर का किनारा होने के सबूत मिले हैं।
  • मंगल पर दिखी रहस्यमय बनावट! Elon Musk बोले- 'जांच के लिए मिशन भेजना चाहिए'
    Elon Musk ने मंगल पर एक खोजी अभियान भेजकर जांच करने की बात कही है। दरअसल नासा के मार्स ग्लोबल सर्वेयर (MGS) के मार्स ऑर्बिटर कैमरा (MOC) ने मंगल पर एक फोटो खींची थी जिसमें एक सटीक चौकोर आकृति दिखाई दे रही है। यह एक सटीक वर्ग जैसा दिखता है। Musk ने कहा है कि इसके बारे में सीधे जाकर खोज करनी चाहिए कि आखिर इस स्क्येअर शेप का रहस्य क्या है।
  • चंद्रमा पर वैक्‍यूम क्‍लीनर भेज रहे वैज्ञानिक, क्‍या काम करेगा? जानें
    अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने एक अभूतपूर्व तकनीक को दुनिया को दिखाया है। इसका नाम लूनार प्‍लैनेटवैक (Lunar PlanetVac (LPV) है। इससे वैज्ञानिकों के चंद्रमा और अन्य ग्रहों पर मिट्टी और चट्टान के सैंपल इकट्ठा करने और उन्‍हें स्‍टडी करने के तरीके में बदलाव आएगा। रिपोर्टों के अनुसार, इस तकनीक को हनीबी रोबोटिक्स ने डेवलप किया है।
  • मंगल ग्रह पर ‘एलियंस की खोज’ के लिए Nasa बना रही नया प्‍लान, पृथ्‍वी पर लाने होंगे सबूत
    साल 2021 से ही नासा का पर्सवेरेंस रोवर (Perseverance rover) मंगल ग्रह से चट्टानों और तलछटों के सैंपल इकट्ठा कर रहा है। हालांकि अभी तक नासा कन्‍फर्म नहीं है कि सैंपलों को कबतक पृथ्‍वी पर लाया जा सकेगा। पहले नासा चाहती थी कि इस दशक के आखिर तक सैंपलों को पृथ्‍वी पर ले आया जाए, पर अब उसमें देर होती हुई दिख रही है।
  • मंगल ग्रह पर मरकर ‘जिंदा हुआ’ Nasa का Ingenuity हेलीकॉप्‍टर, जानें पूरा मामला
    पहली बार वैज्ञानिकों ने दूसरे ग्रह पर किसी हेलीकॉप्‍टर की जांच की है। Nasa JPL के Ingenuity मिशन मैनेजरों का कहना है कि हेलीकॉप्टर को लाल ग्रह (Red Planet) पर दूसरा जीवन मिल सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि हेलीकॉप्‍टर के बैटरी सेंसर काम कर रहे हैं और यह हेलीकॉप्‍टर अब एक तरह के मौसम स्टेशन (Weather Station) के रूप में काम करना जारी रखेगा।
  • चीनी रोवर ने मंगल ग्रह पर खोजे 3.42 अरब साल पुराने महासागर के सबूत
    कई शोधों में इस बात की तस्‍दीक हुई है कि मंगल ग्रह पर कभी महासागर हुआ करता था। नासा समेत यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी ने इसके सबूत खोजे हैं। अब चीन के झुरोंग रोवर की मदद से वैज्ञानिकों ने नए सबूत जुटाए हैं। इनसे पता चलता है कि अरबों साल पहले मंगल ग्रह पर महासागर था। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, झुरोंग रोवर 2021 में मंगल के उत्तरी निचले इलाकों में उतरा था। उसके स्‍पेसक्राफ्ट ने ग्रह की परिक्रमा की थी।
  • Big Breaking : स्‍पेसएक्‍स ने रचा इतिहास, दुनिया के सबसे भारी रॉकेट का लॉन्‍च टेस्‍ट ‘कामयाब’, बूस्‍टर की सफल लैंडिंग
    अंतरिक्ष के क्षेत्र में रविवार को इतिहास रचा गया। एलन मस्‍क की स्‍पेस कंपनी स्‍पेसएक्‍स ने दुनिया के सबसे भारी रॉकेट स्‍टारशिप का पांचवीं बार परीक्षण किया। स्‍पेसएक्‍स को बड़ी कामयाबी मिली, क्‍योंकि रॉकेट का बूस्‍टर लॉन्‍च साइट पर वापस लौट आया। वहीं, अपर स्‍टेज भी तय समय पर स्‍पैलशडाउन के लिए हिंद महासागर में पहुंच गया। यह भविष्‍य में इंसान को मंगल ग्रह (Mars) तक ले जाने का रास्‍ता पुख्‍ता करेगा।
  • मंगल ग्रह पर 500 दिन तक रहेगा इंसान, Nasa ने फाइनल की तारीख! आप भी जानें
    अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा, मंगल ग्रह को लेकर कई मिशन प्‍लान कर रही है, जिसमें अंतरिक्ष यात्र‍ियों को मंगल ग्रह पर भेजना भी शामिल है। नासा साल 2035 तक इंसानों को मंगल पर भेजना है। यह सफर आसान नहीं होने वाला। सिर्फ एक तरफ का सफर यानी पृथ्‍वी से मंगल तक पहुंचने में 6 से 7 महीने लगेंगे और 40 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। योजना है कि मंगल ग्रह की सतह पर एस्‍ट्रोनॉट 500 दिन रहें।
  • मंगल ग्रह पर दिखा ‘डरावना स्‍माइली’, स्‍पेस एजेंसी ने बताया तस्‍वीर का सच
    यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ESA) ने मंगल ग्रह पर दिखी एक तस्‍वीर को शेयर किया है। यह एक डरावना स्‍माइली चेहरा है, जो असल में क्लोराइड नमक का भंडार है। इमेज को एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर (ExoMars Trace Gas Orbiter) ने कैप्‍चर किया। ईएसए ने बताया है कि मंगल ग्रह पर कभी नदियां, झीलों और शायद महासागरों की मौजूदगी थी। वहां मिले क्‍लोराइड नमक के भंडार से ग्रह के अतीत का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
  • Elon Musk ने बता दी मंगल ग्रह पर जाने की तारीख! 2026 से उड़ान भरेगा स्‍टारशिप रॉकेट
    एलन मस्‍क का मानना है कि अगर सबकुछ प्‍लानिंग के हिसाब से हुआ तो स्टारशिप रॉकेट दो साल बाद मंगल ग्रह के लिए उड़ान भरना शुरू कर देगा। एक पोस्‍ट में उन्‍होंने कहा कि मंगल पर सेफ लैंडिंग से जुड़े परीक्षणों में एस्‍ट्रोनॉट्स को शामिल नहीं किया जाएगा। कामयाबी मिली तो क्रू म‍िशन को अगले चार साल में भेजा जा सकता है। मस्‍क ने उम्‍मीद जताई कि एक बार सफलता मिलने के बाद उड़ान भरने की दर तेज होगी।
  • मंगल ग्रह पर जिंदगी का सबूत! इस इलाके की चट्टानों में मिला पानी! जानें पूरा मामला
    Water on Mars Jezero Crater : नासा के पर्सवेरेंस रोवर (Perseverance rover) ने लाल ग्रह से जो चट्टानी सैंपल जुटाए थे, उनमें पानी के संकेत हैं।
  • Elon Musk ने क्‍यों कहा, इंसान के मंगल ग्रह पर पहुंचने से पहले मर जाऊंगा… जानें
    Elon Musk : साल 2020 में वॉशिंगटन डीसी में एक सम्मेलन में एलन मस्क ने कहा था अगर हम अपनी प्रोग्रेस में सुधार नहीं करते, तो मैं निश्चित रूप से मंगल ग्रह पर जाने से पहले ही मर जाऊंगा।

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