• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • मंगल ग्रह पर दिखा ‘डरावना स्‍माइली’, स्‍पेस एजेंसी ने बताया तस्‍वीर का सच

मंगल ग्रह पर दिखा ‘डरावना स्‍माइली’, स्‍पेस एजेंसी ने बताया तस्‍वीर का सच

यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ESA) ने मंगल ग्रह पर दिखी अजीब से तस्‍वीर को शेयर किया है। यह तस्‍वीर एक डरावने स्‍माइली चेहरे की है।

मंगल ग्रह पर दिखा ‘डरावना स्‍माइली’, स्‍पेस एजेंसी ने बताया तस्‍वीर का सच

Photo Credit: ESA

यह इस इलाके में जीवन मौजूद होने के संकेत भी देता है।

ख़ास बातें
  • मंगल ग्रह पर दिखा 'डरावना स्‍माइली चेहरा'
  • यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी ने शेयर की तस्‍वीर
  • बताया कि यह क्‍लोराइड नमक का भंडार है
विज्ञापन
Mars Creepy Smiley Face : पृथ्‍वी के बाद वैज्ञानिकों ने किसी ग्रह को सबसे ज्‍यादा टटोलना चाहा है, तो वह मंगल ग्रह है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) समेत तमाम एजेंसियों ने अपने मिशनों को वहां भेजा है, जो लाल ग्रह के बारे में नई जानकारियां जुटा रहे हैं। ऐसी ही एक जानकारी में यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ESA) ने मंगल ग्रह पर दिखी अजीब से तस्‍वीर को शेयर किया है। यह तस्‍वीर एक डरावने स्‍माइली चेहरे की है। एक बारगी ऐसा लगता है जैसे आकृति को किसी ने उकेरा हो, लेकिन यह मंगल ग्रह पर मिल रहे उन सबूतों में से एक है, जिससे वहां अतीत में जीवन की मौजूदगी का पता चलता है।  
यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी ने बताया है कि मंगल ग्रह पर दिख रहा ‘डरावना स्माइली चेहरा' जैसी इमेज असल में 
क्लोराइड नमक का भंडार है। यह तस्‍वीर ने एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर (ExoMars Trace Gas Orbiter) ने कैप्‍चर की है। ईएसए ने लिखा है कि मंगल ग्रह पर कभी नदियां, झीलों और शायद महासागरों की मौजूदगी थी। वहां मिले क्‍लोराइड नमक के भंडार से उस अतीत का पता लगाने में मदद मिल सकती है। 
 


इस खोज का बहुत महत्‍व है। क्‍लोराइड नमक का भंडार मंगल ग्रह पर मिलना यह दर्शाता है कि वहां कभी पानी हुआ करता है, शायद अरबों साल पहले। यह इस इलाके में जीवन मौजूद होने के संकेत भी देता है। इससे यह भी पता चलता है कि अरबों साल पहले इस इलाके की जलवायु रहने लायक रही होगी। वैज्ञानिकों को लगता है कि इस जगह पर ऐसे सूक्ष्‍म जीव मौजूद हो सकते हैं, जो मंगल की कठाेर जलवायु में सुरक्षित हैं। 

ESA ने अपने इंस्‍टाग्राम हैंडल पर फोटो शेयर की, जिसे 9 हजार से ज्‍यादा लाइक्‍स मिल गए हैं। तस्‍वीर पर यूजर्स ने कई दिलचस्‍प कमेंट भी किए हैं। एक ने लिखा, इसे S24 अल्‍ट्रा प्रो मैक्‍स से शूट किया गया। 

एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर मिशन को साल 2016 में लॉन्‍च किया गया था। यह 7 साल के लिए प्रस्‍तावित था, लेकिन साढ़े 8 साल मिशन को हो गए हैं और यह अब भी काम कर रहा है। यह यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ESA) और रूसी स्‍पेस एजेंसी रॉस्‍कोस्‍मॉस का जॉइंट प्रोजेक्‍ट है। दोनों ने मिलकर ऑर्बिटर और एक लैंडर को मंगल ग्रह पर भेजा था। ऑर्बिटर तो सही से काम कर रहा है, पर लैंडर क्रैश हो गया था। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. OnePlus 13s की गिरी कीमत, 50MP कैमरा वाले फोन को इतने सस्ते में खरीदें
  2. 13000mAh बैटरी, 13MP कैमरा से लैस Vivo Pad 6 Pro लॉन्च, जानें क्या है खास
  3. Vivo X300 Ultra Launched: एक नहीं, दो 200MP कैमरों के साथ लॉन्च हुआ वीवो का नया फ्लैगशिप फोन, जानें कीमत
  4. Vivo X300s Launched: 200MP कैमरा और 7100mAh बैटरी के साथ आया नया कैमरा-सेंट्रिक फोन, जानें कीमत
  5. घर में 150-इंच स्क्रीन पर देखें सिनेमा, XElectron ने भारत में लॉन्च किया पोर्टेबल स्मार्ट प्रोजेक्टर
  6. Vivo X300s में मिलेगा 200MP कैमरा और 144Hz डिस्प्ले, लॉन्च से ठीक पहले कन्फर्म हुए स्पेसिफिकेशन
  7. Dak Sewa ऐप से घर बैठे ऑनलाइन उपयोग कर पाएंगे डाक सर्विस, जानें सबकुछ
  8. Vodafone Idea मई तक 90 और शहरों में 5G सर्विस करेगा शुरू, जानें क्या है पूरा प्लान
  9. Lava Bold N2 Pro 4G भारत में हो रहा 31 मार्च को लॉन्च, जानें स्पेसिफिकेशंस से लेकर सबकुछ
  10. OnePlus Ace 6 Ultra के स्पेसिफिकेशंस लीक, 8500mAh बैटरी के साथ Dimensity 9500 से होगा लैस
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »