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Ai Technology India - ख़बरें

  • चश्मे में कैमरा, AI ट्रांसलेशन और म्यूजिक सपोर्ट! Pebble ने भारत में लॉन्च किए Smart Glasses
    Pebble ने भारतीय बाजार में SEEQ AI Smart Glasses लॉन्च कर दिए हैं। कंपनी के मुताबिक, यह डिवाइस AI Assistant, 8MP कैमरा, 4K फोटो कैप्चर, Full HD वीडियो रिकॉर्डिंग और Smart Image Recognition जैसे फीचर्स के साथ आता है। इसमें 75 भारतीय और विदेशी भाषाओं का रियल-टाइम AI Translation भी मिलता है। OpenWaveX Open-Ear Audio, टच जेस्चर कंट्रोल और 50 ग्राम से कम वजन वाले फ्रेम इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त बनाते हैं। Pebble SEEQ AI Smart Glasses की शुरुआती कीमत 9,999 रुपये है, जबकि इसकी MRP 12,999 रुपये रखी गई है।
  • ट्रेन की गंदी चादरों पर AI का पहरा, IRCTC का सिस्टम सेकेंडों में ढूंढ़ेगा दाग
    भारतीय रेलवे ने चुनिंदा डिवीजनों में AI आधारित स्टेन डिटेक्शन तकनीक का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस सिस्टम में AI कैमरे धुलाई के बाद बेडशीट और अन्य लिनेन पर बचे दाग-धब्बों की पहचान करेंगे, ताकि यात्रियों को अधिक साफ और बेहतर क्वालिटी वाला लिनेन मिल सके। फिलहाल यह तकनीक पुणे, जयपुर और जोधपुर की मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में इस्तेमाल की जा रही है। इसके अलावा रेलवे ने लॉन्ड्री ऑपरेशन की मॉनिटरिंग के लिए CCTV कैमरे भी लगाए हैं और सफाई की क्वालिटी जांचने के लिए Whito-Meter का यूज जारी रखा है।
  • Samsung के नए 2026 AI AC लॉन्च, इनमें मानसून के लिए मिलेंगे 3 खास फीचर्स
    Samsung ने 2026 Bespoke AI WindFree Air Conditioner लाइनअप पेश की है। नई सीरीज में 23 मॉडल्स शामिल हैं, जिन्हें भारतीय मौसम और खासकर मानसून को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इनमें 3-in-1 Monsoon Care, Dry Comfort Technology, Freeze Wash और Durafin Ultra जैसे फीचर्स मिलते हैं। कंपनी का दावा है कि ये AC कमरे की नमी कम करने, बेहतर एयर क्वालिटी बनाए रखने और लंबे समय तक टिकाऊ परफॉर्मेंस देने में मदद करते हैं। नई लाइनअप AI आधारित कूलिंग, स्मार्ट कनेक्टिविटी और एनर्जी एफिशिएंसी के साथ आती है।
  • AI से चलेंगे, सेल्फ क्लीन भी करेंगे! Dreame ने भारत में लॉन्च किए 2 नए वैक्यूम क्लीनर
    Dreame Technology ने भारतीय बाजार में अपने दो नए रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर Dreame L50s Pro Ultra और Dreame L50 Ultra CE लॉन्च कर दिए हैं। दोनों डिवाइसेज AI आधारित नेविगेशन, स्मार्ट मैपिंग, ऑटोमैटिक कार्पेट डिटेक्शन और ऐप कंट्रोल जैसे फीचर्स के साथ आते हैं। फ्लैगशिप L50s Pro Ultra में 30,000Pa तक की सक्शन पावर मिलती है, जबकि L50 Ultra CE में 25,000Pa सक्शन पावर दी गई है। दोनों मॉडल्स में ऑटोमैटिक मॉप क्लीनिंग, डस्ट कलेक्शन और स्मार्ट डॉक सिस्टम मिलता है। इनकी कीमत क्रमशः 79,999 रुपये और 64,999 रुपये रखी गई है।
  • अब AI करेगा आपकी तरफ से पेमेंट! भारत में लॉन्च हुआ नया UPI प्रोटोकॉल
    फिनटेक कंपनी Pine Labs ने भारत में Pine Labs Payment Protocol (P3P) लॉन्च किया है। यह नया सिस्टम AI एजेंट्स को यूजर की पहले से तय की गई सीमाओं के भीतर अपने आप UPI ट्रांजैक्शन करने की सुविधा देता है। कंपनी के अनुसार यूजर को केवल एक बार अनुमति देनी होगी, जिसके बाद AI एजेंट प्रोडक्ट खोजने, कीमतों की तुलना करने और भुगतान जैसी प्रक्रियाएं पूरी कर सकेगा। P3P को Grantex के साथ मिलकर विकसित किया गया है और इसमें सुरक्षा व खर्च नियंत्रण के कई फीचर्स दिए गए हैं। कंपनी का मानना है कि यह तकनीक भारत में AI आधारित कॉमर्स को बढ़ावा दे सकती है।
  • Amazon का AI Store लॉन्च, आसान भाषा में समझाएगा टेक, शॉपिंग होगी स्मार्ट!
    Amazon ने भारत में AI Store लॉन्च किया है, जो AI-पावर्ड डिवाइसेस को खोजने और समझने के लिए एक नया प्लेटफॉर्म है। इसमें स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और वियरेबल्स जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, यह स्टोर यूजर्स को टेक्निकल जानकारी के बजाय AI फीचर्स के रियल लाइफ फायदे समझाने पर फोकस करता है। इसके अलावा Amazon ने Rufus AI असिस्टेंट, Lens सर्च और AR “view in your room” जैसे फीचर्स भी जोड़े हैं, जिससे शॉपिंग एक्सपीरियंस बेहतर होता है।
  • Hisense ने भारत में लॉन्च किए मोबाइल कनेक्टिविटी और AI स्मार्ट मोड वाले नए AC, जानें कीमत
    Hisense ने भारत में अपनी नई Intelli Cool Pro Series Room Air Conditioners लॉन्च किए हैं। कंपनी के मुताबिक, इन AC में QSD Rapid Inverter Technology दी गई है, जो तेजी से कूलिंग देने में मदद करती है। इसमें AI Smart Mode भी मिलता है, जो कमरे की स्थिति के अनुसार कूलिंग को एडजस्ट करता है। इसके अलावा AC में 3D Cool Air Flow, 4 Way Auto Swing और Long Distance Airflow जैसे फीचर्स दिए गए हैं। यह WiFi सपोर्ट के साथ आता है और Hisense ConnectLife ऐप के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है।
  • AI से कंटेंट बनाने वाले सावधान! डीपफेक और AI वीडियो पर भारत सरकार की लगाम, यहां पढ़ें नए नियम
    सरकार ने Information Technology Rules में संशोधन कर AI-जनरेटेड कंटेंट को औपचारिक रूप से रेगुलेट किया है। 20 फरवरी से लागू होने वाले IT Rules 2026 के तहत “synthetically generated information” की परिभाषा तय की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब AI से बने कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा और यूजर्स से इसकी घोषणा भी लेनी होगी। टेकेडाउन और शिकायत निपटान की समयसीमा को काफी कम कर दिया गया है, जिसमें कुछ मामलों में कंटेंट हटाने का समय 2 घंटे तक सीमित किया गया है।
  • AI रेस में आगे निकल गया भारत, Sarvam AI ने ChatGPT और Gemini को इन फील्ड में पछाड़ा
    Bengaluru आधारित Sarvam AI ने अपने नए AI मॉडल Sarvam Vision और Bulbul V3 को लेकर ग्लोबल AI कम्युनिटी में चर्चा तेज कर दी है। कंपनी के मुताबिक, Sarvam Vision ने OCR बेंचमार्क्स पर Google Gemini जैसे मॉडल्स से बेहतर परफॉर्म किया है। वहीं Bulbul V3 टेक्स्ट टू स्पीच मॉडल 22 भारतीय भाषाओं और 35 वॉयस को सपोर्ट करता है। Sarvam AI का फोकस भारत की भाषाई और डॉक्यूमेंट जरूरतों को ध्यान में रखकर AI को ज्यादा एक्सेसिबल बनाने पर है, जिसे अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिल रही है।
  • IIT जाने की तैयारी मुफ्त में कराएगा Google Gemini AI, ऐसे शुरू करें JEE एग्जाम प्रेप
    Google ने भारत में JEE की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए Gemini AI में नया मॉक टेस्ट फीचर लॉन्च किया है। इस फीचर के जरिए स्टूडेंट्स फ्री में JEE मॉक टेस्ट दे सकेंगे और अपनी तैयारी का स्तर समझ पाएंगे। India AI Summit 2026 में अनाउंस किया गया यह फीचर Careers360 और Physics Wallah के सहयोग से तैयार किया गया है। Gemini छात्रों को न सिर्फ सवाल देगा, बल्कि उनकी गलतियों का एनालिसिस और कॉन्सेप्ट एक्सप्लनेशन भी करेगा। बढ़ती कोचिंग फीस के बीच इसे एक किफायती विकल्प माना जा रहा है।
  • सरकारी अस्पतालों में AI की एंट्री, आम से गंभीर बिमारियों का पता लगाएगा देश का पहला AI क्लिनिक
    भारत के सरकारी हेल्थकेयर सिस्टम में एक अहम कदम उठाते हुए ग्रेटर नोएडा स्थित GIMS में देश का पहला सरकारी अस्पताल आधारित AI क्लिनिक शुरू किया गया है। यह क्लिनिक GIMS Centre for Medical Innovation के तहत स्थापित किया गया है, जहां डॉक्टरों और मरीजों को AI आधारित हेल्थकेयर सॉल्यूशन्स का बेनिफिट मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को रियल-वर्ल्ड क्लिनिकल एनवायरनमेंट में अपने सॉल्यूशन्स को टेस्ट और वैलिडेट करने का मौका देना है। इससे इलाज को ज्यादा सटीक, तेज और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बनाने में मदद मिलेगी।
  • 2030 तक AI बनेगा भारत की नेशनल सिक्योरिटी का इंजन, IFSEC India 2025 में दिखा टेक्नोलॉजी का दबदबा!
    दिल्ली के भारत मंडपम में IFSEC India 2025 का 18वां एडिशन आज शुरू हुआ और इस बार फोकस 'भारत की सिक्योरिटी और सर्विलांस इंडस्ट्री के हाई-टेक मोड़' पर है। AI, IoT, डेटा-ड्रिवन एनालिटिक्स, स्मार्ट कमांड प्लेटफॉर्म्स और अगली पीढ़ी के फायर एंड लाइफ सेफ्टी सिस्टम्स इस पूरे Expo की दिशा तय करते दिखे। यह इवेंट अब तक का सबसे बड़ा एडिशन है, जिसमें 150 से अधिक प्रदर्शक, 350 से ज्यादा ब्रांड्स और करीब 20,000 प्रोफेशनल्स के शामिल होने की तैयारी है।
  • CP Plus और Qualcomm ने मिलाया हाथ, भारत में तैयार होंगे नेक्स्ट जेनरेशन AI वीडियो सिक्योरिटी सिस्टम!
    CP Plus और Qualcomm Technologies ने भारत में AI-ड्रिवन वीडियो सिक्योरिटी सॉल्यूशन्स पेश करने के लिए नई पार्टनरशिप का ऐलान किया है। Qualcomm Dragonwing प्रोसेसर और Insight Platform के साथ, CP Plus का VMS अब रियल-टाइम, ऑन-डिवाइस AI एनालिटिक्स सपोर्ट करेगा, जिससे डेटा कभी भी बाहरी नेटवर्क पर नहीं जाएगा। यह एयर-गैप्ड मॉडल इंडस्ट्रियल यूनिट्स, एंटरप्राइजेज, पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और होम सिक्योरिटी में खास उपयोगी रहेगा। प्लेटफॉर्म में जेनरेटिव AI असिस्टेंट भी शामिल है, जो नैचुरल लैंग्वेज में क्वेरी लेकर घटनाओं का विश्लेषण बताता है। कंपनियों का कहना है कि यह नया सिस्टम भारत में अगली पीढ़ी की वीडियो इंटेलिजेंस तैयार करेगा।
  • भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर में 1.5 लाख करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट करेगी Microsoft 
    इस वर्ष की शुरुआत में देश में माइक्रोसॉफ्ट ने क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अगले दो वर्षों में तीन अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट करने की जानकारी दी थी। अगले पांच वर्षों में देश में लगभग एक करोड़ लोगों को यह AI से जुड़े स्किल्स की ट्रेनिंग देगी। भारत में माइक्रोसॉफ्ट के पास 22,000 से अधिक वर्कर्स हैं। कंपनी के गुरूग्राम, नोएडा, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और कुछ अन्य शहरों में ऑफिस हैं।
  • Microsoft ने पाकिस्तान में 25 वर्षों के बाद बंद किया ऑफिस
    Microsoft का ऑफिस 25 वर्षों से पाकिस्तान में था। कंपनी ने इस फैसले के पीछे इंटरनेशनल लेवल पर बिजनेस रिस्ट्रक्चरिंग और क्लाउड-बेस्ड मॉडल पर शिफ्ट का कारण बताया है। माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी वर्कफोर्स को लगभग चार प्रतिशत घटाने का फैसला किया है। इससे बहुत से देशों में कंपनी के 9,000 से अधिक वर्कर्स पर असर पड़ेगा।

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