Sarvam AI ने दावा किया है कि उसके नए मॉडल भारतीय भाषाओं में OCR और Speech टास्क में बेहतर हैं।
Photo Credit: Sarvam AI
Bulbul V3 22 भारतीय भाषाओं और 35 वॉयस को सपोर्ट करता है
Sarvam AI ने ग्लोबल AI कम्युनिटी में अपनी मौजूदगी मजबूत करनी शुरू कर दी है। बेंगलुरु बेस्ड इस स्टार्टअप ने हाल ही में अपने नए AI मॉडल्स Sarvam Vision और Bulbul V3 को लेकर दावा किया है कि ये भारतीय भाषाओं से जुड़े अहम टास्क में Google और OpenAI जैसे बड़े प्लेयर्स से भी बेहतर परफॉर्म कर रहे हैं। खासतौर पर OCR यानी ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन और टेक्स्ट टू स्पीच जैसे सेगमेंट में Sarvam AI का नाम चर्चा में है।
कंपनी के को फाउंडर Pratyush Kumar ने X पर शेयर की गई जानकारी में कहा कि Sarvam Vision ने olmOCR Bench पर 84.3 फीसदी की एक्युरेसी हासिल की है। उनके मुताबिक, यह स्कोर Google Gemini और DeepSeek OCR v2 जैसे मॉडल्स से बेहतर है। इसके अलावा OmniDocBench v1.5 पर Sarvam Vision ने 93.28 फीसदी एक्युरेसी दर्ज की है। कुमार का कहना है कि भारतीय भाषाओं के मामले में यह मॉडल फिलहाल सबसे आगे है।
Sarvam Vision को एक 3 बिलियन पैरामीटर वाले विजन लैंगुएज मॉडल के तौर पर पेश किया गया है। यह मॉडल इमेज कैप्शनिंग, सीन टेक्स्ट रिकग्निशन, चार्ट समझने और जटिल टेबल पार्सिंग जैसे टास्क संभालने में सक्षम बताया जा रहा है। कंपनी का फोकस अलग अलग क्वालिटी के स्कैन और कंटेंट को हैंडल करने पर भी रहा है, जो भारत जैसे विविध डॉक्यूमेंट लैंडस्केप में अहम माना जाता है।
Sarvam Vision achieves state-of-the-art accuracy of 84.3% on the olmOCR-Bench (English only subset) outperforming frontier models like Gemini 3 Pro and recent OCR models like DeepSeek OCR 2. pic.twitter.com/NsvN15hNqa
— Pratyush Kumar (@pratykumar) February 5, 2026
वहीं Sarvam AI का Bulbul V3 मॉडल टेक्स्ट टू स्पीच सेगमेंट में पेश किया गया है। कंपनी के मुताबिक, यह मॉडल 35 अलग अलग वॉयस को सपोर्ट करता है, जो भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं में फैली हुई हैं। इन भाषाओं में 1800 के दौर से लेकर आज तक की भाषा शैली को शामिल करने का दावा किया गया है। Pratyush Kumar का कहना है कि Bulbul V3 भारतीय भाषाओं के लिए डिजाइन किए गए सबसे मजबूत टेक्स्ट टू स्पीच मॉडल्स में से एक है।
Sarvam AI की वेबसाइट के मुताबिक, कंपनी का मकसद भारत में AI को ज्यादा एक्सेसिबल बनाना है। स्टार्टअप का कहना है कि वह ऐसे फाउंडेशनल AI कंपोनेंट्स तैयार करना चाहता है, जो भारत की खास जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए जाएं। कंपनी मानती है कि AI आने वाले समय में एक बड़ा टेक्नोलॉजिकल बदलाव लाने वाला है और भारत को इसमें भरोसे और कंट्रोल के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
Sarvam AI के काम को ग्लोबल लेवल पर भी सराहना मिल रही है। टेक कमेंटेटर Deedy Das ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह पहले Sarvam AI को लेकर गलत थे। उन्होंने लिखा कि एक साल पहले उन्हें इंडिक भाषाओं पर छोटे मॉडल ट्रेन करने की दिशा सही नहीं लगती थी, लेकिन अब Sarvam AI ने टेक्नोलॉजी के स्तर पर बड़ा टर्नअराउंड दिखाया है।
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