• होम
  • एआई
  • ख़बरें
  • सरकारी अस्पतालों में AI की एंट्री, आम से गंभीर बिमारियों का पता लगाएगा देश का पहला AI क्लिनिक

सरकारी अस्पतालों में AI की एंट्री, आम से गंभीर बिमारियों का पता लगाएगा देश का पहला AI क्लिनिक

ग्रेटर नोएडा के GIMS में देश का पहला सरकारी अस्पताल आधारित AI क्लिनिक शुरू किया गया है।

सरकारी अस्पतालों में AI की एंट्री, आम से गंभीर बिमारियों का पता लगाएगा देश का पहला AI क्लिनिक

Photo Credit: Pexels

GIMS ग्रेटर नोएडा में शुरू हुआ देश का पहला सरकारी AI क्लिनिक

ख़ास बातें
  • GIMS में शुरू हुआ भारत का पहला सरकारी अस्पताल आधारित AI क्लिनिक
  • हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को रियल-वर्ल्ड टेस्टिंग का मिलेगा मौका
  • AI से इलाज होगा तेज, सुरक्षित और ज्यादा सटीक
विज्ञापन

भारत के सरकारी हेल्थकेयर सिस्टम में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। मरीजों को बेहतर इलाज और आधुनिक तकनीक का फायदा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए देश का पहला सरकारी अस्पताल आधारित AI क्लिनिक शुरू किया गया है। यह क्लिनिक Government Institute of Medical Sciences (GIMS), ग्रेटर नोएडा में स्थापित किया गया है। इस पहल को उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सरकारी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। इसका मकसद सरकारी अस्पतालों में इलाज को ज्यादा सटीक, तेज और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बनाना है।

क्लिनिक GIMS Centre for Medical Innovation के तहत स्थापित किया गया है, जहां डॉक्टरों और मरीजों को सीधे AI-बेस्ड हेल्थकेयर सॉल्यूशन्स का बेनिफिट मिलेगा। इस पहल का एक अहम उद्देश्य हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को रियल-वर्ल्ड क्लिनिकल एनवायरनमेंट में अपने AI टूल्स को डेवलप, टेस्ट और वैलिडेट करने का मौका देना है, ताकि इनोवेशन सीधे अस्पतालों और मरीजों तक पहुंच सके।

ऑनलाइन उद्घाटन समारोह में भारत और कई अन्य देशों से 100 से ज्यादा एक्सपर्ट्स ने हिस्सा लिया। इसमें डॉक्टर, रिसर्चर्स, पॉलिसीमेकर्स और शिक्षाविद शामिल थे। इतना ही नहीं, इसमें लंदन के London Essex NHS Trust से जुड़े डॉक्टर भी शामिल थें।

GIMS AI क्लिनिक को IIT Kanpur, IIT Madras और IIIT Lucknow जैसे संस्थानों का सहयोग भी मिल रहा है। यहां मेडिकल इमेजिंग, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम और डेटा-ड्रिवन हेल्थकेयर सर्विसेज पर काम किया जाएगा। इसका फिजिकल लॉन्च कल, यानी 6 जनवरी को किया जाएगा।

GIMS के निदेशक और बाल रोग विशेषज्ञ ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता ने इस पहल को समय की जरूरत बताया। उनके मुताबिक, यह AI क्लिनिक हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को नए अवसर देगा और डॉक्टरों को आधुनिक टूल्स के जरिए बेहतर क्लिनिकल फैसले लेने में मदद करेगा।

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Vivo X300s में मिलेगा 200MP कैमरा और 144Hz डिस्प्ले, लॉन्च से ठीक पहले कन्फर्म हुए स्पेसिफिकेशन
  2. Dak Sewa ऐप से घर बैठे ऑनलाइन उपयोग कर पाएंगे डाक सर्विस, जानें सबकुछ
  3. Vodafone Idea मई तक 90 और शहरों में 5G सर्विस करेगा शुरू, जानें क्या है पूरा प्लान
  4. Lava Bold N2 Pro 4G भारत में हो रहा 31 मार्च को लॉन्च, जानें स्पेसिफिकेशंस से लेकर सबकुछ
  5. OnePlus Ace 6 Ultra के स्पेसिफिकेशंस लीक, 8500mAh बैटरी के साथ Dimensity 9500 से होगा लैस
  6. पॉकेट साइज पावर बैंक बिना तार के करेगा फोन चार्ज! Ugreen MagFlow Air Qi2 हुआ लॉन्च
  7. Vivo X300 Ultra आज हो रहा लॉन्च, जानें कैसे देखें लाइवस्ट्रीम, ऐसे हैं स्पेसिफिकेशंस
  8. ड्राइव में Google Maps की आवाज म्यूजिक को बार-बार रोकती है? ऐसे करें फिक्स
  9. iPhone से एंड्रॉयड में WhatsApp चैट कैसे करें ट्रांसफर, जानें पूरी प्रक्रिया
  10. Samsung Galaxy A57 5G vs OnePlus 15R vs Vivo X200 FE: खरीदने के लिए कौन सा रहेगा बेस्ट?
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »