Black Friday और हॉलिडे सेल्स से पहले 2,000 से ज्यादा फेक ऑनलाइन स्टोर एक्टिव हो चुके हैं। इनमें Amazon जैसी दिखने वाली साइट्स और .shop डोमेन्स पर बनी ब्रांड-कॉपी साइटें शामिल हैं, जो खरीदारों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
Photo Credit: Unsplash/ Ashkan Forouzani
Black Friday और हॉलिडेज जैसे बड़े शॉपिंग सीजन से ठीक पहले CloudSEK ने एक बड़ा साइबर फ्रॉड अलर्ट जारी किया है। कंपनी की जांच में 2,000 से ज्यादा फेक हॉलिडे-थीम्ड ऑनलाइन स्टोर सामने आए हैं, जो पूरी तरह से फेस्टिव सेल्स में खरीदारों को फंसाने के लिए बनाए गए हैं। इनमें कई वेबसाइटें Amazon जैसी दिखती हैं, जबकि बाकी .shop डोमेन्स पर बनी हैं जो Apple, Samsung, HP, Dell, Xiaomi जैसी असल ब्रांड्स की नकल करती हैं।
CloudSEK के मुताबिक, इन साइट्स के पीछे एक बड़ा और बेहद संगठित नेटवर्क काम करता है। कई स्टोर्स एक जैसे टेम्पलेट, एक जैसी तस्वीरें, एक जैसे बैनर और यहां तक कि एक जैसी अर्जेंसी लाइनें - जैसे “Limited Time!”, “Flash Sale!” यूज कर रहे थे, जिससे साफ पता चलता है कि ये सारे स्टोर एक ही फ्रॉड किट से बनाए गए हैं।
जैसे ही छुट्टियों का सीजन आता है, लोग कम कीमतों पर डील्स ढूंढने लगते हैं। CloudSEK का कहना है कि स्कैमर्स इसी जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। रिपोर्ट में दो बड़े फेक-स्टोर क्लस्टर मिले हैं, जिनमें पहला पहला क्लस्टर 750 से ज्यादा साइट्स का है, जो Amazon की नकल करती हैं। इनमें टाइपोसक्वॉट डोमेन्स, यानी असली नाम जैसा लेकिन हल्की स्पेलिंग बदलकर इस्तेमाल किया गया।
वहीं, दूसरा क्लस्टर .shop डोमेन्स की एक बड़ी सीरीज का है, जिसमें नाम ऐसे हैं कि लगे जैसे साइट किसी असली ब्रांड की है। उदाहरण के लिए Apple, Samsung, Dell, Ray-Ban, Jo Malone, Amazfit, COSRX, Garmin, Fujifilm, HP, Seagate इत्यादि की ब्रांड्स से जुड़ी साइट्स। इन सबका डिजाइन लगभग एक जैसा है, मतलब ये भी एक ही स्कैम-किट पर बनाए गए हैं।
इतना ही नहीं, रिपोर्ट आगे बताती है कि इन फेक साइट्स की सबसे खतरनाक चाल इनका पेमेंट सेटअप है, जिसमें असली दिखने वाले checkout पेज और PayPal व कार्ड पेमेंट को 'shell merchant' वेबसाइट पर भेजना शामिल है। एक उदाहरण में amaboxreturns(.)com नाम की साइट का पेमेंट रिडायरेक्ट होकर georgmat(.)com पर जा रहा था और वह साइट सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म पर अब भी अनफ्लैग्ड है। यानी पेमेंट फर्जी है, लेकिन ये सब पकड़ा भी नहीं जाता।
रिपोर्ट में कुछ साफ संकेत बताए गए हैं, जिन्हें देखते ही खरीदारों को तुरंत सावधान हो जाना चाहिए;
अगर किसी साइट में इनमें से एक-दो संकेत भी मिल जाएं, तो बेहतर है खरीदारी न करें और ब्रांड की ऑफिशियल साइट चेक कर लें।
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