Digital Fraud

Digital Fraud - ख़बरें

  • भारत में स्पैम कॉल्स का कहर: 66% कॉल Spam, रोज 2-3 कॉल, दुनिया में 5वां स्थान!
    Truecaller की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया का पांचवां सबसे ज्यादा स्पैम कॉल झेलने वाला देश है। देश में स्पैम इंटेंसिटी 66% दर्ज की गई है, यानी हर तीन में से दो अनजान कॉल स्पैम हो सकती हैं। रिपोर्ट बताती है कि भारत में टेलीमार्केटिंग कॉल्स के साथ-साथ फ्रॉड कॉल्स भी तेजी से बढ़ रही हैं। हर दिन कई यूजर्स को 2–3 स्पैम कॉल्स मिलना आम हो गया है, जिससे अनजान नंबर पर भरोसा कम होता जा रहा है। यह ट्रेंड दिखाता है कि स्पैम अब सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि एक बड़ा कम्युनिकेशन इश्यू बन चुका है।
  • UPI से गलत जगह भेज दिया पैसा? तुरंत करें ये काम, वरना वापस मिलना मुश्किल
    UPI के जरिए गलत अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हो जाना एक आम समस्या बनती जा रही है, लेकिन सही समय पर कदम उठाकर पैसे वापस पाए जा सकते हैं। ऐसे मामलों में सबसे पहले रिसीवर से संपर्क करने की कोशिश करनी चाहिए। अगर जवाब न मिले, तो UPI ऐप या बैंक में शिकायत दर्ज करनी होती है। इसके अलावा NPCI और बैंकिंग ओम्बड्समैन के जरिए भी मदद ली जा सकती है। हालांकि UPI ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं और रिवर्सल आसान नहीं होता, इसलिए जल्दी एक्शन लेना जरूरी है। सही प्रक्रिया अपनाकर पैसे रिकवर करने की संभावना बढ़ाई जा सकती है।
  • हर UPI यूजर को पता होनी चाहिए ये 7 सिक्योरिटी टिप्स, नहीं तो एक गलती पड़ेगी भारी!
    UPI पेमेंट आज के समय में सबसे आसान और तेज तरीका बन चुका है, लेकिन इसके साथ फ्रॉड का खतरा भी बढ़ा है। कई यूजर्स छोटी-छोटी गलतियों के कारण अपने पैसे गंवा देते हैं। ऐसे में UPI ऐप में मौजूद कुछ जरूरी सेटिंग्स को ऑन रखना बेहद जरूरी है, जैसे App Lock, ट्रांजैक्शन अलर्ट और डेली लिमिट सेट करना। इसके अलावा अनजान रिक्वेस्ट और फर्जी ऐप्स से बचना भी जरूरी है। सही सावधानी और सेटिंग्स के जरिए आप अपने अकाउंट को सुरक्षित रख सकते हैं और फ्रॉड के रिस्क को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
  • 81 साल के पिता ने बेटे को बचाया ‘डिजिटल अरेस्ट’ से, ऐन वक्त पर रोकी ₹12 लाख की ठगी
    पुणे के निगडी इलाके में एक 81 वर्षीय व्यक्ति ने अपने बेटे को 12 लाख रुपये की साइबर ठगी से बचा लिया। ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाया और वीडियो कॉल के जरिए पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश की। इंजीनियर को शक होने पर उन्होंने अपने पिता को जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस के पहुंचते ही ठगों ने कॉल काट दी। इस घटना में साइबर अवेयरनेस सेशन और मोबाइल ऐप की जानकारी ने अहम भूमिका निभाई।
  • Census 2027: जनगणना के नाम पर स्कैम का खतरा, यहां जानें 33 सवालों की पूरी लिस्ट
    Census 2027 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं और पहले फेज में पूछे जाने वाले 33 सवालों की लिस्ट सामने आ गई है। इस चरण में घर, सुविधाओं और परिवार से जुड़ी बेसिक जानकारी ली जाएगी। साथ ही इस बार self-enumeration की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे लोग खुद ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे। हालांकि, जनगणना के दौरान फ्रॉड का खतरा भी बढ़ सकता है, जहां ठग फर्जी कॉल या लिंक के जरिए जानकारी निकालने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग असली प्रक्रिया को समझें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सतर्क रहें।
  • OTP का जमाना गया? बैंक और टेलीकॉम ला रहे हैं नया साइलेंट सिस्टम, फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक!
    भारत में बैंक और टेलीकॉम कंपनियां OTP आधारित ऑथेंटिकेशन को बदलने की दिशा में काम कर रही हैं। नए “silent authentication” सिस्टम में यूजर के बिना किसी एक्शन के बैकग्राउंड में SIM और मोबाइल नंबर का मिलान किया जाएगा। अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो ट्रांजैक्शन को तुरंत ब्लॉक किया जा सकता है। यह तकनीक खास तौर पर SIM क्लोनिंग और eSIM स्वैप जैसे फ्रॉड को रोकने के लिए लाई जा रही है। RBI के 2FA नियमों के तहत बैंक अब फेस ऑथेंटिकेशन, ऐप टोकन और बायोमेट्रिक जैसे सुरक्षित विकल्प भी अपना रहे हैं।
  • AI स्कैम गैंग्स की हिट लिस्ट में भारत दूसरे नंबर पर, Meta की इस रिपोर्ट में सामने आया पूरा फ्रॉड गेम
    Meta की 2026 Adversarial Threat Report में बताया गया है कि ऑनलाइन स्कैम अब पहले से ज्यादा एडवांस हो चुके हैं और इनमें AI का बड़ा रोल है। स्कैमर्स अब फेक प्रोफाइल, डीपफेक और नेचुरल बातचीत के जरिए लोगों को आसानी से झांसा दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये ठगी अब एक पूरी इंडस्ट्री की तरह काम कर रही है, जिसमें अलग-अलग स्टेज पर प्लानिंग की जाती है। साउथईस्ट एशिया से ऑपरेट होने वाले बड़े स्कैम नेटवर्क्स भारत समेत कई देशों को टारगेट कर रहे हैं। इसके अलावा फेक रेंटल और फेक फ्यूनरल जैसे नए स्कैम भी सामने आए हैं।
  • UPI यूजर्स के लिए नया खतरा, ‘Digital Lutera’ से अकाउंट हाईजैक का दावा
    साइबर सिक्योरिटी फर्म CloudSEK की एक रिपोर्ट में “Digital Lutera” नाम के नए Android टूलकिट का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक यह टूलकिट Android सिस्टम में छिपकर काम करता है और UPI से जुड़े सिक्योरिटी सिस्टम को बायपास करने की कोशिश कर सकता है। इसमें LSPosed फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बिना ऐप को बदले उसके व्यवहार को प्रभावित किया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तकनीक के जरिए SIM बाइंडिंग प्रक्रिया में हस्तक्षेप, SMS डेटा इंटरसेप्ट और पहचान स्पूफिंग जैसी गतिविधियां संभव हो सकती हैं।
  • 71 बिलियन स्पैम कॉल के बाद अब Airtel का मैसेजिंग पर फोकस, Google के साथ मिलाया हाथ
    Bharti Airtel और Google ने भारत में सुरक्षित RCS मैसेजिंग अनुभव देने के लिए सहयोग की घोषणा की है। कंपनी के मुताबिक, इस पहल में Airtel की नेटवर्क इंटेलिजेंस को Google के RCS प्लेटफॉर्म और स्पैम प्रोटेक्शन सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा। इससे मैसेज सेंडर की पहचान वैलिडेशन, DND प्राथमिकताओं का पालन, स्पैम बिजनेस मैसेज ब्लॉकिंग और मैलिशियस लिंक फिल्टरिंग जैसे रियल टाइम सुरक्षा उपाय लागू होंगे। Airtel का दावा है कि उसने अब तक 71 बिलियन स्पैम कॉल और 2.9 बिलियन स्पैम SMS ब्लॉक किए हैं। नई सर्विस Google Messages ऐप के जरिए उपलब्ध होगी।
  • OTP ठगी रोकने के लिए Airtel का AI एक्शन, कॉल के वक्त तुरंत मिलेगा फ्रॉड वार्निंग अलर्ट!
    Airtel ने OTP आधारित बैंकिंग फ्रॉड से निपटने के लिए नया AI Fraud Alert सिस्टम पेश किया है। कंपनी के मुताबिक यह फीचर नेटवर्क लेवल पर काम करता है और संभावित जोखिम वाली कॉल के दौरान ग्राहक को रियल टाइम अलर्ट देता है। अगर बैंकिंग ट्रांजैक्शन से जुड़ा OTP संदिग्ध स्थिति में डिटेक्ट होता है, तो यूजर को चेतावनी दी जाएगी। Airtel का दावा है कि इस AI आधारित समाधान को व्यापक ट्रायल में परखा गया है। फिलहाल यह फीचर हरियाणा में लाइव है और अगले दो हफ्तों में देशभर में रोलआउट किया जाएगा।
  • एक टच में डिजिटल अरेस्ट, स्कैम से बचाएगा 'Kill Switch', UPI और बैंक ऐप्स में मिलेगा इमरजेंसी बटन
    डिजिटल अरेस्ट स्कैम्स के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार एक बड़े तकनीकी समाधान पर काम कर रही है। गृह मंत्रालय की ओर से गठित हाई-लेवल कमेटी UPI और बैंकिंग ऐप्स में एक ‘किल स्विच’ फीचर जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इमरजेंसी बटन किसी संभावित ऑनलाइन ठगी के दौरान यूजर को तुरंत सभी बैंक ट्रांजैक्शन्स रोकने की सुविधा देगा। इस कदम का मकसद उन मामलों को रोकना है, जहां स्कैमर्स वीडियो कॉल और फर्जी पुलिस पहचान के जरिए लोगों से पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
  • UPI के यूजर्स की संख्या हो सकती है दोगुनीः RBI
    UPI को ऑपरेट करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के प्रमोटर्स में RBI शामिल है। भारत में कुल डिजिटल ट्रांजैक्शंस में UPI की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत स अधिक की है। दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश है। विदेश में भी कुछ देशों में इस पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • Digtal Arrest Case: पुलिस इंस्पेक्टर बनकर 85 वर्ष के बुजुर्ग से ठगे 9 करोड़, इस तरह के स्कैम से सावधान!
    मुंबई से सामने आए एक चौंकाने वाले साइबर फ्रॉड मामले में 85 वर्षीय बुजुर्ग को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर करीब 9 करोड़ रुपये की ठगी की गई। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। WhatsApp वीडियो कॉल, फर्जी कोर्ट और RBI दस्तावेजों के जरिए पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया गया। डर के चलते बुजुर्ग ने अपनी सेविंग्स, म्यूचुअल फंड और FD तोड़कर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। बैंक कर्मचारी की सतर्कता से मामला उजागर हुआ।
  • स्मार्टफोन्स में प्री-इंस्टॉल्ड नहीं होगा Sanchar Saathi ऐप, सरकार ने वापस लिया ऑर्डर
    विपक्षी दलों ने सरकार के इस आदेश का कड़ा विरोध किया था। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कहा था कि इससे नागरिकों के प्राइवेसी से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन होगा और इस ऐप का इस्तेमाल लोगों की जासूसी करने के लिए हो सकता है। हालांकि, इस विवाद के बाद टेलीकॉम मिनिस्टर Jyotiraditya Scindia ने बताया था कि स्मार्टफोन्स में इस ऐप को डिलीट किया जा सकेगा।
  • Black Friday Scam: 2,000 से ज्यादा 'फर्जी' वेबसाइट पकड़ी गईं, कहीं आपका बैंक अकाउंट न हो जाए खाली!
    Black Friday और हॉलिडे सेल्स के बीच CloudSEK ने चेतावनी दी है कि 2,000 से ज्यादा फेक हॉलिडे-थीम्ड स्टोर इंटरनेट पर सक्रिय हो चुके हैं। रिपोर्ट में दो बड़े स्कैम क्लस्टर मिले - पहला 750 से ज्यादा Amazon-जैसी साइट्स और दूसरा .shop डोमेन्स पर बने कई ब्रांड-इमिटेशन स्टोर। ये साइट्स एक जैसे टेम्पलेट, एक जैसे बैनर और अर्जेंसी मैसेज दिखाकर यूज़र को फंसाती हैं। सबसे खतरनाक हिस्सा उनका पेमेंट सिस्टम है, जहां checkout पेज से भुगतान किसी फर्जी ‘shell merchant’ साइट पर भेज दिया जाता है। CloudSEK ने ऐसे कई संकेत बताए हैं जिनसे खरीदार ये फेक स्टोर पहचान सकते हैं।

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