भारत में बिजनेस के लिए Reliance के साथ हाथ मिला सकती है Tesla

इसे RIL की ऑटोमोबाइल सेक्टर में एंट्री के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इस ज्वाइंट वेंचर में कंपनी का उद्देश्य टेस्ला के लिए देश में EV की कैपेसिटी तैयार करना होगा

भारत में बिजनेस के लिए Reliance के साथ हाथ मिला सकती है Tesla

कंपनी अपनी फैक्टरी के लिए गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों पर फोकस करेगी

ख़ास बातें
  • पिछले कुछ वर्षों में देश में EV की बिक्री तेजी से बढ़ी है
  • भारत में टेस्ला दो अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट कर सकती है
  • मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी की सेल्स 8.5 प्रतिशत घटी है
विज्ञापन
बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनियों में शामिल Tesla जल्द भारत में बिजनेस शुरू कर सकती है। देश में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए टेस्ला की Reliance Industries (RIL) के साथ बातचीत हो रही है। इस प्लांट में टेस्ला दो अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट कर सकती है। 

एक मीडिया रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से बताया गया है, "यह बातचीत शुरुआती दौर में है।" हालांकि, इसे RIL की ऑटोमोबाइल सेक्टर में एंट्री के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इस ज्वाइंट वेंचर में कंपनी का उद्देश्य टेस्ला के लिए देश में EV की कैपेसिटी तैयार करना होगा। पिछले कुछ वर्षों में देश में EV की बिक्री तेजी से बढ़ी है। हालांकि, अमेरिका और चीन जैसे बड़े मार्केट्स की तुलना में यह बहुत कम है। हाल ही में टेस्ला के चीफ Elon Musk ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Norges Bank Investment Management के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर, Nicolai Tangen के साथ एक सेशन में कहा, "दुनिया में भारत सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। भारत में किसी अन्य देश की तरह इलेक्ट्रिक कारें होनी चाहिए। देश में टेस्ला के व्हीकल्स उपलब्ध कराना एक स्वाभाविक प्रगति होगी।" पिछले कुछ महीनों में टेस्ला ने भारत में फैक्टरी लगाने की कोशिशें तेज की हैं। 

गुजरात और महाराष्ट्र की सरकारों ने टेस्ला को EV की फैक्टरी लगाने के लिए जमीन देने की पेशकश की है। कंपनी की इस फैक्टरी में बनने वाले EV की देश में बिक्री के साथ ही एक्सपोर्ट करने की भी योजना है। हाल ही में Financial Times की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि टेस्ला अपनी फैक्टरी के लिए गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों पर फोकस करेगी जहां पहले से ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की मौजूदगी है। बड़े मार्केट्स में डिमांड घटने के कारण यह नए मार्केट्स में संभावना तलाश रही है। मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी की सेल्स 8.5 प्रतिशत घटी है। यह लगभग चार वर्ष में पहली बार है कि जब वर्ष-दर-वर्ष आधार पर कंपनी की तिमाही सेल्स में कमी हुई है। इससे टेस्ला की ग्रोथ को लेकर आशंका बढ़ गई है। 

टेस्ला ने पहली तिमाही में 3,86,810 व्हीकल्स की डिलीवरी की है। दुनिया भर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल्स गिरना और BYD जैसे EV मेकर्स से कड़ी टक्कर मिलना इसके पीछे प्रमुख कारण हैं। पिछले वर्ष की समान तिमाही में टेस्ला ने लगभग 4,23,000 यूनिट्स बेची थी। कंपनी ने अपने EV के प्राइसेज भी घटाए थे लेकिन इसके बावजूद इसकी सेल्स में कमी हुई है।    
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi 18 Fold लॉन्च से पहले हो गया लीक, मिल सकती है 6000mAh बैटरी, 200MP कैमरा!
  2. Samsung लाई दुनिया का पहला 16 इंच बड़ा 300Hz OLED डिस्प्ले पैनल, बदल सकता है लैपटॉप गेमिंग की दुनिया!
  3. Vivo का सस्ता फोन लॉन्च हुआ 50MP दो कैमरा, 8100mAh बैटरी के साथ, IP69 रेटिंग
  4. 5G सिग्नल रोक रहा है आपके किचन में यूज होने वाला Aluminium Foil? जानें इसके पीछे की कहानी
  5. Honor Turbo 5G लॉन्च हुआ 50MP दो कैमरा के साथ, 8560mAh बैटरी, IP69 रेटिंग
  6. ChatGPT आपका दिमाग 'खराब' कर देगा! रिसर्च में हुआ गंभीर खुलासा
  7. Upcoming Smartphones: 10,000mAh बैटरी के साथ Vivo, Oppo, Xiaomi के ये अपकमिंग स्मार्टफोन मचाएंगे तहलका!
  8. 11 हजार सस्ता खरीदें Vivo का खूबसूरत फोन, 6500mAh बैटरी, 50MP तीन कैमरा
  9. Tesla ने  रिकॉल किए 29 लाख EVs, सेफ्टी का है कारण 
  10. BMW लाई भारत में सस्ती लग्जरी कार X1 LWB, कीमत ₹49.90 लाख से शुरू, जानें फीचर्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »