• होम
  • डिफेंस टेक
  • ख़बरें
  • स्पेस में भी शुरू हुई सैन्य ताकत बढ़ाने की रेस, अमेरिका ने तैनात किया 'ऑन ऑर्बिट' वेपन

स्पेस में भी शुरू हुई सैन्य ताकत बढ़ाने की रेस, अमेरिका ने तैनात किया 'ऑन-ऑर्बिट' वेपन

अमेरिका को मिसाइल और अन्य खतरों से बचाने के लिए ट्रंप सरकार ने अपने 'गोल्डन डोम' मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए आउटर स्पेस में क्षमता बढ़ाने की तैयारी की है

स्पेस में भी शुरू हुई सैन्य ताकत बढ़ाने की रेस, अमेरिका ने तैनात किया 'ऑन-ऑर्बिट' वेपन

यह एक सांकेतिक इमेज है

ख़ास बातें
  • स्पेस में भी हथियारों को पहुंचाने का दौर शुरू हो गया है
  • अमेरिका ने पहला 'ऑन-ऑर्बिट' वेपन तैनात करने के साथ इसकी शुरुआत की है
  • स्पेस में रूस और चीन भी अपनी क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं
विज्ञापन

दुनिया के बड़े देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में हथियारों की अपनी ताकत को बढ़ाने की होड़ बढ़ी है। स्पेस में भी हथियारों को पहुंचाने का दौर शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत अमेरिका ने पहला 'ऑन-ऑर्बिट' वेपन तैनात करने के साथ की है। इसके साथ अमेरिका ने रूस और चीन जैसे अपने प्रतिद्वंदियों को चुनौती दी है। 

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, US एयर फोर्स के सेक्रेटरी, Troy Meink ने एयर, स्पेस और सायबर कॉन्फ्रेंस में कहा है कि दुश्मनों के खिलाफ अमेरिकी सैन्य बलों की सुरक्षा के लिए 'ऑन-ऑर्बिट' वेपन जरूरी है। इसे रूस और चीन के लिए एक चेतावनी माना जा रहा है। हालांकि, Meink ने यह नहीं बताया है कि स्पेस में अमेरिका ने किस प्रकार का वेपन तैनात किया है। उन्होंने संकेत दिया कि इस वेपन का इस्तेमाल बढ़ते हुए खतरों के खिलाफ किया जाएगा। अमेरिका को मिसाइल और अन्य खतरों से बचाने के लिए ट्रंप सरकार ने अपने 'गोल्डन डोम' मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए आउटर स्पेस में क्षमता बढ़ाने की तैयारी की है। 

स्पेस में सैन्य ताकत बढ़ाने की होड़ 1957 में तत्कालीन सोवियत संघ के पहले सैटेलाइट 'Sputnik' के लॉन्च के साथ शुरू हो गई थी। इसके बाद अमेरिका और रूस ने सैटेलाइट्स को हथियारों से लैस करने और उन्हें नष्ट करने के तरीके खोजना शुरू कर दिया था। स्पेस में परमाणु हथियारों को लेकर आशंकाएं को दूर करने के लिए अमेरिका और रूस के साथ ही कुछ अन्य देशों ने 1967 में आउटर स्पेस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत, स्पेस में बड़े स्तर पर विध्वंस करने वाले हथियारों पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद से अमेरिका, रूस, चीन और भारत जैसे ताकतवर देशों ने इस समझौते के दायरे के बाहर अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की कोशिशें की हैं। इन क्षमताओं में सैन्य कम्युनिकेशन, निगरानी और नेविगेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रतिद्वंदी देशों के सैटलाइट्स को निशाना बनाने की ताकत शामिल है। 

अमेरिका की स्पेस फोर्स के प्रवक्ता ने एक स्टेटमेंट में बताया, 'दुश्मन के हमले का मुकाबला करने के लिए अमेरिका के पास ऑन-ऑर्बिट कंट्रोल वेपन मौजूद हैं।' हालांकि, इस स्टेटमेंट में इस वेपन के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। अमेरिका को स्पेस में रूस और चीन जैसे दो बड़े प्रतिद्वंदियों से खतरा हो सकता है। चीन की योजना अपनी मिलिट्री के मॉडर्नाइजेशन की स्ट्रैटेजी के हिस्से के तौर पर स्पेस में अपनी ताकत बढ़ाने की है। रूस का मानना है कि भविष्य में होने वाले टकरावों में स्पेस में ताकत एक निर्णायक कारण होगा। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. EPFO के लिए अब दफ्तर या पोर्टल पर जाने का झंझट खत्म, WhatsApp पर मिलेगी जानकारी, ऐसे करें ज्वाइन
  2. स्पेस में भी शुरू हुई सैन्य ताकत बढ़ाने की रेस, अमेरिका ने तैनात किया 'ऑन-ऑर्बिट' वेपन
  3. Xiaomi 18 Pro लॉन्च सितंबर में कंफर्म, 2 डिस्प्ले के साथ, 8000mAh बैटरी! आई पहली झलक
  4. Samsung Galaxy Tab S12 सीरीज जल्द होगी लॉन्च, 3 मॉडल हो सकते हैं शामिल 
  5. मंगल से मिट्टी लाने की होड़! NASA को पछाड़ चीन 2031 तक ला सकता है सैम्पल
  6. OnePlus N6 Lite भारत में लॉन्च होगा 22 सितंबर को, 7000mAh बैटरी के साथ कैसे होंगे फीचर्स, जानें सबकुछ
  7. 10000mAh बैटरी वाला Redmi Note 17 Pro Max लॉन्च, पानी में भी नहीं होगा खराब, जानें कितनी है कीमत
  8. Redmi Note 17 Pro भारत में लॉन्च, 50MP कैमरा,9000mAh बैटरी के साथ गजब फीचर्स से लैस, जानें सबकुछ
  9. Moto Buds 2 Fusion भारत में लॉन्च: ₹2 हजार में ANC और गेमिंग फीचर्स, 10 मिनट चार्ज में चलेंगे 3 घंटे
  10. boltt ACE 5G, EVO की सेल फिर से शुरू, पहली सेल में सिर्फ कुछ घंटों में बिक गए थे सारे स्मार्टफोन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »