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Satellite - ख़बरें

  • रास्ते से भटका ISRO का रॉकेट! 16 सैटेलाइट लेकर गया है PSLV, जानें क्या हुआ तीसरे स्टेज में
    ISRO के Polar Satellite Launch Vehicle के 64वें मिशन PSLV-C62 में लॉन्च के कुछ मिनट बाद तकनीकी अनियमितता दर्ज की गई है। श्रीहरिकोटा से सुबह 10:18 बजे लॉन्च हुए इस मिशन में रॉकेट के पहले और दूसरे स्टेज ने सामान्य प्रदर्शन किया, लेकिन तीसरे स्टेज में ट्रेजेक्टरी में झुकाव देखा गया। ISRO चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन के मुताबिक, डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यह मिशन 2025 में हुई PSLV की विफल उड़ान के बाद एक अहम वापसी माना जा रहा था।
  • CES 2026: सैटेलाइट से कॉल और मैसेज करेंगे Infinix के Note 60 सीरीज स्मार्टफोन्स, CES में लगाया तकनीक का तड़का!
    Infinix ने CES 2026 के दौरान अपनी आने वाली Note 60 Series के जरिए कई नई टेक्नोलॉजीज की झलक दिखाई है। कंपनी ने इस सीरीज में Satellite Calling और Messaging सपोर्ट, HydroFlow Liquid Cooling Architecture और Active Visual Backplate जैसी इनोवेशन्स को शोकेस किया। Infinix का दावा है कि Note 60 Series में दी जाने वाली सैटेलाइट कनेक्टिविटी रिमोट एरिया और नेटवर्क डेड जोन में काम आ सकती है। इसके अलावा AI ModuVerse मॉड्यूलर सिस्टम और गेमिंग फोकस्ड एक्सेसरीज़ भी इस सीरीज का हिस्सा हो सकती हैं। फिलहाल कंपनी ने लॉन्च डेट और कीमत का खुलासा नहीं किया है।
  • ISRO बना ग्लोबल हीरो! 'बाहुबली' रॉकेट से स्पेस में पहुंचाई सबसे भारी विदेशी सैटेलाइट, सेट किया रिकॉर्ड
    ISRO के हेवी-लिफ्ट रॉकेट LVM3-M6 ने श्रीहरिकोटा से सफल उड़ान भरते हुए अमेरिका के BlueBird-6 कम्युनिकेशन सैटेलाइट को ऑर्बिट में स्थापित किया है। यह अब तक किसी भारतीय लॉन्च व्हीकल द्वारा ले जाया गया सबसे भारी पेलोड है। यह मिशन आम स्मार्टफोन्स तक सीधे स्पेस से ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने के लक्ष्य से जुड़ा है। करीब 15 मिनट की उड़ान के बाद सैटेलाइट 520 किलोमीटर की ऊंचाई पर अपने तय ऑर्बिट में पहुंचा। यह भारत की कमर्शियल स्पेस लॉन्च क्षमता को ग्लोबल लेवल पर मजबूत करता है।
  • Elon Musk की Starlink सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के अब 90 लाख से ज्यादा यूजर्स, भारत में कब होगी शुरू? यहां जानें
    Elon Musk की SpaceX द्वारा संचालित Starlink ने ग्लोबल लेवल पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के मुताबिक, Starlink के अब 9 मिलियन से ज्यादा एक्टिव कस्टमर्स हो चुके हैं। खास बात यह है कि सिर्फ सात हफ्तों से भी कम समय में 10 लाख नए यूजर्स जुड़े हैं। यह सर्विस फिलहाल 155 देशों और टेरिटरीज में उपलब्ध है और लो-अर्थ ऑर्बिट में मौजूद हजारों सैटेलाइट्स के जरिए हाई-स्पीड इंटरनेट देती है। तेजी से बढ़ती यूजर संख्या यह दिखाती है कि दूर-दराज इलाकों में भरोसेमंद इंटरनेट की मांग लगातार बढ़ रही है।
  • चीन में GPS फेल, लोग ना रास्ता ढूंढ पाए ना कैब बुक कर सके! असल में हुआ क्या? यहां जानें
    चीन के नानजिंग शहर में कुछ घंटों के लिए GPS और BeiDou जैसे सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम काम नहीं कर पाए। यह दिक्कत बुधवार शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक रही, जिससे कार नेविगेशन, फूड डिलीवरी, राइड-हेलिंग और ड्रोन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। इंडस्ट्री बॉडी के मुताबिक, यह समस्या मोबाइल नेटवर्क की नहीं बल्कि सैटेलाइट सिग्नल्स में अस्थायी इंटरफेरेंस के कारण हुई। इस दौरान राइड-हेलिंग ऑर्डर्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल, जामिंग के पीछे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
  • Starlink क्या है, कैसे करता है काम? भारत में इसकी कीमत से लेकर फायदे–कमियों तक, यहां समझें सब कुछ
    भारत में Starlink को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है, खासकर तब से जब रिपोर्ट्स ने इसकी संभावित कीमत और लॉन्च की ओर इशारा किया है। SpaceX की यह सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस लो-अर्थ ऑर्बिट में घूमते हजारों सैटेलाइट्स की मदद से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड देती है, जो मुश्किल इलाकों में भी काम कर सकती है। भारत के लिए कंपनी ने अभी आधिकारिक प्राइस घोषित नहीं किया है, लेकिन ET की रिपोर्ट बताती है कि मंथली प्लान 2,500-3,500 रुपये और हार्डवेयर किट लगभग 25,000-30,000 रुपये हो सकती है। Starlink दूर-दराज क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर बन सकती है, हालांकि कीमत और मौसम का असर इसके सामने बड़ी चुनौतियां हैं।
  • Starlink इंटरनेट कब होगा भारत में लॉन्च, जानें कीमत और प्लान से लेकर सबकुछ
    एलन मस्क जल्द ही अपनी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink से भारत में तेज इंटरनेट की शुरुआत करने जा रहा है। यूजर्स के लिए सब्सक्रिप्शन चार्ज 8,600 रुपये प्रति माह तय किया गया है, जबकि ग्राहकों को 34 हजार रुपये की कीमत वाली जरूरी हार्डवेयर किट भी खरीदना होगी। स्टारलिंक का दावा है कि इस सर्विस को सभी मौसमों में दमदार तरीके से काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह करीबन 100 प्रतिशत अपटाइम का वादा करती है।
  • Xiaomi 17 Ultra में मिल सकती है Leica ट्यून्ड रियर कैमरा यूनिट 
    Xiaomi 17 Ultra की रियर कैमरा यूनिट में नई Leica कोटिंग हो सकती है। इससे कैमरा रिफ्लेक्शंस को न्यूनतम किया जा सकेगा। इस स्मार्टफोन को चीन में जल्द पेश किया जा सकता है। यह Xiaomi 15 Ultra की जगह ले सकता है। हाल ही में इस स्मार्टफोन की चीन की 3C सर्टिफिकेशन साइट पर लिस्टिंग हुई थी। Xiaomi 17 Ultra में Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट दिया जा सकता है।
  • भारत का 2028 में चंद्रयान-4 लॉन्च करने का टारगेट
    केंद्र सरकार ने चंद्रयान-4 मिशन के लिए स्वीकृति दे दी है। इस मिशन में चंद्रमा से सैम्प्ल को लाया जाएगा। यह देश का सबसे जटिल लूनर मिशन होगा। इससे पहले अमेरिका, चीन और रूस ने चंद्रमा से सैम्प्ल लाने की क्षमता को प्रदर्शित किया है। Chandrayaan-4 मिशन को 2028 में लॉन्च करने का टारगेट है। ISRO की योजना अगले तीन वर्षों में स्पेसक्राफ्ट के मैन्युफैक्चरिंग की अपनी कैपेसिटी को तिगुना करने की है।
  • गगनयान मिशन में हुई बड़ी प्रगति, ISRO ने किया क्रू मॉड्यूल के लिए पैराशूट टेस्ट
    ISRO ने यह टेस्ट उत्तर प्रदेश में झांसी की बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में किया है। इसमें भारतीय वायु सेना के IL-76 एयरक्राफ्ट से 2.5 किलोमीटर की ऊंचाई से लगभग 2.5 टन के क्रू मॉड्यूल को गिराया था। क्रू मॉड्यूल के नीचे उतरने पर पैराशूट सिस्टम बिना किसी मुश्किल के खुला जिससे इसकी वास्तविक मिशन के दौरान अत्यधिक मुश्किल स्थिति को संभालने में इसकी क्षमता साबित हो गई है।
  • अब फोन में बिना नेटवर्क कर पाएंगे मैसेज और चला पाएंगे मैप, ये कंपनी ला रही सैटेलाइट फीचर
    एप्पल आईफोन में मिलने वाला सबसे बड़ा अपडेट सैटेलाइट मैप्स फीचर है जिससे iPhone और Apple Watch यूजर्स Apple Maps का उपयोग बिना सेलुलर कनेक्टिविटी वाले एरिया में भी कर पाएंगे। Apple कथित तौर पर थर्ड-पार्टी ऐप्स के लिए एक एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) भी बना रहा है, जो डेवलपर्स को अपने ऐप्स में सैटेलाइट कनेक्टिविटी को इंटीग्रेटेड करने की सुविधा देगा।
  • Xiaomi 17 Ultra में मिल सकती है 100W वायर्ड चार्जिंग, सैटेलाइट कनेक्टिविटी
    इस स्मार्टफोन में प्रोसेसर के तौर पर Qualcomm का Snapdragon 8 Elite Gen 5 दिया जा सकता है। Xiaomi 17 Ultraमें क्वाड रियर कैमरा यूनिट दी जा सकती है। इसमें 200 मेगापिक्सल का रियर प्राइमरी कैमरा हो सकता है। इसके साथ 50 मेगापिक्सल के तीन कैमरा दिए जा सकते हैं। इनमें से एक कैमरा नए ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी पेरिस्कोप के साथ हो सकता है।
  • ISRO की बड़ी कामयाबी, देश का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट CMS-03 किया लॉन्च
    देश का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट CMS-03 को रविवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया है। इस सैटेलाइट का भार लगभग 4,410 किलोग्राम का है। LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) एक थ्री-स्टेज लॉन्च व्हीकल है। इस हेवी व्हीकल लॉन्च व्हीकल से ISRO को भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट्स को GTO में भेजने में आसानी हो गई है।
  • Elon Musk की Starlink ने भारतीयों के लिए निकाली जॉब, यहां से करें अप्लाई
    एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट यूनिट Starlink ने भारत में अपने ऑपरेशंस के लिए पहली बार लोकल हायरिंग शुरू कर दी है। कंपनी ने LinkedIn और अपने ऑफिशियल SpaceX Careers Portal पर कई जॉब ओपनिंग्स पोस्ट की हैं, जो इसके भारत में कमर्शियल लॉन्च की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही हैं। Starlink भारत में 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में अपनी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस शुरू कर सकती है। Starlink ने कथित तौर पर मुंबई, चेन्नई और नोएडा में अपने शुरुआती तीन गेटवे स्टेशन खोलने की अनुमति मांगी है। भविष्य में एक्सपेंशन की प्लानिंग भी तय है।
  • ISRO का मल्टी-बैंड कम्युनिकेशन सैटेलाइट इस सप्ताह होगा लॉन्च
    इस मल्टी-बैंड कम्युनिकेशन सैटेलाइट का डिजाइन भारत सहित ओशियानिक क्षेत्र में सर्विसेज उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया है। CMS-03 का भार लगभग 4,400 किलोग्राम का है। यह भारत से जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में लॉन्च किया जाने वाला सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट होगा। ISRO ने बताया कि LVM3 का पिछला मिशन Chandrayaan-3 था।

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