क्रिप्टो मार्केट में ट्रांजैक्शंस की कड़ी स्क्रूटनी कर रही इनवेस्टिगेशन एजेंसियां 

क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनबेस से संदिग्ध क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस के बारे में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के जानकारी लेने के निवेदन इस वर्ष 66 प्रतिशत बढ़कर लगभग 12,320 हो गए

क्रिप्टो मार्केट में ट्रांजैक्शंस की कड़ी स्क्रूटनी कर रही इनवेस्टिगेशन एजेंसियां 

कुछ देशों में क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर कड़े कानून भी बनाए जा रहे हैं

ख़ास बातें
  • इससे इनवेस्टर्स के साथ फ्रॉड के मामलों में कमी आने की संभावना है
  • बहुत से देशों में रेगुलेटर्स ने भी इस मार्केट को लेकर चेतावनी दी है
  • क्रिप्टो मार्केट में पिछले कई महीनों से गिरावट है
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बड़े इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल Coinbase से दुनिया भर की जांच एजेंसियों की पूछताछ बढ़ी है। इस एक्सचेंज से संदिग्ध क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस के बारे में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के जानकारी लेने के निवेदन इस वर्ष 66 प्रतिशत बढ़कर लगभग 12,320 हो गए। इसमें अमेरिका की जांच एजेंसियां सबसे आगे हैं। भारत की अथॉरिटीज ने Coinbase से इस तरह के 44 निवेदन किए हैं। 

अमेरिका की जांच एजेंसियों से एक्सचेंज को 5,304 निवेदन मिले हैं। दूसरे स्थान पर ब्रिटेन 1,744 निवेदनों के साथ है। Coinbase ने पिछले वर्ष अक्टूबर से इस वर्ष सितंबर तक की अपनी ट्रांसपैरेंसी रिपोर्ट में बताया है, "एक्सचेंज के सर्वर्स दुनिया भर में लगभग 10.8 करोड़ कस्टमर्स की जरूरतें पूरी करते हैं। हमें दीवानी, आपराधिक या जांच के अन्य मामलों को लेकर कस्टमर के एकाउंट और फाइनेंशियल रिकॉर्ड के बारे में नियमित तौर पर कानून प्रवर्तन और सरकारी एजेंसियों से जानकारी लेने के निवेदन मिलते हैं। इनमें कोर्ट के आदेश, सर्च वॉरंट या अन्य कानूनी प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं।" 

संदिग्ध क्रिप्टो एक्टिविटीज को लेकर कॉइनबेस से इस वर्ष पहली बार जानकारी लेने वाले 21 देशों में अर्जेंटीना, ब्राजील, चीन और ताइवान शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, "एक्सचेंज से जानकारी लेने में छह देशों के निवेदनों में 100 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इनमें स्पेन (940 प्रतिशत), बेल्जियम (400 प्रतिशत), इटली (281 प्रतिशत), नीदरलैंड (163 प्रतिशत), ऑस्ट्रिया (141 प्रतिशत) और आयरलैंड (118 प्रतिशत शामिल हैं। एक्सचेंज ने एनालिस्ट्स, लॉयर्स और अन्य एक्सपर्ट्स की एक टीम बनाई है जो प्रत्येक सरकारी और कानून प्रवर्तन एजेंसी के निवेदन की समीक्षा कर एक उपयुक्त उत्तर तय करती है।"

इससे यह संकेत मिलता है कि दुनिया के कई देशों में अथॉरिटीज ने क्रिप्टोकरेंसी मार्केट की स्क्रूटनी बढ़ाई है। कुछ देशों में क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर कड़े कानून भी बनाए जा रहे हैं। इससे इनवेस्टर्स के साथ फ्रॉड के मामलों में कमी आने की संभावना है। क्रिप्टो मार्केट में पिछले कई महीनों से गिरावट के कारण इस सेगमेंट से जुड़ी बहुत सी फर्मों और इनवेस्टर्स को भारी नुकसान हुआ है। इससे कुछ क्रिप्टो फर्में और एक्सचेंज बैंकरप्ट भी हुए हैं। बहुत से देशों में रेगुलेटर्स ने भी इस मार्केट को लेकर चेतावनी दी है। इनमें यूरोपियन यूनियन  (EU)के प्रमुख रेगुलेटर्स शामिल हैं।  
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