दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी तेजी थी। Ethereum का प्राइस 2,060 डॉलर से अधिक पर था। क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग तीन प्रतिशत बढ़कर लगभग 2.38 लाख करोड़ डॉलर पर था
क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग तीन प्रतिशत बढ़कर लगभग 2.38 लाख करोड़ डॉलर पर था
मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में मंगलवार को तेजी थी। Bitcoin का प्राइस तीन प्रतिशत से अधिक बढ़कर 70,000 डॉलर से अधिक पर था। मिडल ईस्ट में तनाव कम होने और ऑयल प्राइसेज में कमी से क्रिप्टो मार्केट में सेंटीमेंट कुछ मजबूत हुआ है।
इस रिपोर्ट को पब्लिश करने पर क्रिप्टो एक्सचेंज Coinmarketcap पर लगभग 70,690 डॉलर पर था। इसमें तेजी के पीछे शॉर्ट लिक्विडेशंस और भू-राजनैतिक तनाव कम होने के संकेत प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा क्रूड ऑयल के प्राइसेज नीचे आने से भी मदद मिली है। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर बिटकॉइन का प्राइस 70,000 डॉलर के लेवल से ऊपर रहता है तो यह 71,000-73,000 डॉलर के रेजिस्टेंस की ओर बढ़ सकता है।
दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी तेजी थी। Ethereum का प्राइस 2,060 डॉलर से अधिक पर था। क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग तीन प्रतिशत बढ़कर लगभग 2.38 लाख करोड़ डॉलर पर था। बिटकॉइन की सर्कुलेशन में सप्लाई दो करोड़ से ज्यादा हो गई है। इसके बाद लगभग 10 लाख बिटकॉइन की माइनिंग ही की जा सकती है। पिछले वर्ष अक्टूबर में अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump के कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने के बाद क्रिप्टो मार्केट में बड़ी गिरावट हुई थी। इस वर्ष की शुरुआत से इस मार्केट में कुछ रिकवरी हुई थी लेकिन अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले से यह मार्केट दोबारा गिरा था।
पिछले कुछ महीनों में बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) से भी अरबों डॉलर निकाले गए हैं। जनवरी में अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETFs से तीन अरब डॉलर से अधिक का आउटफ्लो हुआ है। बिटकॉइन में गिरावट का Strategy (पहले MicroStrategy) जैसे इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स पर भी असर पड़ रहा है। इस एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर मेकर के पास सात लाख से अधिक बिटकॉइन हैं। कंपनी के पास मौजूद बिटकॉइन्स की कुल वैल्यू 62 अरब डॉलर से अधिक की है। हाल ही में क्रिप्टो एनालिस्ट Peter Schiff ने बिटकॉइन में नुकसान बढ़ने की चेतावनी दी थी। Schiff ने कहा था, "अगर बिटकॉइन का प्राइस 50,000 डॉलर से नीचे जाता है तो यह 20,000 डॉलर तक गिर सकता है। यह इसके पीक लेवल से लगभग 84 प्रतिशत की गिरावट होगी। पिछले वर्ष अक्टूबर में इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी ने 1,26,198 डॉलर का पीक लेवल छुआ था।
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