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  • Bitcoin पर ETF से करोड़ों डॉलर निकलने का प्रेशर, 73,000 डॉलर से कम हुआ प्राइस
    मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि क्रिप्टो मार्केट को स्पॉट बिटकॉइन ETFs से पिछले 10 दिनों में दो अरब डॉलर से ज्यादा का आउटफ्लो होने से झटका लगा है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कोई समाधान नहीं निकलने से भी मार्केट पर प्रेशर है। अमेरिकी स्टॉक मार्केट में तेजी जारी रहने से यह संकेत मिल रहा है कि क्रिप्टो मार्केट को बड़े मार्केट्स से फायदा नहीं मिल रहा है।
  • क्रिप्टो मार्केट में प्रॉफिट, Bitcoin ने पार किया 81,000 डॉलर का लेवल
    मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन के 80,000 डॉलर के लेवल को बरकरार रखने से इसमें तेजी आ सकती है। पिछले कुछ सप्ताह से इस लेवल को पार करने में इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी को मुश्किल हुई है। बिटकॉइन को 70,000 डॉलर से कुछ अधिक पर खरीदने वाले बहुत से ट्रेडर्स प्रॉफिट बुकिंग के लिए बिकवाली भी कर रहे हैं।
  • Bitcoin का प्राइस 80,000 डॉलर से ज्यादा, ETF में फंड बढ़ने से मिला सपोर्ट
    पिछले सप्ताह ETF में लगभग 63 करोड़ डॉलर लगाए जाने से बिटकॉइन में मजबूती आई है। इस सबसे महंगे क्रिप्टो टोकन में इस महीने प्रॉफिट बरकरार रह सकता है क्योंकि ट्रेडर्स 80,000 डॉलर से अधिक के अगले टारगेट पर दांव लगा रहे हैं। इस मार्केट में लगभग 28 करोड़ डॉलर की शॉर्ट पोजिशंस लिक्विडेट हुई हैं। इनमें बिटकॉइन से जुड़ी पोजिशंस की हिस्सेदारी 15.7 करोड़ डॉलर से अधिक की है।
  • Bitcoin में 78,000 डॉलर तक पहुंचने के बाद गिरावट, होर्मुज संकट का पड़ा असर 
    मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का प्राइस पिछले सप्ताह 78,000 डॉलर से अधिक के साथ लगभग 10 सप्ताह के हाई पर पहुंचा था। बिटकॉइन में इसके बाद गिरावट हुई है। ईरान के निकट होर्मुज के प्रमुख समुद्री मार्ग के दोबारा बंद होने से क्रूड ऑयल में तेजी आ सकती है। इससे क्रिप्टो और अन्य मार्केट्स में गिरावट होने की आशंका है।
  • क्रिप्टो मार्केट में तेजी, 4 सप्ताह के हाई पर पहुंचा Bitcoin का प्राइस
    मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का प्राइस 75,000 डॉलर की ओर बढ़ा है। यह पिछले चार सप्ताह में बिटकॉइन का सबसे अधिक प्राइस है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का संकेत मिलने से मार्केट में तेजी आई है। इस मार्केट में 1.1 अरब डॉलर का इनफ्लो होने की रिपोर्ट है। इससे बहुत सी क्रिप्टोकरेंसीज के प्राइस बढ़े हैं।
  • Bitcoin ने पकड़ी रफ्तार, 70,000 डॉलर से ज्यादा हुआ प्राइस
    मिडल ईस्ट में तनाव कम होने और क्रूड ऑयल के प्राइसेज में कमी से क्रिप्टो मार्केट में सेंटीमेंट कुछ मजबूत हुआ है। पिछले वर्ष अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से अधिक का पीक लेवल बनाया था। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर बिटकॉइन का प्राइस 70,000 डॉलर के लेवल से ऊपर रहता है तो यह 71,000-73,000 डॉलर के रेजिस्टेंस की ओर बढ़ सकता है।
  • Bitcoin में गिरावट बरकरार, 65,000 डॉलर से नीचे गिरा प्राइस
    इस वर्ष बिटकॉइन में लगभग 24 प्रतिशत की गिरावट हुई है। पिछले वर्ष यह 18 प्रतिशत घटा था। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से भी क्रिप्टो और अन्य मार्केट्स में आशंका की स्थिति है। ट्रंप ने ईरान को न्यूक्लियर डील को लेकर चेतावनी दी है। पिछले वर्ष अक्टूबर में ट्रंप के कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने से क्रिप्टो मार्केट में बड़ी गिरावट हुई थी।
  • Bitcoin पर मंदी की मार, 70,000 डॉलर से नीचे गिरा प्राइस
    पिछले वर्ष नवंबर के बाद से Bitcoin का प्राइस पहली बार 70,000 डॉलर से नीचे गिरा है और इसने 69,101 डॉलर का निचला लेवल छुआ है। हालांकि, बाद में बिटकॉइन में कुछ रिकवरी दर्ज की गई। पिछले वर्ष अक्टूबर में इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद से यह 40 प्रतिशत तक घटा है।
  • सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने खरीदे 13,600 से ज्यादा Bitcoin, 1.25 अरब डॉलर की वैल्यू
    एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने पांच जनवरी से 11 जनवरी के बीच 13,627 बिटकॉइन की खरीदारी की है। पिछले सप्ताह भी कंपनी ने बताया था कि उसने 1,286 बिटकॉइन लगभग 11.6 करोड़ डॉलर में खरीदे हैं। इसके बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी आई है। Strategy के पास मौजूद बिटकॉइन्स की मौजूदा वैल्यू लगभग 62 अरब डॉलर की है।
  • Bitcoin में आ सकती है तेजी, Citigroup ने दिया 1,43,000 डॉलर का टारगेट
    अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की चीन पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा और भारी बिकवाली से इसका प्राइस 30 प्रतिशत से ज्यादा गिरा है। Citigroup ने दूसरी सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी Ethereum के लिए इसी अवधि में 4,304 डॉलर का पूर्वानुमान दिया है।
  • Bitcoin में गिरावट का रिस्क, Standard Chartered ने आधा किया प्राइस का टारगेट
    Standard Chartered ने इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी के लिए अपने प्राइस टारगेट में कमी की है। इस वर्ष के अंत तक बिटकॉइन के लिए दो लाख डॉलर के पिछले पूर्वानुमान को आधा घटाकर एक लाख डॉलर किया गया है। हालांकि, Standard Chartered ने बिटकॉइन के लिए लॉन्ग-टर्म के पांच लाख डॉलर के पूर्वानुमान को बरकरार रखा है।
  • Bitcoin का प्राइस 86,000 डॉलर से नीचे, बिकवाली का बड़ा असर
    बिटकॉइन ने अक्टूबर में लगभग 1,26,251 डॉलर का हाई बनाया था। इसके बाद से बिटकॉइन की वैल्यू 30 प्रतिशत से ज्यादा घटी है। इसका असर अन्य क्रिप्टोकरेंसीज पर भी पड़ा है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum का प्राइस पांच प्रतिशत से अधिक गिरकर लगभग 2,838 डॉलर पर था। इसके अलावा Solana, Cardano, Tron और BNB के प्राइस भी टूटे हैं।
  • क्रिप्टो मार्केट के लिए भारी पड़ा नवंबर, Bitcoin में 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट
    बिटकॉइन के प्राइस में कमी का बड़ा असर इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स पर भी पड़ा है। इससे एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर कंपनी MicroStrategy जैसे इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स पर मार्जिन का प्रेशर बढ़ सकता है। माइक्रोस्ट्रैटेजी का बिटकॉइन में बड़ा इनवेस्टमेंट है और इस गिरावट से कंपनी की मार्केट वैल्यू भी घटी है। अक्टूबर में क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू लगभग 4.28 लाख करोड़ डॉलर के हाई से घटकर 3.01 लाख करोड़ डॉलर की है।
  • Bitcoin में भारी गिरावट से क्रिप्टो मार्केट को झटका, कुछ सप्ताह में 1.2 लाख करोड़ डॉलर का नुकसान
    पिछले छह सप्ताह में इंटरनेशनल क्रिप्टोकरेंसी मार्केट की वैल्यू लगभग एक-चौथाई घटी है। पिछले महीने की शुरुआत में यह लगभग 4.4 लाख करोड़ डॉलर से लगभग 1.2 लाख करोड़ डॉलर घट गई है। क्रिप्टो मार्केट का कैपिटलाइजेशन लगभग 3.15 लाख करोड़ डॉलर रह गया है। इसका बड़ा कारण बिटकॉइन में भारी गिरावट है। कुछ अन्य क्रिप्टोकरेंसीज में भी बड़ी गिरावट हुई है।
  • बिटकॉइन पर बिकवाली की मार, 90,000 डॉलर से नीचे गिरा प्राइस
    बिटकॉइन का प्राइस घटकर 90,000 डॉलर से कम हो गया। यह सात महीनों का इसका सबसे कम प्राइस है। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि अमेरिका में इंटरेस्ट रेट में कटौती की कम संभावना और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) की ओर से बिकवाली इस गिरावट के पीछे बड़े कारण हैं। Ethereum और XRP जैसी कुछ अन्य क्रिप्टोकरेंसीज के प्राइस भी काफी घटे हैं।

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