यह याचिका कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की ओर से लगाए गए 213 करोड़ रुपये के जुर्माने को कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल की ओर से बरकरार रखने के खिलाफ दायर की गई है। इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने व्यावसायिक उद्देश्य के लिए यूजर से जुड़े डेटा को शेयर करने की पॉलिसी की निंदा की है।
Whatsapp Privacy Policy : दो छात्रों ने याचिका में कहा है कि यूजर्स की डिटेल को फेसबुक या किसी और से शेयर करना उनकी निजता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है।
WhatsApp ने पिछले दिनों अपने एक बयान में कहा था कि जो यूज़र्स व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी को एक्सेप्ट नहीं करते हैं, कुछ समय बाद वह व्हाट्सऐप के कुछ ही फीचर्स का सीमित इस्तेमाल कर सकेंगे।
WhatsApp ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि यूज़र्स को 8 फरवरी तक इस नई पॉलिसी की सभी शर्तों को अपनाना होगा, लेकिन डेटा-साझाकरण पर हुई आलोचनाओं के चलते इस तारीख को आगे बढ़ा दिया गया था।
WhatsApp ने अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर स्पष्ट कर दिया था कि अपडेट मुख्य रूप से प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले बिजनेस अकाउंट के लिए अपडेट की गई है। जिसमें ऐप यूज़र की डिटेल्स जैसे उनके फोन नंबर और ट्रांजेक्शन डेटा को व्यवसायों के साथ साझा किया जाएगा।
WhatsApp की नई पॉलिसी क्या है, ये यूज़र्स पर कैसे असर करेगी, कंपनी यूज़र का कौन सा डेटा साझा करेगी और यदि आप नई नीति को एक्सेप्ट नहीं करेंगे, तो क्या होगा। यहां, हम आपको इन सभी सवालों का जवाब दे रहे हैं।
WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी में कई पॉइन्ट्स ऐसे थे, जो फेसबुक से डेटा साझा करने की बात कर रहे थे। इसके चलते लोगों ने WhatsApp को बॉयकॉट कर Telegram और Signal को चुनने का फैसला करना शुरू कर दिया।
इस नए कदम के कारण WhatsApp को काफी नुकसान भी झेलना पड़ रहा है, बड़ी संख्या में यूज़र्स व्हाट्सऐप को छोड़ दूसरे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे हैं जैसे Signal और Telegram आदि।
Signal एक ओपन-सोर्स मैसेजिंग ऐप है, जो गोपनीयता पर केंद्रित है और दुनिया भर में पत्रकारों, सुरक्षा विशेषज्ञों समेत कई बड़े संस्थानों द्वारा उपयोग किया जाता है।