Upi Security

Upi Security - ख़बरें

  • वॉलेट में एल्यूमिनियम फॉयल लपेटकर चोरी होने से बच जाएंगे पैसे? जानें कैसे काम करती है यह वायरल ट्रिक
    सोशल मीडिया पर वॉलेट को एल्यूमिनियम फॉयल में लपेटने की ट्रिक कई बार वायरल होती हैं। दावा किया जाता है कि इससे RFID और NFC कार्ड का डेटा चोरी होने का खतरा कम हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एल्यूमिनियम फॉयल कुछ हद तक रेडियो सिग्नल को ब्लॉक कर सकता है और अस्थायी Faraday Cage की तरह काम करता है। हालांकि यह सिर्फ RFID आधारित सिग्नल को प्रभावित करता है और फिशिंग, UPI फ्रॉड, कार्ड स्किमिंग, डेटा ब्रीच या अन्य साइबर हमलों से सुरक्षा नहीं देता। ऐसे में इसे पूरी डिजिटल सुरक्षा का विकल्प नहीं माना जा सकता।
  • देश में जल्द शुरू हो सकता है बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट का फीचर
    कस्टमर्स के स्मार्टफोन या मर्चेंट के PoS टर्मिनल पर इंटरनेट कनेक्शन के बिना पेमेंट्स की सुविधा जल्द शुरू हो सकती है। NPCI इसके लिए कम्पैटिबल PoS टर्मिनल्स को सर्टिफाइ करना शुरू करेगी। UPI ट्रांजैक्शंस के लिए ऑफलाइन फीचर NFC टेक्नोलॉजी पर बेस्ड होगा। इससे यूजर्स अपने NFC-एनेबल्ड स्मार्टफोन को इस फीचर के लिए सपोर्ट वाले टर्मिनल्स पर टैप कर ऑफलाइन UPI पेमेंट्स कर सकेंगे।
  • हर UPI यूजर को पता होनी चाहिए ये 7 सिक्योरिटी टिप्स, नहीं तो एक गलती पड़ेगी भारी!
    UPI पेमेंट आज के समय में सबसे आसान और तेज तरीका बन चुका है, लेकिन इसके साथ फ्रॉड का खतरा भी बढ़ा है। कई यूजर्स छोटी-छोटी गलतियों के कारण अपने पैसे गंवा देते हैं। ऐसे में UPI ऐप में मौजूद कुछ जरूरी सेटिंग्स को ऑन रखना बेहद जरूरी है, जैसे App Lock, ट्रांजैक्शन अलर्ट और डेली लिमिट सेट करना। इसके अलावा अनजान रिक्वेस्ट और फर्जी ऐप्स से बचना भी जरूरी है। सही सावधानी और सेटिंग्स के जरिए आप अपने अकाउंट को सुरक्षित रख सकते हैं और फ्रॉड के रिस्क को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
  • UPI यूजर्स के लिए नया खतरा, ‘Digital Lutera’ से अकाउंट हाईजैक का दावा
    साइबर सिक्योरिटी फर्म CloudSEK की एक रिपोर्ट में “Digital Lutera” नाम के नए Android टूलकिट का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक यह टूलकिट Android सिस्टम में छिपकर काम करता है और UPI से जुड़े सिक्योरिटी सिस्टम को बायपास करने की कोशिश कर सकता है। इसमें LSPosed फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बिना ऐप को बदले उसके व्यवहार को प्रभावित किया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तकनीक के जरिए SIM बाइंडिंग प्रक्रिया में हस्तक्षेप, SMS डेटा इंटरसेप्ट और पहचान स्पूफिंग जैसी गतिविधियां संभव हो सकती हैं।
  • PhonePe पर अब बिना PIN डाले होगी UPI पेमेंट, फीचर को ऐसे करें एक्टिवेट
    PhonePe ने UPI पेमेंट के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर पेश किया है, जिससे 5,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन बिना PIN डाले पूरे किए जा सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, यूजर अब फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन के जरिए पेमेंट अप्रूव कर सकेंगे, जिससे वन टच अनुभव मिलेगा। यह सुविधा QR स्कैन, ऑनलाइन पेमेंट और मनी ट्रांसफर जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल में काम करेगी। 5,000 रुपये से ऊपर की राशि के लिए UPI PIN जरूरी रहेगा। फिलहाल यह फीचर Android यूजर्स के लिए उपलब्ध है और iOS पर जल्द आने की उम्मीद है।
  • एक टच में डिजिटल अरेस्ट, स्कैम से बचाएगा 'Kill Switch', UPI और बैंक ऐप्स में मिलेगा इमरजेंसी बटन
    डिजिटल अरेस्ट स्कैम्स के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार एक बड़े तकनीकी समाधान पर काम कर रही है। गृह मंत्रालय की ओर से गठित हाई-लेवल कमेटी UPI और बैंकिंग ऐप्स में एक ‘किल स्विच’ फीचर जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इमरजेंसी बटन किसी संभावित ऑनलाइन ठगी के दौरान यूजर को तुरंत सभी बैंक ट्रांजैक्शन्स रोकने की सुविधा देगा। इस कदम का मकसद उन मामलों को रोकना है, जहां स्कैमर्स वीडियो कॉल और फर्जी पुलिस पहचान के जरिए लोगों से पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
  • UPI के यूजर्स की संख्या हो सकती है दोगुनीः RBI
    UPI को ऑपरेट करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के प्रमोटर्स में RBI शामिल है। भारत में कुल डिजिटल ट्रांजैक्शंस में UPI की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत स अधिक की है। दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश है। विदेश में भी कुछ देशों में इस पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • UPI ट्रांजैक्शंस ने बनाया रिकॉर्ड, 27 लाख करोड़ से अधिक की वैल्यू
    भारत में सभी डिजिटल ट्रांजैक्शंस में UPI की हिस्सेदारी लगभग 85 प्रतिशत की है। दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश है। विदेश में भी सात देशों में इस पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन देशों में भूटान, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, श्रीलंका, फ्रांस और सिंगापुर शामिल हैं।
  • फाइनेंशियल फ्रॉड की चेतावनी देने के लिए ऑनलाइन पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा RBI
    RBI ने कहा कि यह देश के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने और फिनटेक इकोसिस्टम की सुरक्षा और विश्वसनीयता को बढ़ाने के प्रयास का हिस्सा है। RBI एक पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म को तैयार कर रहा है जिससे फ्रॉड वाली ट्रांजैक्शंस की रियल टाइम में पहचान कर उन्हें रोका जा सकेगा। केंद्र सरकार की योजना RBI की गारंटी वाली एक डिजिटल करेंसी को लॉन्च करने की है।
  • बैंकिंग और UPI ऐप्स में ये 3 सेटिंग्स ऑन नहीं कीं? एक क्लिक में हो सकता है अकाउंट खाली
    UPI और मोबाइल बैंकिंग का जमाना है, लेकिन इसी कंवेनीयंस के चक्कर में कई बार सिक्योरिटी की बुनियादी चीजें नजरअंदाज हो जाती हैं। अगर आपने अपने Google Pay, PhonePe या बैंक ऐप्स में ये तीन अहम सेटिंग्स एक्टिव नहीं की हैं, तो सिर्फ एक छोटी सी गलती भी आपके अकाउंट को जोखिम में डाल सकती है। आइए जानते हैं कि आखिर कौन‑सी वो तीन सेटिंग्स हैं और इन्हें ऑन करके आप बड़े नुकसान से बच सकते हैं।
  • UPI से 2,000 रुपये से अधिक की ट्रांजैक्शंस पर GST लगाने से सरकार ने किया इनकार
    हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि UPI से 2,000 रुपये से अधिक की ट्रांजैक्शंस पर GST लग सकता है। सरकार ने इस तरह की रिपोर्ट्स को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। एक नोटिस में यह स्पष्ट किया गया है कि इस तरह के किसी प्रपोजल पर विचार नहीं किया जा रहा है। पिछले वर्ष दिसंबर में UPI के जरिए ट्रांजैक्शंस की कुल वैल्यू लगभग 23.25 लाख करोड़ रुपये की थी।
  • UPI के लिए NPCI का 30 करोड़ नए यूजर्स जोड़ने का टारगेट
    UPI की लोकप्रियता तेजी से बढ़ने के साथ दुनिया में डिजिटल ट्रांजैक्शंस में भारत का योगदान लगभग 46 प्रतिशत हो गया है। PwC की रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 12 वर्षों में रिटेल डिजिटल पेमेंट्स में लगभग 90 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। NPCI की योजना में UPI के फीचर्स बढ़ाना भी शामिल है। पिछले वर्ष दिसंबर में UPI के जरिए ट्रांजैक्शंस की कुल वैल्यू लगभग 23.25 लाख करोड़ रुपये की थी।
  • मोबाइल से पेमेंट्स 200 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची, UPI ट्रांजैक्शंस बढ़ने का असर
    पिछले वर्ष की दूसरी छमाही में मोबाइल फोन्स के इस्तेमाल से ट्रांजैक्शंस की वैल्यू बढ़कर 198 लाख करोड़ रुपये की थी। यह वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इसमें यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शंस की बढ़ी हिस्सेदारी है। पिछले वर्ष की दूसरी छमाही में मोबाइल से पेमेंट्स क्रेडिट और डेबिट कार्ड्स के जरिए खर्च की गई रकम की तुलना में लगभग 14.5 प्रतिशत अधिक थी।
  • देश के रुपये को इंटरनेशनल बनाने की तैयारी, RBI की निगरानी में हो रहा eRupee ट्रायल 
    भारत में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) eRupee का ट्रायल किया जा रहा है। इसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कई बैंकों को जोड़ा है। हालांकि, RBI का कहना है कि इसे लेकर वह कोई जल्दबाजी नहीं करेगा। ई-रुपये का ट्रायल लगभग दो वर्ष पहले शुरू किया गया था। यह ट्रायल अब एडवांस फेज में है। कुछ UPI ऐप्स भी RBI की निगरानी में डिजिटल रुपये के ट्रायल में शामिल होने की योजना बना रहे हैं।
  • डिजिटल रुपये के रिटेल ट्रायल में जुड़े 50 लाख यूजर्स
    Google Pay और PhonePe जैसे UPI ऐप्स भी RBI की निगरानी में डिजिटल रुपये के ट्रायल में शामिल होने की योजना बना रहे हैं

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