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Space Station - ख़बरें

  • इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन ने बनाया रिकॉर्ड, एक साथ डॉक हुए 8 स्पेसक्राफ्ट
    ISS का इस्तेमाल माइक्रोगेविटी में वैज्ञानिक रिसर्च, टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग और मानव पर अंतरिक्ष के प्रवाहों की स्टडी करने के लिए होता है। इस वर्ष जून में भारतीय एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla ने Axiom-4 मिशन के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर पहुंचकर एक बड़ी सफलता हासिल की थी। भारत की योजना भी स्पेस स्टेशन बनाने की है।
  • इंतजार खत्म! 2026 में अंतरिक्ष की सैर, दुनिया का पहला प्राइवेट स्पेस स्टेशन Haven-1 होगा शुरू
    दुनिया का पहला प्राइवेट स्पेस स्टेशन जल्द ही हकीकत बनने वाला है। वास्ट स्पेस (Vast Space) की ओर से यह स्पेस स्टेशन तैयार किया जा रहा है जो दुनिया का पहला निजी अंतरिक्ष स्टेशन होगा। स्पेस स्टेशन का नाम Haven-1 है और यह 2026 में दुनिया के लिए खोल दिया जाएगा। यह एक सिंगल मॉड्यूल आवास होगा जिसे SpaceX Falcon 9 के माध्यम से लॉन्च किया जाएगा।
  • 400km ऊपर अंतरिक्ष में चीनी वैज्ञानिकों को मिला यह रहस्यमय सूक्ष्म जीव!
    चीन के वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में एक नए बैक्टीरिया के बारे में पता चला है। तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया की इस नई प्रजाति को खोजा है। नए बैक्टीरिया स्ट्रेन को Niallia tiangongensis नाम दिया गया है। यह स्ट्रेन शेनझोउ 15 मिशन के दौरान तियांगोंग की सतहों से एकत्र किए गए सूक्ष्मजीव नमूनों में पाया गया था, जो जून 2023 में पृथ्वी पर वापस आया था।
  • चीन ने अपने स्पेस स्टेशन में दी पाकिस्तानी को जगह! पहली बार भेजेगा विदेशी मेहमान
    चीन अपने स्पेस स्टेशन पर पाकिस्तान के अंतरिक्ष यात्री को मेहमान के रूप में भेजेगा। चीन ने तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर पहले विदेशी मेहमान के तौर पर पाकिस्तान से एक अंतरिक्ष यात्री को भेजने की घोषणा की है। चीन की स्पेस एजेंसी CMSA के मुताबिक, चीन और पाकिस्तान ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसमें चीन पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस मिशन के लिए चुनेगा और उनको ट्रेनिंग भी देगा।
  • धरती से 400Km ऊपर से दिखा महाकुंभ का नजारा, Nasa ने शेयर की तस्‍वीरें
    यूपी के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में रोजाना लाखों की संख्‍या में लोग संगम पर स्‍नान के लिए पहुंच रहे हैं। इस नजारे को ना सिर्फ पृथ्‍वी से बल्कि अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है। नासा के अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट ने इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) से इस आयोजन की तस्‍वीरें ली हैं। ISS हमारी धरती से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में है।
  • अंतरिक्ष में कूड़ा कहां और कैसे फेंकते हैं एस्‍ट्रोनॉट? देखें Photo
    अंतरिक्ष से आई लेटेस्‍ट तस्‍वीर में एक एस्‍ट्रोनॉट को ‘कूड़ा’ फेंकते हुए देखा जा सकता है। एक रूसी अंतरिक्ष यात्री, आईएसएस के रोबोटिक आर्म पर अटैच होकर अंतरिक्ष में बाहर निकला। उसने उन पुराने इक्विपमेंट्स को अंतरिक्ष में फेंक दिया, जिन्‍हें 19 दिसंबर की स्‍पेसवॉक के दौरान बदला गया था।
  • धरती से 400km ऊपर अंतरिक्ष में सुनीता विलियम्‍स उड़ाएंगी ‘दावत’, सेलिब्रेट करेंगी थैंक्सगिविंग
    भारतीय मूल की नासा (Nasa) की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्‍स (Sunita Williams) इस साल जून में स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) पर पहुंची थीं। उनके स्‍पेसक्राफ्ट में खराबी आ गई, जिस वजह से सुनीता और उनके साथी बुच विल्‍मोर वहीं रुके हुए हैं। अंतरिक्ष में अपने सफर को सुनीता अब एन्‍ज्‍वॉय भी कर रही हैं। वह आईएसएस पर थैंक्सगिविंग (Thanksgiving) पर्व मनाने वाली हैं।
  • ISRO बनाएगी मून स्‍पेस स्‍टेशन! चांद का लगाएगा चक्‍कर, मंगल जाने वाले एस्‍ट्रोनॉट्स उसमें रुक पाएंगे!
    भारत की स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) एक ऐसे अंतरिक्ष स्‍टेशन की योजना बना रही है, जो चंद्रमा की परिक्रमा करेगा। इसके अलावा, इसरो की योजना नासा और अन्‍य अंतरिक्ष एजेंसियों की तरह चांद पर लंबे समय तक रुकने वाला सेटअप तैयार करना है। चंद्रयान-3 मिशन की सफलता से उत्‍साहित इसरो चांद पर अपने एस्‍ट्रोनॉट्स भी भेजना चााहती है। कहा जाता है कि पूरी योजना को तीन हिस्‍सों में बांटा गया है, जिसे एक के बाद एक पूरा किया जाएगा।
  • अंतरिक्ष घूमकर आए आलू, मटर, मक्‍का अब पृथ्‍वी पर रोपे जाएंगे, क्‍या है पूरा मामला? जानें
    अंतरिक्ष में कई महीनों तक रखने के बाद वैज्ञानिकों ने कई प्रकार के बीजों (Seeds) को पृथ्‍वी पर भेज दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस वसंत की शुरुआत में बीजों को पृथ्‍वी पर रोपा जाएगा। यह कल्‍चरल एंड स्‍टेम स्‍टडी का हिस्‍सा है। स्‍टेम का पूरा नाम साइंस, टेक्‍नॉलजी, इंजीनियरिंग एंड मैथ है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल नवंबर में पांच किस्‍म के बीज- स्‍वीट पोटैटो, मटर, मक्‍का और लैम्ब्सक्वार्टर को इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) पर भेजा गया था।
  • Video : अंतरिक्ष से धरती पर पहुंचे 3 चीनी एस्‍ट्रोनॉट, रात के वक्‍त की लैंडिंग, देखें वीडियो
    स्‍पेस में 6 महीने से भी ज्‍यादा समय तक रहने के बाद चीन का शेनझोउ 18 क्रू (Shenzhou 18 crew) पृथ्‍वी पर लौट आया है। तीन अंतरिक्ष यात्री- ये गुआंगफू, ली कांग और ली गुआंगसू पृथ्‍वी पर लौट आए हैं और उन्‍होंने अपने देश में लैंड किया। ये सभी 25 अप्रैल से अंतरिक्ष में थे और तियांगोंग स्‍पेस स्टेशन पर रह रहे थे। इन्‍होंने उत्तरी चीन के डोंगफेंग लैंडिंग साइट पर कदम रखे।
  • 232 दिनों तक अंतरिक्ष में रहने के बाद धरती पर लौटे 4 अंतरिक्ष यात्री, देखें Video
    इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) में कई दिनों तक रुकने के बाद चार अंतरिक्ष यात्री सकुशल पृथ्‍वी पर लौट आए हैं। क्रू8 (Crew-8) के एस्‍ट्रोनॉट्स- मैथ्यू डोमिनिक, माइकल बैरेट, जीनेट एप्स और अलेक्जेंडर ग्रेबेनकिन ने शुक्रवार को फ्लोरिडा के पेंसाकोला के तट से दूर मैक्सिको की खाड़ी में लैंड किया। ये अंतरिक्ष यात्री 232 दिनों तक स्‍पेस में रुके। उन्‍हें दो हफ्तों से ज्‍यादा वक्‍त तक इंतजार करना पड़ा, क्‍योंकि मौसम साथ नहीं दे रहा था।
  • Haven-1 Space Station: अंतरिक्ष में होगा लग्जरी होटल जैसा स्पेस स्टेशन! जिम, प्राइवेट रूम भी होंगे, देखें वीडियो
    VAST एयरोस्पेस कंपनी जल्द ही अपना कमर्शियल और आलीशान स्पेस स्टेशन Haven-1 बनाने की तैयारी में है। इसमें भीतर ही फिटनेस सिस्टम यानी जिम भी होगा। इसके साथ ही एंटरटेनमेंट सिस्टम से लैस प्राइवेट रूम भी बनाए जाएंगे। स्पेस स्टेशन की लंबाई 10.1 मीटर और चौड़ाई 3.8 मीटर होगी। स्पेस स्टेशन में एक डेक बनाया जाएगा जिसमें खिड़की से पृथ्वी का शानदार नजारा देखा जा सकेगा।
  • धरती से 400km ऊपर वैज्ञानिकों ने लगाए 4K कैमरा, रिकॉर्ड हुआ ‘महातूफान’ Milton का नजारा
    इस साल की शुरुआत में इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) पर एक कार्गो के जरिए स्पेसटीवी-1 नाम का पेलोड भेजा गया था। यह पेलोड, स्‍पेस वीडियो स्ट्रीमिंग कंपनी सेन (Sen) का था, जिसमें 4K कैमरों का एक सेट था। उसे आईएसएस के बाहरी हिस्‍से में लगाया जाना था। कैमरों को स्‍टेशन पर सेट किया जा चुका है और इन्‍होंने पृथ्‍वी के कुछ हैरान करने वाले दृश्‍य कैप्‍चर किए हैं, जिनमें मिल्टन तूफान का दृश्‍य प्रमुख है।
  • धरती से 400km ऊपर ‘स्‍पेस स्‍टेशन’ से लीक हो रही हवा, टेंशन में Nasa!
    धरती से 400 किलोमीटर ऊपर पृथ्‍वी का चक्‍कर लगा रहे इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) से हवा का लीक होना लगातार जारी है। साल 2019 में सबसे पहले लीकेज का पता चला था। नासा की एक हालिया रिपोर्ट में लीकेज को लेकर फ‍िर से चिंता जताई गई है। कहा गया है कि अप्रैल 2024 में यह लीकेज रोजाना 1.7 किलोग्राम तक पहुंच गया। नासा रिपेयर वर्क से नासा संतुष्‍ट दिख रही है, पर इसका स्‍थायी समाधान चाहती है।
  • सुनीता विलियम्‍स को अंतरिक्ष में रोककर गलती कर दी Nasa ने? स्‍टारलाइनर की लैंडिंग से उठा सवाल
    बोइंग स्‍टारलाइनर को जून में 10 दिनों के के लिए इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन पर भेजा गया था। उसमें सुनीता विलियम्‍स और बुच विल्‍मोर सवार थे। स्‍पेसक्राफ्ट में खराबी आने के कारण दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को ISS पर रोकना पड़ गया। अब नासा कमर्शल क्रू प्रोग्राम के मैनेजर स्‍टीव स्टिच का कहना है कि स्टारलाइनर की बिना क्रू की लैंडिंग उम्मीद के मुताबिक ही हुई। स्‍पेसक्राफ्ट ने ठीक उसी तरह लैंडिंग की, जैसा नासा और बोइंग ने इसे डिजाइन किया था। अगर स्‍पेसक्राफ्ट में क्रू सवार होता, तो हमारा मानना है कि यह एक सेफ और सफल लैंडिंग होती।

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