400km ऊपर अंतरिक्ष में चीनी वैज्ञानिकों को मिला यह रहस्यमय सूक्ष्म जीव!

वैज्ञानिकों का कहना है कि नए बैक्टीरिया में एक अनोखी क्षमता है।

400km ऊपर अंतरिक्ष में चीनी वैज्ञानिकों को मिला यह रहस्यमय सूक्ष्म जीव!

Photo Credit: OriginSpace2

चीन के वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में एक नए बैक्टीरिया के बारे में पता चला है।

ख़ास बातें
  • नया स्ट्रेन Niallia circulans के जैसा है जो कि धरती पर पाया जाता है।
  • वैज्ञानिकों का कहना है कि नए बैक्टीरिया में एक अनोखी क्षमता है।
  • यह स्ट्रेन शेनझोउ 15 मिशन के दौरान पाया गया था।
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चीन के वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में एक नए बैक्टीरिया के बारे में पता चला है। तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया की इस नई प्रजाति को खोजा है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ सिस्टेमैटिक एंड इवॉल्यूशनरी माइक्रोबायोलॉजी में एक पेपर प्रकाशित किया गया है। जिसके मुताबिक नए बैक्टीरिया स्ट्रेन को Niallia tiangongensis नाम दिया गया है। यह स्ट्रेन शेनझोउ 15 मिशन के दौरान तियांगोंग की सतहों से एकत्र किए गए सूक्ष्मजीव नमूनों में पाया गया था, जो जून 2023 में पृथ्वी पर वापस आया था। 

नए बैक्टीरिया को एरोबिक, बीजाणु बनाने वाला और रॉड के आकार का जीवाणु बताया गया है। यह पहली बार है जब लोअर अर्थ ऑर्बिट में तीन मॉड्यूल वाले अंतरिक्ष स्टेशन तियांगोंग पर एक नई प्रजाति की खोज की गई है। पेपर कहता है कि नया स्ट्रेन Niallia circulans के जैसा है जो कि धरती पर पाया जाता है। लेकिन इसमें कई म्यूटेशन हो चुके हैं जो अंतरिक्ष में जीवन के अध्ययन में लाभदायक साबित हो सकते हैं। Science Alert के अनुसार, पेपर में कहा गया है कि लम्बी अवधि के अंतरिक्ष मिशनों के दौरान सूक्ष्मजीवों की विशेषताओं को समझना अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और अंतरिक्ष यान की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि नए बैक्टीरिया में एक अनोखी क्षमता है। यह gelatine को तोड़ सकता है और यह ऐसे वातावरण में बहुत लाभकारी हो सकता है जहां पर पर पोषक तत्व बहुत सीमित मात्रा में उपलब्ध हों। नए स्ट्रेन ने दो प्रमुख प्रोटीनों में संरचनात्मक और कार्यात्मक अंतर भी दिखाया है, जो बायोफिल्म निर्माण, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस रेस्पॉन्स और रेडिएशन डैमेज की रिपेअरिंग को बढ़ा सकता है। ये एडेप्टेशन दर्शाते हैं कि इस सूक्ष्म जीव ने अंतरिक्ष पर्यावरण की चरम स्थितियों में जीवित रहने के लिए एक सिस्टम विकसित कर लिया है।

हालांकि अभी इस बात का पुख्ता रूप से पता किया जाना बाकी है कि क्या नया बैक्टीरिया तियांगोंग के अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए कोई खतरा पैदा करता है या नहीं। अंतरिक्ष स्टेशनों पर कौन से बैक्टीरिया जीवित रहते हैं, इसकी स्टडी यह समझने के लिए जरूरी है कि बोर्ड पर दूषितकरण को कैसे कंट्रोल किया जाए और कैसे टाला जाए। यह पहली बार नहीं है जब अंतरिक्ष में कोई नई प्रजाति खोजी गई है। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से पहले भी कई नए बैक्टीरिया की पहचान की जा चुकी है।
 
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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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