धरती से 400km ऊपर ‘स्‍पेस स्‍टेशन’ से लीक हो रही हवा, टेंशन में Nasa!

Space Station Air Leakage : ISS के रूसी सेगमेंट से हवा का लीक होना लगातार जारी है।

धरती से 400km ऊपर ‘स्‍पेस स्‍टेशन’ से लीक हो रही हवा, टेंशन में Nasa!

Photo Credit: Nasa

नासा और रोस्‍कोस्‍मॉस आईएसएस पर अंदरूनी और बाहरी वेल्डिंग्‍स की जांच कर रहे हैं।

ख़ास बातें
  • इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन से हो रही एयर लीक
  • साल 2019 में सबसे पहले चला था पता
  • अभी तक यह लीकेज सही नहीं हो पाया है
विज्ञापन
Air Leak in ISS : धरती से 400 किलोमीटर ऊपर पृथ्‍वी का चक्‍कर लगा रहे इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) के सामने कई चुनौतियां हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ISS के रूसी सेगमेंट से हवा का लीक होना लगातार जारी है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा इस बात से चिंतित है और लीकेज कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों में तेजी चाहती है। यह प्रॉब्‍लम काफी वक्‍त से बनी हुई है। साल 2019 में सबसे पहले लीकेज का पता चला था। आईएसएस के ज्‍वेज्‍दा मॉड्यूल के पीआरके वेस्टिबुल (Zvezda module PrK) से हवा लीक होती हुई देखी गई थी।  

नासा की एक हालिया रिपोर्ट में इस लीकेज को लेकर फ‍िर से चिंता जताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल 2024 में यह लीकेज रोजाना 1.7 किलोग्राम तक पहुंच गया। इससे निपटने के लिए किए जा रहे रिपेयर वर्क से नासा संतुष्‍ट दिख रही है, पर इसका स्‍थायी समाधान चाहती है। 

एयर लीकेज की वजह का अबतक पता नहीं चल पाया है। नासा के अलावा रूसी स्‍पेस एजेंसी रोस्‍कोस्‍मॉस (Roscosmos) आईएसएस पर अंदरूनी और बाहरी वेल्डिंग्‍स की जांच कर रहे हैं। 
 

अभी क्‍या कर रहे एस्‍ट्रोनॉट्स  

एयर लीक का ज्‍यादा प्रभाव ना हो, इसलिए एस्‍ट्रोनॉट्स उस इलाके को बंद रखते हैं, जहां से ज्‍यादा एयर लीक हो रही है। सिर्फ जरूरी काम के लिए ही वहां जाया जाता है। 

गौरतलब है कि अमेरिका और रूस, इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) के संयुक्‍त भागीदार हैं। हालांकि इस लीकेज को लेकर दोनों के बीच थोड़ी असहमति भी है। अगर लीकेज का स्‍थायी समाधान नहीं होता है तो उस एरिया को हमेशा के लिए बंद भी किया जा सकता है, जहां से एयर लीक हो रही है। ऐसा हुआ तो रूस के सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट भविष्‍य में आईएसएस पर डॉक नहीं कर पाएंगे।  

एयर लीक सिर्फ एक चुनौती नहीं है। नासा के पास आईएसएस पर कई और चैलेंज हैं। उसके सामने सप्‍लाई चेन, स्‍पेयर पार्ट्स की भी चुनौतियां हैं। नासा चाहती है कि किसी तरह से आईएसएस इस दशक तक ऑपरेट हो जाए। वैसे भी साल 2028 से 2030 के बीच इसे पृथ्‍वी के वायुमंडल पर वापस गिराकर खत्‍म कर दिया जाएगा।
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Vivo S70 में मिल सकती है अपग्रेडेड रियर कैमरा यूनिट, Snapdragon 8s Gen 4 चिपसेट
  2. Infinix GT 50 Pro की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस ऑफर्स
  3. Karbonn Rebel Pro, Karbonn Rebel जल्द होंगे भारत में लॉन्च, स्पेसिफिकेशंस, डिजाइन आया सामने
  4. शुभमन गिल ने टेस्ट किया दीपिंदर गोयल का Temple डिवाइस, कभी पीवी सिंधू ने भी पहना था, जानें क्या है?
  5. Samsung Galaxy S25 Ultra 5G खरीदें 47,849 डिस्काउंट पर, Amazon दिवाली सेल में ऑफर, लेकिन सीमित समय के लिए
  6. Samsung ला सकता है ज्यादा सस्ता फोल्डेबल फोन, नए दो मॉडल की टेस्टिंग, बदल जाएगा बाजार
  7. Amazon दिवाली सेल में कमाल का ऑफर, ₹51000 सस्ता मिल रहा Samsung का 200 मेगापिक्सल कैमरा वाला फोल्डेबल फोन
  8. Flipkart दिवाली सेल: iPhone 18 Pro पर मिल रहा डिस्काउंट, सीधे ₹6000 की बचत
  9. Tecno Spark 50S 5G vs Samsung Galaxy F70 5G vs Redmi 17C 5G: ₹20 हजार बजट में कौन सा है बेस्ट?
  10. 10001mAh की विशाल बैटरी और 144Hz डिस्प्ले वाला 5G फोन, फ्लिपकार्ट सेल में सीधे ₹3400 सस्ता
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »