अंतरिक्ष में कूड़ा कहां और कैसे फेंकते हैं एस्‍ट्रोनॉट? देखें Photo

इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन में एक स्‍पेसवॉक के बाद एस्‍ट्रोनॉट्स ने गैरजरूरी सामान को बाहर फेंका।

अंतरिक्ष में कूड़ा कहां और कैसे फेंकते हैं एस्‍ट्रोनॉट? देखें Photo

Photo Credit: Nasa

अंतरिक्ष में रहने के दौरान बहुत सारा वेस्‍ट मटीरियल निकलता है, इसमें वो इक्विपमेंट भी शामिल होते हैं, जिन्‍हें समय-समय पर रिप्‍लेस किया जाता है।

ख़ास बातें
  • आईएसएस पर की गई स्‍पेसवॉक
  • अंतरिक्ष यात्रियों ने कूड़ा भी किया अलग
  • रोबोटिक आर्म की मदद से फेंका गया कूड़ा
विज्ञापन
Space News : धरती से 400 किलोमीटर ऊपर इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) वो जगह है, जहां एस्‍ट्रोनॉट्स की एक टीम हमेशा तैनात रहती है। इस स्‍पेस स्‍टेशन को रूस, अमेरिका समेत कुछ और देश मिलकर ऑपरेट करते हैं। अंतरिक्ष में रहने के दौरान बहुत सारा वेस्‍ट मटीरियल निकलता है, इसमें वो इक्विपमेंट भी शामिल होते हैं, जिन्‍हें समय-समय पर रिप्‍लेस किया जाता है। यह एक तरह का कूड़ा होता है, जिसे डिस्‍पोज करने के भी तरीके हैं। अंतरिक्ष से आई लेटेस्‍ट तस्‍वीर में एक एस्‍ट्रोनॉट को ‘कूड़ा' फेंकते हुए देखा जा सकता है। 

स्‍पेसडॉटकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, एक रूसी अंतरिक्ष यात्री, आईएसएस के रोबोटिक आर्म पर अटैच होकर अंतरिक्ष में बाहर निकला। उसने उन पुराने इक्विपमेंट्स को अंतरिक्ष में फेंक दिया, जिन्‍हें 19 दिसंबर की स्‍पेसवॉक के दौरान बदला गया था।  

रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपीडिशन 72 (Expedition 72) मिशन के फ्लाइट इंजीनियर एलेक्सी ओविचिनिन ने इवान वैगनर के साथ करीब 7 घंटे की स्‍पेसवॉक की थी। इस दौरान उन्‍होंने गैरजरूरी इलेक्ट्रिकल कनेक्‍टर्स, कवर्स और एक एक्‍सपेरिमेंट बूम को आईएसएस से अलग किया। बाद में इवान वैगनर ने रोबोटिक आर्म से अटैच होकर सारे कचरे को अंतरिक्ष में फेंक दिया। इस दौरान उनके एक और साथी एलेक्सांद्र गोरबुनोव, स्‍पेस स्‍टेशन के अंदर से 37 फुट लंबे रोबोटिक आर्म को कंट्रोल कर रहे थे। 

जैसे ही रोबोटिक आर्म, पहले से तय पॉइंट पर पहुंचा, ओविचिनिन ने सारा कूड़ा फेंक दिया। रिपोर्ट के अनुसार, यह अब पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश करके जल जाएगा। एस्‍ट्रोनॉट्स की कोशिश सफल रही और सारा कूड़ा आईएसएस से दूर जा रहा है। 

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 7 घंटे की स्‍पेसवॉक के दौरान ओविचिनिन और वैगनर ने ज्‍वेज्‍दा सर्विस मॉड्यूल पर भी काम किया। उन्‍होंने ‘ऑल-स्काई मॉनिटर' नाम का एक एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर वहां इंस्‍टॉल किया था। 

धरती पर कूड़ा फेंकना जितना आसान है, अंतरिक्ष में यह टास्‍क उतना ही मुश्किल है। वहां वैज्ञानिकों को एक-एक काम पूरी तैयारी और तकनीक के साथ करना पड़ता है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Vivo X500 सीरीज हुई लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  2. Motorola का 50MP कैमरा, 5500mAh बैटरी वाले फोन पर मिल रहा डिस्काउंट, जानें ऑफर
  3. DoT की चेतावनी, सिम के गलत इस्तेमाल पर लगेगा 50 लाख का जुर्माना और 3 साल की जेल
  4. AI की रफ्तार से बराक ओबामा को भी लगा डर, AI नहीं उसका खुद सीखना है बड़ी चिंता
  5. Vivo Y600K Turbo जल्द हो सकता है लॉन्च, Google Play Console पर लिस्टिंग
  6. Ai+ Nova Tab के जल्द लॉन्च की तैयारी, 11.97 इंच टचस्क्रीन
  7. Bose ने ओपन ईयर ईयरबड्स किए लॉन्च, 30 फीट दूर से भी रहेंगे कनेक्ट, बैटरी चलेगी 9 घटे तक
  8. Samsung Galaxy S26 FE की सेल शुरू, 7 हजार डिस्काउंट के साथ खरीदें
  9. OnePlus Ace 7 सीरीज में लार्ज कूलिंग फैन के साथ मिल सकता है नया थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम
  10. Redmi Note 17 Pro Max 5G vs Pova 8 Pro 5G vs Vivo V70 FE: 50 हजार में कौन सा रहेगा बेहतर?
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »