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News Report - ख़बरें

  • फोन नहीं, अब लैपटॉप-PC से चोरी हो रहे OTP और SMS! निशाने पर है ये Windows फीचर
    Cisco Talos की नई रिपोर्ट के मुताबिक, नया Windows मैलवेयर Microsoft Phone Link ऐप को निशाना बनाकर यूजर्स के SMS और OTP चुराने की कोशिश कर रहा है। यह हमला सीधे स्मार्टफोन को हैक नहीं करता, बल्कि Windows PC में सिंक हुए मैसेज और नोटिफिकेशन तक पहुंच बनाता है। रिपोर्ट के अनुसार, CloudZ नाम का रिमोट एक्सेस टूल और Pheno plugin मिलकर इस गतिविधि को अंजाम दे रहे हैं। यह मैलवेयर Phone Link से जुड़े प्रोसेस को पहचानकर एक्टिव सेशन खोजता है और फिर डेटा इकट्ठा करने की कोशिश करता है। एक्सपर्ट्स ने इसे SMS-बेस्ड ऑथेंटिकेशन के लिए नया खतरा बताया है।
  • भारत में स्पैम कॉल्स का कहर: 66% कॉल Spam, रोज 2-3 कॉल, दुनिया में 5वां स्थान!
    Truecaller की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया का पांचवां सबसे ज्यादा स्पैम कॉल झेलने वाला देश है। देश में स्पैम इंटेंसिटी 66% दर्ज की गई है, यानी हर तीन में से दो अनजान कॉल स्पैम हो सकती हैं। रिपोर्ट बताती है कि भारत में टेलीमार्केटिंग कॉल्स के साथ-साथ फ्रॉड कॉल्स भी तेजी से बढ़ रही हैं। हर दिन कई यूजर्स को 2–3 स्पैम कॉल्स मिलना आम हो गया है, जिससे अनजान नंबर पर भरोसा कम होता जा रहा है। यह ट्रेंड दिखाता है कि स्पैम अब सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि एक बड़ा कम्युनिकेशन इश्यू बन चुका है।
  • Android यूजर्स को बुरी लग सकती है ये रिपोर्ट, वफादारी में आगे निकले iPhone यूजर्स!
    एक रिपोर्ट के अनुसार iPhone यूजर्स की लॉयल्टी 2026 में 96.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पिछले कुछ सालों में बढ़ी है। वहीं Android यूजर्स की लॉयल्टी 86.4 प्रतिशत है और वे iPhone पर स्विच करने की संभावना ज्यादा रखते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि iOS एक्सपीरियंस और Apple का इकोसिस्टम यूजर्स को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि कुछ यूजर्स iPhone की ऊंची कीमत की वजह से Android की तरफ भी जाते हैं। Samsung की लॉयल्टी में भी इस दौरान बढ़ोतरी देखी गई है।
  • WhatsApp चैट लिस्ट होगी क्लीन, बिजनेस चैट्स जाएंगी अलग सेक्शन में!
    WhatsApp Android के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है, जो बिजनेस चैट्स को ऑटोमैटिकली अलग सेक्शन में ऑर्गनाइज करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, यह फीचर स्पैम और अनचाहे मैसेज को कम करने में मदद करेगा। यूजर्स 24 घंटे बाद बिजनेस चैट्स को अलग सेक्शन में शिफ्ट कर सकेंगे, जिससे मेन चैट लिस्ट ज्यादा क्लीन रहेगी। यह फीचर फिलहाल डेवलपमेंट में है और जल्द बीटा यूजर्स के लिए रोलआउट हो सकता है। इसके बाद इसे सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
  • BSNL ने पलटा गेम! इंटरनेट स्पीड और परफॉर्मेंस में Airtel और Jio को दी मात
    BSNL ने FY26 में फिक्स्ड-लाइन इंटरनेट सेगमेंट में Jio और Airtel को पीछे छोड़ पहला स्थान हासिल किया है। nPerf की रिपोर्ट के मुताबिक, BSNL ने 89,174 nPoints के साथ टॉप पोजिशन हासिल की, जबकि Airtel और Jio इससे पीछे रहे। BSNL ने अपलोड स्पीड, लेटेंसी और ब्राउजिंग एक्सपीरियंस में बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि Jio ने डाउनलोड स्पीड में बढ़त दिखाई। यह रिपोर्ट भारत के ब्रॉडबैंड मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दिखाती है।
  • WhatsApp, Telegram के बाद VPN पर वार, यूजर्स के लिए बढ़ी मुश्किलें!
    रूस में इंटरनेट कंट्रोल को और सख्त करने की तैयारी हो रही है, जहां सरकार अब VPN के इस्तेमाल को कम करने पर फोकस कर रही है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल मंत्री Maksut Shadayev ने कहा है कि VPN यूसेज को सीमित करने की योजना बनाई जा रही है। हाल के महीनों में रूस ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया और मोबाइल इंटरनेट पर भी कई बार रोक लगाई है। सरकार का कहना है कि ये कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण के लिए जरूरी हैं। हालांकि यूजर्स लगातार नए VPN का इस्तेमाल कर इन प्रतिबंधों को बायपास करने की कोशिश कर रहे हैं।
  • क्या OnePlus बंद हो रहा है? इन देशों में ऑपरेशन घटाने की खबर
    OnePlus को लेकर नए लीक में दावा किया जा रहा है कि कंपनी कुछ ग्लोबल मार्केट्स में अपनी मौजूदगी कम या बंद कर सकती है। टिप्स्टर Yogesh Brar के मुताबिक यह असर अमेरिका, यूके और यूरोप के कुछ हिस्सों में दिख सकता है, जबकि चीन में बिजनेस सामान्य रहेगा। भारत को लेकर कहा जा रहा है कि यहां कंपनी ऑपरेशन जारी रखेगी, लेकिन फोकस बजट और मिड-रेंज डिवाइसेस पर ज्यादा हो सकता है। हालांकि कंपनी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और पहले भी ऐसे दावों को खारिज किया जा चुका है।
  • सरकार का हर फोन में Aadhaar ऐप प्री-इंस्टॉल करने का प्लान! Apple-Samsung जैसे ब्रांड्स ने जताई आपत्ति
    Reuters की रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने Apple, Samsung और Google जैसी कंपनियों से Aadhaar ऐप को स्मार्टफोन्स में पहले से इंस्टॉल करने का प्रस्ताव दिया था। सरकार का मानना था कि इससे यूजर्स को बेहतर एक्सेस मिलेगा, लेकिन इंडस्ट्री बॉडी MAIT और कई कंपनियों ने इसका विरोध किया। उनका कहना है कि इससे प्रोडक्शन लागत बढ़ेगी और यूजर एक्सपीरियंस पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कंपनियों ने सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर भी चिंता जताई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रस्ताव आगे बढ़ेगा या नहीं।
  • AI स्कैम गैंग्स की हिट लिस्ट में भारत दूसरे नंबर पर, Meta की इस रिपोर्ट में सामने आया पूरा फ्रॉड गेम
    Meta की 2026 Adversarial Threat Report में बताया गया है कि ऑनलाइन स्कैम अब पहले से ज्यादा एडवांस हो चुके हैं और इनमें AI का बड़ा रोल है। स्कैमर्स अब फेक प्रोफाइल, डीपफेक और नेचुरल बातचीत के जरिए लोगों को आसानी से झांसा दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये ठगी अब एक पूरी इंडस्ट्री की तरह काम कर रही है, जिसमें अलग-अलग स्टेज पर प्लानिंग की जाती है। साउथईस्ट एशिया से ऑपरेट होने वाले बड़े स्कैम नेटवर्क्स भारत समेत कई देशों को टारगेट कर रहे हैं। इसके अलावा फेक रेंटल और फेक फ्यूनरल जैसे नए स्कैम भी सामने आए हैं।
  • UPI यूजर्स के लिए नया खतरा, ‘Digital Lutera’ से अकाउंट हाईजैक का दावा
    साइबर सिक्योरिटी फर्म CloudSEK की एक रिपोर्ट में “Digital Lutera” नाम के नए Android टूलकिट का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक यह टूलकिट Android सिस्टम में छिपकर काम करता है और UPI से जुड़े सिक्योरिटी सिस्टम को बायपास करने की कोशिश कर सकता है। इसमें LSPosed फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बिना ऐप को बदले उसके व्यवहार को प्रभावित किया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तकनीक के जरिए SIM बाइंडिंग प्रक्रिया में हस्तक्षेप, SMS डेटा इंटरसेप्ट और पहचान स्पूफिंग जैसी गतिविधियां संभव हो सकती हैं।
  • ट्रंप ने लगाया बैन, फिर भी ईरान हमले में अमेरिका की ओर से यूज हुआ सीक्रेट AI टूल!
    अमेरिका की हालिया ईरान एयर स्ट्राइक को लेकर एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऑपरेशन के दौरान Anthropic के Claude AI टूल का इस्तेमाल हुआ। यह दावा ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल एजेंसियों को इस एआई टेक्नोलॉजी का उपयोग तुरंत रोकने का आदेश दिया था। बताया जा रहा है कि Claude का इस्तेमाल इंटेलिजेंस असेसमेंट, टारगेट पहचान और बैटल सिमुलेशन जैसे कामों में किया जाता रहा है। कंपनी और पेंटागन के बीच सैन्य उपयोग को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं, जिससे एआई के डिफेंस रोल पर नई बहस शुरू हो गई है।
  • AI नहीं सीखा तो प्रमोशन कैंसल? Accenture ने स्टाफ का AI यूज ट्रैक करना शुरू किया
    फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार Accenture ने सीनियर कर्मचारियों के AI टूल्स उपयोग को प्रमोशन प्रक्रिया से जोड़ दिया है। कंपनी अब कुछ सीनियर मैनेजर्स के साप्ताहिक लॉग इन डेटा को ट्रैक कर रही है और लीडरशिप रोल के लिए “रेगुलर एडॉप्शन” को जरूरी बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि AI Refinery और SynOps जैसे टूल्स का इस्तेमाल टैलेंट चर्चा में एक अहम फैक्टर होगा। हालांकि 12 यूरोपीय देशों और कुछ यूनिट्स को इस नीति से छूट दी गई है।
  • 2126 में बंद हो जाएगी Google? 100 साल का कर्ज लेकर क्या बड़ा प्लान बना रही है कंपनी
    Google की पेरेंट कंपनी Alphabet ने 100 साल की मैच्योरिटी वाला बॉन्ड जारी किया है, जो साल 2126 में पूरा होगा। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी अलग-अलग करेंसी में करीब 20 अरब डॉलर जुटा रही है। यह फंडिंग AI इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े निवेश प्लान का हिस्सा है, जिसमें कुल 185 अरब डॉलर तक खर्च की योजना बताई गई है। निवेशकों की ओर से मजबूत मांग भी देखने को मिली है। 2025 में 400 अरब डॉलर के रेवेन्यू और 127 अरब डॉलर के कैश रिजर्व के साथ कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति मजबूत बताई जा रही है।
  • अलर्ट सीरियस है! 40 फीसदी से ज्यादा फोन खतरे में, Google के नए डेटा ने बढ़ाई चिंता
    Google ने नया Android distribution डेटा जारी किया है, जिसमें सामने आया है कि 40 फीसदी से ज्यादा Android स्मार्टफोन्स अब नए मैलवेयर और स्पाइवेयर अटैक्स के खतरे में हैं। कंपनी के मुताबिक Android 12 और उससे पुराने वर्जन को अब क्रिटिकल सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलते। दिसंबर में कलेक्ट किए गए डेटा के अनुसार, सिर्फ करीब 58 फीसदी फोन ही फिलहाल सपोर्टेड Android वर्जन पर चल रहे हैं। Google ने यूजर्स को सलाह दी है कि अगर फोन Android 13 या उससे नए वर्जन पर अपडेट नहीं हो सकता, तो नए डिवाइस पर अपग्रेड करना बेहतर रहेगा।
  • Windows लैपटॉप बनाने वाले ब्रांड्स की बढ़ेगी टेंशन? Apple ला रहा है सस्ता MacBook, कीमत हुई लीक
    Apple जल्द ही एक नया एंट्री लेवल MacBook लॉन्च कर सकता है, जो कीमत के मामले में Windows लैपटॉप्स को सीधी टक्कर देगा। MirrorDaily की रिपोर्ट के मुताबिक, इस MacBook में iPhone 16 Pro सीरीज वाला A18 Pro चिप दिया जा सकता है और इसकी कीमत 699 से 799 डॉलर के बीच हो सकती है। परफॉर्मेंस के मामले में यह M1 MacBook Air के करीब बताया जा रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Apple अगले एक साल में इस मॉडल के लाखों यूनिट्स का ऑर्डर दे सकता है।

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