News Report

News Report - ख़बरें

  • 'Fake News है!' Nothing ने 12 मार्केट्स से बिजनेस बंद करने की खबर पर दिया करारा जवाब
    Nothing ने 12 देशों की मार्केट से एग्जिट करने की खबर को खारिज कर दिया है। Digit की ओर से एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कंपनी अपने वैश्विक विस्तार को सीमित कर रही है, कर्मचारियों की संख्या में कटौती कर रही है और आंतरिक वित्तीय दबाव का प्रबंधन कर रही है।
  • ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट से होगी कमाई? लेकिन पहले चुकाने पड़ सकते हैं ₹85 लाख
    फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Donald Trump की सोशल मीडिया कंपनी Trump Media & Technology Group (TMTG) 'Truth API' नाम की एक नई सर्विस पर काम कर रही है। यह सर्विस ट्रेडर्स और निवेशकों को Truth Social पर ट्रंप की पोस्ट सामान्य यूजर्स से कुछ मिलीसेकंड पहले दिखाएगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इसके लिए कंपनी हर महीने 1 लाख डॉलर (करीब ₹85 लाख) तक चार्ज कर सकती है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि इस तरह की तेज डेटा फीड हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग करने वाली कंपनियों के लिए उपयोगी हो सकती है।
  • यूरोप और अमेरिकी मार्केट छोड़ रहा है OnePlus? इस हफ्ते हो सकता है बड़ा ऐलान
    OnePlus को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि कंपनी यूरोप और अमेरिका के स्मार्टफोन बाजार से बाहर निकल सकती है। जर्मन पब्लिकेशन WinFuture के मुताबिक, OnePlus और Oppo इस हफ्ते अपनी ग्लोबल स्ट्रैटेजी में बदलाव का ऐलान कर सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि OnePlus की जगह Oppo यूरोप में अपनी मौजूदगी बढ़ा सकता है। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले भी OnePlus की ग्लोबल स्ट्रैटेजी और OxygenOS की जगह ColorOS अपनाने को लेकर कई रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं।
  • AI भी गर्मी की चपेट में? हीटवेव से डेटा सेंटर्स के लिए बढ़ा खतरा
    AI डेटा सेंटर तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन अब बढ़ती गर्मी और क्लाइमेट चेंज इनके लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। CNBC की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्य दिनों में डेटा सेंटर की करीब 40% बिजली सिर्फ कूलिंग में खर्च होती है और हीटवेव के दौरान यह जरूरत और बढ़ जाती है। एक स्टडी के अनुसार, दुनिया की 79% डेटा सेंटर क्षमता जलवायु संबंधी जोखिम वाले इलाकों में मौजूद है। इसी वजह से Microsoft, Nvidia और दूसरी टेक कंपनियां नए कूलिंग सिस्टम और डेटा सेंटर डिजाइन पर काम कर रही हैं, ताकि भविष्य में बढ़ते तापमान का असर कम किया जा सके।
  • अब WhatsApp पर भेज सकेंगे सीक्रेट टेक्स्ट, पढ़ने के बाद खुद गायब होगा मैसेज!
    WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म पर एक नए प्राइवेसी फीचर की तैयारी कर रहा है। WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी View-Once Text Messages फीचर पर काम कर रही है। इस फीचर की मदद से यूजर्स टेक्स्ट मैसेज को भी View Once मोड में भेज सकेंगे, जैसा कि फिलहाल फोटो, वीडियो और वॉइस नोट्स के साथ किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर्स Send बटन को लॉन्ग प्रेस करके "Send as view once" ऑप्शन चुन पाएंगे। इसके बाद रिसीवर मैसेज को सिर्फ एक बार ही देख सकेगा। यह फीचर अभी डेवलपमेंट स्टेज में है और फिलहाल किसी बीटा टेस्टर के लिए उपलब्ध नहीं है।
  • फोन नहीं, अब लैपटॉप-PC से चोरी हो रहे OTP और SMS! निशाने पर है ये Windows फीचर
    Cisco Talos की नई रिपोर्ट के मुताबिक, नया Windows मैलवेयर Microsoft Phone Link ऐप को निशाना बनाकर यूजर्स के SMS और OTP चुराने की कोशिश कर रहा है। यह हमला सीधे स्मार्टफोन को हैक नहीं करता, बल्कि Windows PC में सिंक हुए मैसेज और नोटिफिकेशन तक पहुंच बनाता है। रिपोर्ट के अनुसार, CloudZ नाम का रिमोट एक्सेस टूल और Pheno plugin मिलकर इस गतिविधि को अंजाम दे रहे हैं। यह मैलवेयर Phone Link से जुड़े प्रोसेस को पहचानकर एक्टिव सेशन खोजता है और फिर डेटा इकट्ठा करने की कोशिश करता है। एक्सपर्ट्स ने इसे SMS-बेस्ड ऑथेंटिकेशन के लिए नया खतरा बताया है।
  • भारत में स्पैम कॉल्स का कहर: 66% कॉल Spam, रोज 2-3 कॉल, दुनिया में 5वां स्थान!
    Truecaller की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया का पांचवां सबसे ज्यादा स्पैम कॉल झेलने वाला देश है। देश में स्पैम इंटेंसिटी 66% दर्ज की गई है, यानी हर तीन में से दो अनजान कॉल स्पैम हो सकती हैं। रिपोर्ट बताती है कि भारत में टेलीमार्केटिंग कॉल्स के साथ-साथ फ्रॉड कॉल्स भी तेजी से बढ़ रही हैं। हर दिन कई यूजर्स को 2–3 स्पैम कॉल्स मिलना आम हो गया है, जिससे अनजान नंबर पर भरोसा कम होता जा रहा है। यह ट्रेंड दिखाता है कि स्पैम अब सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि एक बड़ा कम्युनिकेशन इश्यू बन चुका है।
  • Android यूजर्स को बुरी लग सकती है ये रिपोर्ट, वफादारी में आगे निकले iPhone यूजर्स!
    एक रिपोर्ट के अनुसार iPhone यूजर्स की लॉयल्टी 2026 में 96.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पिछले कुछ सालों में बढ़ी है। वहीं Android यूजर्स की लॉयल्टी 86.4 प्रतिशत है और वे iPhone पर स्विच करने की संभावना ज्यादा रखते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि iOS एक्सपीरियंस और Apple का इकोसिस्टम यूजर्स को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि कुछ यूजर्स iPhone की ऊंची कीमत की वजह से Android की तरफ भी जाते हैं। Samsung की लॉयल्टी में भी इस दौरान बढ़ोतरी देखी गई है।
  • WhatsApp चैट लिस्ट होगी क्लीन, बिजनेस चैट्स जाएंगी अलग सेक्शन में!
    WhatsApp Android के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है, जो बिजनेस चैट्स को ऑटोमैटिकली अलग सेक्शन में ऑर्गनाइज करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, यह फीचर स्पैम और अनचाहे मैसेज को कम करने में मदद करेगा। यूजर्स 24 घंटे बाद बिजनेस चैट्स को अलग सेक्शन में शिफ्ट कर सकेंगे, जिससे मेन चैट लिस्ट ज्यादा क्लीन रहेगी। यह फीचर फिलहाल डेवलपमेंट में है और जल्द बीटा यूजर्स के लिए रोलआउट हो सकता है। इसके बाद इसे सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
  • BSNL ने पलटा गेम! इंटरनेट स्पीड और परफॉर्मेंस में Airtel और Jio को दी मात
    BSNL ने FY26 में फिक्स्ड-लाइन इंटरनेट सेगमेंट में Jio और Airtel को पीछे छोड़ पहला स्थान हासिल किया है। nPerf की रिपोर्ट के मुताबिक, BSNL ने 89,174 nPoints के साथ टॉप पोजिशन हासिल की, जबकि Airtel और Jio इससे पीछे रहे। BSNL ने अपलोड स्पीड, लेटेंसी और ब्राउजिंग एक्सपीरियंस में बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि Jio ने डाउनलोड स्पीड में बढ़त दिखाई। यह रिपोर्ट भारत के ब्रॉडबैंड मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दिखाती है।
  • WhatsApp, Telegram के बाद VPN पर वार, यूजर्स के लिए बढ़ी मुश्किलें!
    रूस में इंटरनेट कंट्रोल को और सख्त करने की तैयारी हो रही है, जहां सरकार अब VPN के इस्तेमाल को कम करने पर फोकस कर रही है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल मंत्री Maksut Shadayev ने कहा है कि VPN यूसेज को सीमित करने की योजना बनाई जा रही है। हाल के महीनों में रूस ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया और मोबाइल इंटरनेट पर भी कई बार रोक लगाई है। सरकार का कहना है कि ये कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण के लिए जरूरी हैं। हालांकि यूजर्स लगातार नए VPN का इस्तेमाल कर इन प्रतिबंधों को बायपास करने की कोशिश कर रहे हैं।
  • क्या OnePlus बंद हो रहा है? इन देशों में ऑपरेशन घटाने की खबर
    OnePlus को लेकर नए लीक में दावा किया जा रहा है कि कंपनी कुछ ग्लोबल मार्केट्स में अपनी मौजूदगी कम या बंद कर सकती है। टिप्स्टर Yogesh Brar के मुताबिक यह असर अमेरिका, यूके और यूरोप के कुछ हिस्सों में दिख सकता है, जबकि चीन में बिजनेस सामान्य रहेगा। भारत को लेकर कहा जा रहा है कि यहां कंपनी ऑपरेशन जारी रखेगी, लेकिन फोकस बजट और मिड-रेंज डिवाइसेस पर ज्यादा हो सकता है। हालांकि कंपनी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और पहले भी ऐसे दावों को खारिज किया जा चुका है।
  • सरकार का हर फोन में Aadhaar ऐप प्री-इंस्टॉल करने का प्लान! Apple-Samsung जैसे ब्रांड्स ने जताई आपत्ति
    Reuters की रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने Apple, Samsung और Google जैसी कंपनियों से Aadhaar ऐप को स्मार्टफोन्स में पहले से इंस्टॉल करने का प्रस्ताव दिया था। सरकार का मानना था कि इससे यूजर्स को बेहतर एक्सेस मिलेगा, लेकिन इंडस्ट्री बॉडी MAIT और कई कंपनियों ने इसका विरोध किया। उनका कहना है कि इससे प्रोडक्शन लागत बढ़ेगी और यूजर एक्सपीरियंस पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कंपनियों ने सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर भी चिंता जताई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रस्ताव आगे बढ़ेगा या नहीं।
  • AI स्कैम गैंग्स की हिट लिस्ट में भारत दूसरे नंबर पर, Meta की इस रिपोर्ट में सामने आया पूरा फ्रॉड गेम
    Meta की 2026 Adversarial Threat Report में बताया गया है कि ऑनलाइन स्कैम अब पहले से ज्यादा एडवांस हो चुके हैं और इनमें AI का बड़ा रोल है। स्कैमर्स अब फेक प्रोफाइल, डीपफेक और नेचुरल बातचीत के जरिए लोगों को आसानी से झांसा दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये ठगी अब एक पूरी इंडस्ट्री की तरह काम कर रही है, जिसमें अलग-अलग स्टेज पर प्लानिंग की जाती है। साउथईस्ट एशिया से ऑपरेट होने वाले बड़े स्कैम नेटवर्क्स भारत समेत कई देशों को टारगेट कर रहे हैं। इसके अलावा फेक रेंटल और फेक फ्यूनरल जैसे नए स्कैम भी सामने आए हैं।
  • UPI यूजर्स के लिए नया खतरा, ‘Digital Lutera’ से अकाउंट हाईजैक का दावा
    साइबर सिक्योरिटी फर्म CloudSEK की एक रिपोर्ट में “Digital Lutera” नाम के नए Android टूलकिट का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक यह टूलकिट Android सिस्टम में छिपकर काम करता है और UPI से जुड़े सिक्योरिटी सिस्टम को बायपास करने की कोशिश कर सकता है। इसमें LSPosed फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बिना ऐप को बदले उसके व्यवहार को प्रभावित किया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तकनीक के जरिए SIM बाइंडिंग प्रक्रिया में हस्तक्षेप, SMS डेटा इंटरसेप्ट और पहचान स्पूफिंग जैसी गतिविधियां संभव हो सकती हैं।

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