Alphabet ने 100 साल की अवधि वाला बॉन्ड जारी किया है, जो 2126 में मैच्योर होगा। कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े निवेश की तैयारी में है और इस कदम को उसके लंबे समय के भरोसे से जोड़ा जा रहा है।
Photo Credit: Reuters
Alphabet ने 100 साल की अवधि वाला बॉन्ड जारी किया
Google इस साल अपनी 28वीं एनिवर्सरी मनाने जा रहा है। 1998 में शुरू हुई यह कंपनी अब एक ऐसा कदम उठा रही है, जो यह संकेत देता है कि वह खुद को आने वाले कई दशकों तक मौजूद मानकर चल रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक Google की पेरेंट कंपनी Alphabet ने 100 साल की मैच्योरिटी वाले बॉन्ड जारी किए हैं, जो साल 2126 में जाकर पूरे होंगे। टेक इंडस्ट्री में इतनी लंबी अवधि के बॉन्ड कम ही देखने को मिलते हैं, इसलिए यह कदम चर्चा में है।
Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार Alphabet अलग-अलग करेंसी में करीब 20 अरब डॉलर जुटा रही है। रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया गया है कि कंपनी सात हिस्सों में बॉन्ड बेच रही है, जिनमें 100 साल की अवधि वाला बॉन्ड भी शामिल है। यह फंडिंग कंपनी की बड़े स्तर पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना का हिस्सा मानी जा रही है। Alphabet ने कुल मिलाकर 185 अरब डॉलर तक निवेश करने की योजना का संकेत दिया है।
AI को लेकर Google, Microsoft और Meta जैसी कंपनियां इसे एक बड़े बदलाव के रूप में देख रही हैं। उनका मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में टेक इंडस्ट्री और समाज दोनों को प्रभावित करेगा। इसी वजह से बड़े स्तर पर कैपिटल एक्सपेंडिचर की घोषणाएं हो रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल Google, Meta, Amazon और अन्य कंपनियां मिलकर करीब 660 अरब डॉलर तक खर्च करने की योजना में हैं, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 60 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि इतने बड़े निवेश को लेकर AI बबल की आशंकाएं भी उठ रही हैं।
निवेशकों की दिलचस्पी भी इस फंड रेजिंग में दिखी है। अनुमान है कि कुल इश्यू के लिए करीब 100 अरब डॉलर के ऑर्डर मिले, हालांकि यह आंकड़ा पूरे फंड रेजिंग से जुड़ा है, सिर्फ 100 साल वाले बॉन्ड से नहीं। कंपनी की मौजूदा फाइनेंशियल स्थिति मजबूत बताई जा रही है। 2025 में Alphabet ने रिकॉर्ड 400 अरब डॉलर का रेवेन्यू रिपोर्ट किया है और उसके पास करीब 127 अरब डॉलर का कैश रिजर्व है। पिछले साल नवंबर में भी कंपनी ने 17.5 अरब डॉलर जुटाए थे।
100 साल के बॉन्ड जारी करने वाली संस्थाओं की लिस्ट काफी छोटी है। University of Oxford, Wellcome Trust और फ्रांस की एनर्जी कंपनी EDF पहले इस तरह के बॉन्ड जारी कर चुकी हैं। 1993 में Disney ने भी सदी भर की अवधि वाले डॉलर बॉन्ड जारी किए थे। टेक सेक्टर में हालांकि डॉट कॉम क्रैश के बाद ज्यादातर कंपनियां इतने लंबे बॉन्ड से बचती रही हैं। ऐसे में Alphabet का यह फैसला इंडस्ट्री में एक अलग संकेत देता है कि कंपनी आने वाले लंबे समय के लिए खुद को तैयार मान रही है।
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