Google के नए Android डेटा के मुताबिक 40 फीसदी से ज्यादा फोन अब सिक्योरिटी अपडेट से बाहर हो चुके हैं।
Photo Credit: Unsplash/ Daniel Romero
Google के नए डेटा में Android फोन की सिक्योरिटी पर चिंता जताई गई
Google ने Android से जुड़ा नया डेटा जारी किया है, जो करोड़ों यूजर्स के लिए चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। कंपनी के लेटेस्ट Android distribution चार्ट के मुताबिक, दुनिया भर में इस्तेमाल हो रहे 40 प्रतिशत से ज्यादा Android स्मार्टफोन्स अब नए मैलवेयर और स्पाइवेयर अटैक्स के खतरे में हैं। वजह यह है कि इन डिवाइसेज को अब Google की तरफ से जरूरी सिक्योरिटी अपडेट्स नहीं मिल रहे हैं।
Google के जारी आंकड़ें (via 9to5Mac) बताते हैं कि दिसंबर में कलेक्ट किए गए डेटा में Android 16 सिर्फ 7.5 प्रतिशत फोन पर मौजूद था। वहीं Android 15 का शेयर 19.3 प्रतिशत, Android 14 का 17.9 प्रतिशत और Android 13 का 13.9 प्रतिशत बताया गया है। ये चारों Android वर्जन इसलिए अहम माने जा रहे हैं क्योंकि Google अब Android 12 और उससे पुराने वर्जन के लिए क्रिटिकल सिक्योरिटी फिक्स जारी नहीं करता। इसका मतलब यह है कि करीब 58 प्रतिशत Android फोन ही फिलहाल सपोर्ट के दायरे में हैं, जबकि 40 प्रतिशत से ज्यादा डिवाइस पूरी तरह असपोर्टेड हो चुके हैं।
Forbes की रिपोर्ट के मुताबिक, इसका सीधा असर एक अरब से ज्यादा यूजर्स पर पड़ रहा है, जिनके फोन अब नए सिक्योरिटी खतरों के सामने खुले हुए हैं। Google ने पहले ही दिसंबर में चेतावनी दी थी कि Android प्लेटफॉर्म पर नए स्पाइवेयर अटैक्स सामने आ रहे हैं और पुराने Android वर्जन चलाने वाले फोन इन खतरों से सुरक्षित नहीं हैं। इन डिवाइसेज के लिए अब कोई सिस्टम लेवल अपडेट उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब दूसरी तरफ Apple अपने यूजर्स को iOS 26 पर अपग्रेड करने के लिए पुश कर रहा है। हालांकि Apple के मामले में यह खतरा अस्थायी माना जा रहा है क्योंकि आने वाले महीनों में ज्यादातर iPhone यूजर्स लेटेस्ट वर्जन पर शिफ्ट हो जाएंगे। समान रिपोर्ट के मुताबिक, Apple के पास ऐसे iPhones की संख्या काफी कम है जो पूरी तरह सपोर्ट से बाहर हो चुके हों।
Android यूजर्स के लिए Google की सलाह साफ है। अगर किसी फोन में Android 13 या उससे नया वर्जन अपडेट नहीं हो सकता, तो यूजर्स को नए फोन पर अपग्रेड करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। कंपनी का मानना है कि एक पुराना फ्लैगशिप फोन, जिसे अब अपडेट नहीं मिलते, उससे बेहतर एक नया मिड रेंज फोन है जो लेटेस्ट Android वर्जन और सिक्योरिटी अपडेट्स को सपोर्ट करता हो।
हालांकि Google का यह भी कहना है कि पुराने फोन पूरी तरह बिना सुरक्षा के नहीं छोड़े गए हैं। कंपनी के मुताबिक, Google Play Protect अब भी Android 7 तक के डिवाइसेज को सपोर्ट करता है। इन फोन्स को लेटेस्ट सिक्योरिटी सिग्नेचर्स और रियल टाइम मैलवेयर स्कैनिंग का फायदा मिलता रहता है। फिर भी, सिस्टम लेवल सिक्योरिटी अपडेट्स की कमी की वजह से जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता।
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