Government Social Media

Government Social Media - ख़बरें

  • यूजरनेम फीचर को लेकर Telegram और Signal को भी सरकार ने दिया नोटिस 
    मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स Telegram और Signal को इस बारे में नोटिस जारी किए हैं। हाल ही में इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर भी सरकार ने उसके यूजरनेम फीचर उपलब्ध कराने के प्रपोजल को लेकर शिकंजा कसा था। इसके साथ ही सरकार ने वॉट्सऐप को इस मुद्दे पर विचार-विमर्श होने तक यह फीचर उपलब्ध नहीं कराने का निर्देश दिया था।
  • WhatsApp Username फीचर लॉन्च से पहले फंसा! सरकार को क्यों सता रही है बड़ी चिंता?
    WhatsApp इस साल के आखिर तक Username फीचर लॉन्च करने की तैयारी में है, लेकिन इससे पहले भारत सरकार इसके रोलआउट को लेकर कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार को चिंता है कि इस फीचर की मदद से फर्जी पहचान (Impersonation) और साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ सकते हैं। अगर जरूरत पड़ी तो डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए नया कानून भी लाया जा सकता है। दूसरी ओर, एक्सपर्ट्स का कहना है कि Username फीचर से मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत कम होगी, लेकिन इससे Name Squatting और फर्जी अकाउंट्स का जोखिम भी बढ़ सकता है।
  • भारत में Telegram को लगा झटका, कोर्ट ने बैन हटाने से किया इनकार
    टेलीग्राम की दलील थी कि सरकार ने इस रोक के लिए पर्याप्त कारण नहीं बताए हैं। हालांकि, इस दलील को भी कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। NEET की 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले परीक्षा से जुड़ी लीक की गई सामग्री के सर्कुलेशन पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने इस मैसेजिंग ऐप पर यह अस्थायी रोक लगाई है।
  • इस देश में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगा बैन....
    मलेशिया ने सोमवार से 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया को बैन कर दिया है। इस बैन के लागू होने के बाद मलेशिया में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आयु की पुष्टि से जुड़े सिस्टम को लागू करना होगा। इसके साथ ही 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एकाउंट बनाने पर रोक लगाई जाएगी। यह नियम कम से कम 80 लाख यूजर्स रखने वाले प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगा।
  • इस देश ने लगाया बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन....
    इंडोनेशिया में YouTube, TikTok, Instagram, Facebook, X और गेमिंग प्लेटफॉर्म Roblox सहित बहुत से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के एकाउंट्स पर रोक लगाई गई है। इन प्लेटफॉर्म्स को 16 वर्ष से कम आयु के यूजर्स का एक्सेस बंद करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, कुछ कम रिस्क वाले प्लेटफॉर्म्स को इस बैन से बाहर रखा गया है।
  • भारत के इस राज्य में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर लग सकती है रोक....
    राज्य में शिक्षण संस्थानों में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए इस तरह के नियम को लागू करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही कर्नाटक इस रोक के विभिन्न पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। इनमें इस उपाय के पालन की निगरानी का तरीका, इसे लागू करने के जरिए और एकेडेमिक उद्देश्यों के लिए छूट देना शामिल हैं।
  • WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट में कल होगी सुनवाई, CCI ने लगाई है 214 करोड़ रुपये की पेनल्टी
    कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी में कथित तौर पर गड़बड़ी की वजह से 213.14 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई थी। इसके खिलाफ वॉट्सऐप को ऑपरेट करने वाली अमेरिकी कंपनी Meta दाखिल की थी वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर कोर्ट ने पूछा था कि क्या देश के करोड़ों निर्धन और अशिक्षित लोग इसे समझ सकते हैं?
  • इंटरनेशनल टेक कंपनियों को करना होगा भारत के संविधान का पालन, सरकार ने दी हिदायत 
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर Ashwini Vaishnaw ने कहा कि Google के YouTube, Meta, माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X और Netflix जैसे बड़े टेक प्लेटफॉर्म्स को देश के संविधान के दायरे के अंदर ऑपरेट करना होगा। सोशल मीडिया पर आयु से जुड़ी लिमिट्स लगाने पर भी सरकार विचार कर रही है।
  • भारत मे सोशल मीडिया पर उम्र के आधार पर प्रतिबंध लगा सकती है सरकार! 
    पिछले महीने जारी किए गए वार्षिक इकोनॉमिक सर्वे में सरकार ने डीपफेक्स को एक चिंता बताया था। भारत में इंस्टाग्राम और फेसबुक प्रत्येक के 40 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। इन दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए यह सबसे बड़ा मार्केट है। देश में Snapchat के पास भी 20 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडलिंग के लिए भी भारत डेटा का एक महत्वपूर्ण सोर्स है।
  • AI से कंटेंट बनाने वाले सावधान! डीपफेक और AI वीडियो पर भारत सरकार की लगाम, यहां पढ़ें नए नियम
    सरकार ने Information Technology Rules में संशोधन कर AI-जनरेटेड कंटेंट को औपचारिक रूप से रेगुलेट किया है। 20 फरवरी से लागू होने वाले IT Rules 2026 के तहत “synthetically generated information” की परिभाषा तय की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब AI से बने कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा और यूजर्स से इसकी घोषणा भी लेनी होगी। टेकेडाउन और शिकायत निपटान की समयसीमा को काफी कम कर दिया गया है, जिसमें कुछ मामलों में कंटेंट हटाने का समय 2 घंटे तक सीमित किया गया है।
  • अमेरिका ने  H-1B वीजा के एप्लिकेंट्स के लिए शुरू की सोशल मीडिया स्क्रीनिंग 
    अमेरिका में स्टडी के लिए जाने वाले स्टूडेंट्स और एक्सचेंज विजिटर्स को वीजा देने से पहले उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल की पहले से स्क्रूटनी की जा रही है। स्क्रूटनी के इस दायरे में स्टेट डिपार्टमेंट ने H-1B और H-4 वीजा आवेदकों को भी शामिल किया है। अमेरिका के वीजा के सभी आवेदकों को उनके सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर प्राइवेसी सेटिंग्स को एडजस्ट कर 'पब्लिक' करने का निर्देश दिया गया है।
  • AI के लिए रिलायंस और Facebook ने हाथ मिलाया, 800 करोड़ रुपये से ज्यादा का इनवेस्टमेंट
    नई कंपनी की शुरुआत Reliance Intelligence की पूरी हिस्सेदारी वाली सब्सिडियरी के तौर पर की जाएगी और बाद में यह एक संशोधित ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट के तहत Facebook के साथ ज्वाइंट वेंचर बन जाएगी। दोनों कंपनियों के बीच हुए एग्रीमेंट में बताया गया है कि इसमें Reliance Intelligence की 70 प्रतिशत और फेसबुक की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
  • ई-कॉमर्स कंपनियों के कैश-ऑन-डिलीवरी पर चार्ज लगाने की सरकार कर रही जांच
    बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल Amazon भी कस्टमर्स की खरीदारी में एक फीस को शामिल करती है। एमेजॉन के सपोर्ट पेज पर बताया गया है कि यह सभी कस्टमर्स से 'एमेजॉन मार्केटप्लेस फीस' के तौर पर 5 रुपये लेती है। ई-कॉमर्स कंपनियों की जांच करने का फैसला यह संकेत दे रहा है कि इनके जरिए खरीदारी करने पर कस्टमर्स को जल्द ही अधिक पारदर्शिता दिख सकती है।
  • भारत में TikTok पर बैन बरकरार, कंपनी ने अनुमति मिलने से किया इनकार
    मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) ने कुछ वर्ष पहले राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा की प्राइवेसी को लेकर आशंकाओं की वजह से इस चाइनीज ऐप पर बैन लगाया था। टिकटॉक के प्रवक्ता ने एक स्टेटमेंट में पुष्टि की है कि भारत में इस शॉर्ट वीडियो ऐप पर प्रतिबंध बरकरार है। इससे पहले भी इस ऐप से बैन हटाए जाने की अफवाह उठ चुकी है
  • BSNL की 5G सर्विस को मिला टाइटल, जल्द हाई-स्पीड नेटवर्क लॉन्च करने की तैयारी
    BSNL ने बताया है कि उसकी 5G सर्विस को Q-5G कहा जाएगा। इसमें Q का मतलब Quantum से है। कंपनी ने कहा कि यह टाइटल पावर, स्पीड और कंपनी के भविष्य के 5G नेटवर्क का संकेत है। BSNL की अपने 4G नेटवर्क को भी मजबूत बनाने की तैयारी है। इसके लिए कंपनी एक लाख अतिरिक्त टावर्स लगा सकती है। इस महीने की शुरुआत में BSNL ने देश भर में एक लाख 4G टावर्स लगाने का कार्य पूरा किया था।

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