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Government Data - ख़बरें

  • Digital Arrest में ₹4 हजार करोड़ से ज्यादा गंवा चुके हैं भारतीय, आप भी भूलकर न करें ये गलतियां
    भारत में Digital Arrest Scam तेजी से बढ़ता साइबर अपराध बन गया है। सरकार के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, 2022 से मई 2026 के बीच इस तरह की ठगी से जुड़े 2.97 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए और लोगों को 4,057.7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ठग खुद को पुलिस, CBI, ED या दूसरी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं और उनसे पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। साइबर क्राइम एजेंसियां साफ कर चुकी हैं कि भारत में Digital Arrest जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल पर सतर्क रहना जरूरी है।
  • Census 2027: जनगणना के नाम पर स्कैम का खतरा, यहां जानें 33 सवालों की पूरी लिस्ट
    Census 2027 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं और पहले फेज में पूछे जाने वाले 33 सवालों की लिस्ट सामने आ गई है। इस चरण में घर, सुविधाओं और परिवार से जुड़ी बेसिक जानकारी ली जाएगी। साथ ही इस बार self-enumeration की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे लोग खुद ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे। हालांकि, जनगणना के दौरान फ्रॉड का खतरा भी बढ़ सकता है, जहां ठग फर्जी कॉल या लिंक के जरिए जानकारी निकालने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग असली प्रक्रिया को समझें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सतर्क रहें।
  • India Census 2027: शुरू हो रही जनगणना, ऑनलाइन फॉर्म से लेकर जरूरी तारीखों तक, यहां समझें सबकुछ
    भारत की Census 2027 पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें self-enumeration का नया फीचर जोड़ा गया है। इसके जरिए नागरिक खुद ऑनलाइन अपनी फैमिली और पर्सनल डिटेल्स भर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया तेज और सटीक बनती है। यह सुविधा अप्रैल 2026 से Phase I के तहत अलग-अलग राज्यों में शुरू होगी। जनगणना दो चरणों में होगी, जिसमें पहले घर और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी और दूसरे चरण में व्यक्ति से जुड़ी डिटेल्स ली जाएंगी। सरकार के मुताबिक सभी डेटा सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड रहेगा।
  • सरकार के 16.68 लाख ईमेल Zoho क्लाउड पर शिफ्ट, 180 करोड़ आया खर्च!
    केंद्र सरकार ने अपने आधिकारिक ईमेल सिस्टम को अपग्रेड करते हुए करीब 16.68 लाख ईमेल अकाउंट्स को Zoho के क्लाउड-बेस्ड प्लेटफॉर्म पर माइग्रेट कर दिया है। MeitY के मुताबिक इस प्रक्रिया पर अब तक 180.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह माइग्रेशन NIC के जरिए किया गया और इसका उद्देश्य एक सुरक्षित और sovereign ईमेल सिस्टम तैयार करना है, जिसमें डेटा का पूरा नियंत्रण सरकार के पास रहे। प्रति यूजर ईमेल अकाउंट की लागत 170 से 300 रुपये प्रति माह के बीच है, जो स्टोरेज कैपेसिटी पर निर्भर करती है।
  • WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट में कल होगी सुनवाई, CCI ने लगाई है 214 करोड़ रुपये की पेनल्टी
    कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी में कथित तौर पर गड़बड़ी की वजह से 213.14 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई थी। इसके खिलाफ वॉट्सऐप को ऑपरेट करने वाली अमेरिकी कंपनी Meta दाखिल की थी वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर कोर्ट ने पूछा था कि क्या देश के करोड़ों निर्धन और अशिक्षित लोग इसे समझ सकते हैं?
  • ChatGPT मेकर OpenAI ने टाटा ग्रुप से हाथ मिलाया, भारत में बनेगा AI डेटा सेंटर
    भारत में AI डेटा सेंटर बनाने के लिए इस अमेरिकी कंपनी ने Tata Group के साथ पार्टनरशिप की है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के HyperVault डेटा सेंटर बिजनेस की पहली कस्टमर OpenAI है। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर मेकर TCS ने AI से जुड़े सॉफ्टवेयर डिवेलपमेंट के लिए OpenAI के Codex का इस्तेमाल करने की तैयारी की है।
  • सुप्रीम कोर्ट की WhatsApp को चेतावनी, 'कानून नहीं मानना तो भारत से बाहर जाएं'
    यह याचिका कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की ओर से लगाए गए 213 करोड़ रुपये के जुर्माने को कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल की ओर से बरकरार रखने के खिलाफ दायर की गई है। इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने व्यावसायिक उद्देश्य के लिए यूजर से जुड़े डेटा को शेयर करने की पॉलिसी की निंदा की है।
  • सरकार मांग रही है मोबाइल का सोर्स कोड? Apple-Samsung ने जताई नाराजगी
    भारत सरकार स्मार्टफोन सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए नए नियमों पर विचार कर रही है, जिसके तहत Apple और Samsung जैसी कंपनियों से मोबाइल सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड एक्सेस मांगा जा सकता है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार करीब 83 नए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड लागू करने की तैयारी में है। इनमें बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट की जानकारी पहले देने और कुछ सिस्टम लेवल बदलाव भी शामिल हैं। टेक कंपनियों का कहना है कि ऐसा करने से उनकी प्रॉप्रायटरी टेक्नोलॉजी और यूजर प्राइवेसी को खतरा हो सकता है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर सरकार और कंपनियों के बीच बातचीत जारी है।
  • इंश्योरेंस से जुड़े स्कैम को रोकने के लिए TRAI ने लागू किया नया रूल
    इस रूल के तहत, इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) की ओर से रेगुलेटेड सभी एंटिटीज को सर्विस और ट्रांजैक्शन से जुड़ी कॉल्स के लिए '1600' सीरीज के नंबर्स का इस्तेमाल करना होगा। इसका उद्देश्य वैध सर्विस और ट्रांजैक्शंस से जुड़ी कॉल्स की पहचान करना है। लगभग 570 एंटिटीज ने नई नंबरिंग सीरीज का इस्तेमाल शुरू किया है।
  • भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर में 1.5 लाख करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट करेगी Microsoft 
    इस वर्ष की शुरुआत में देश में माइक्रोसॉफ्ट ने क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अगले दो वर्षों में तीन अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट करने की जानकारी दी थी। अगले पांच वर्षों में देश में लगभग एक करोड़ लोगों को यह AI से जुड़े स्किल्स की ट्रेनिंग देगी। भारत में माइक्रोसॉफ्ट के पास 22,000 से अधिक वर्कर्स हैं। कंपनी के गुरूग्राम, नोएडा, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और कुछ अन्य शहरों में ऑफिस हैं।
  • भारत में स्मार्टफोन लोकेशन ट्रैकिंग के प्रपोजल के खिलाफ Apple और Samsung
    इस प्रपोजल को लेकर कुछ बड़ी स्मार्टफोन कंपनियों ने आपत्ति जताई है। केंद्र सरकार को यह प्रपोजल सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने जून में दिया था। इस प्रपोजल में कहा गया था कि स्मार्टफोन यूजर्स की लोकेशंस तभी उपलब्ध कराई जानी चाहिए जब ऑलवेज-ऑन स्मार्टफोन लोकेशन ट्रैकिंग को अनिवार्य किया जाए।
  • स्मार्टफोन्स में प्री-इंस्टॉल्ड नहीं होगा Sanchar Saathi ऐप, सरकार ने वापस लिया ऑर्डर
    विपक्षी दलों ने सरकार के इस आदेश का कड़ा विरोध किया था। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कहा था कि इससे नागरिकों के प्राइवेसी से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन होगा और इस ऐप का इस्तेमाल लोगों की जासूसी करने के लिए हो सकता है। हालांकि, इस विवाद के बाद टेलीकॉम मिनिस्टर Jyotiraditya Scindia ने बताया था कि स्मार्टफोन्स में इस ऐप को डिलीट किया जा सकेगा।
  • क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए सायबर क्रिमिनल्स ने खपाई 600 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम, होम मिनिस्ट्री का खुलासा
    पिछले वर्ष की शुरुआत से इस वर्ष सितंबर तक सायबर क्रिमिनल्स ने कम से कम 27 क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए लगभग 624 करोड़ रुपये की गैर कानूनी रकम को खपाया है। होम मिनिस्ट्री के तहत आने वाले इंडियन सायबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के रिकॉर्ड्स से पता चला है कि 2024-2025 के दौरान अपराध से मिली 25 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को 12 विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए ट्रांसफर किया गया है।
  • भारत का 2028 में चंद्रयान-4 लॉन्च करने का टारगेट
    केंद्र सरकार ने चंद्रयान-4 मिशन के लिए स्वीकृति दे दी है। इस मिशन में चंद्रमा से सैम्प्ल को लाया जाएगा। यह देश का सबसे जटिल लूनर मिशन होगा। इससे पहले अमेरिका, चीन और रूस ने चंद्रमा से सैम्प्ल लाने की क्षमता को प्रदर्शित किया है। Chandrayaan-4 मिशन को 2028 में लॉन्च करने का टारगेट है। ISRO की योजना अगले तीन वर्षों में स्पेसक्राफ्ट के मैन्युफैक्चरिंग की अपनी कैपेसिटी को तिगुना करने की है।
  • गगनयान मिशन में हुई बड़ी प्रगति, ISRO ने किया क्रू मॉड्यूल के लिए पैराशूट टेस्ट
    ISRO ने यह टेस्ट उत्तर प्रदेश में झांसी की बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में किया है। इसमें भारतीय वायु सेना के IL-76 एयरक्राफ्ट से 2.5 किलोमीटर की ऊंचाई से लगभग 2.5 टन के क्रू मॉड्यूल को गिराया था। क्रू मॉड्यूल के नीचे उतरने पर पैराशूट सिस्टम बिना किसी मुश्किल के खुला जिससे इसकी वास्तविक मिशन के दौरान अत्यधिक मुश्किल स्थिति को संभालने में इसकी क्षमता साबित हो गई है।

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